पंछियों की उड़ान तले
संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* इन दिनों गाँव की यात्रा पर हूँ। असमय हुई धुआँधार बारिश के चलते मौसम खुशमिजाज-सा बन चला है। जहां इस समय मई में लू की लपटें चला करती थी, सब दूर रेगिस्तान-सा नजारा बन जाता था, नदियाँ, झील, पोखर, तालाब आखरी साँस गिनते नजर आते थे और सबको बारिश का इंतजार … Read more