जड़ें, जोड़े रखती हैं हमें
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)************************************ मनुष्य का सबसे पहला संसार उसका परिवार होता है। यहीं से वह बोलना और चलना ही नहीं, जीना भी सीखता है। परिवार केवल खून का रिश्ता नहीं है, यह नैतिकता की पहली प्रयोगशाला है, जहाँ प्रेम बीज की तरह बोया जाता है और विश्वास वटवृक्ष की तरह पनपता है। आज जब … Read more