साजन का प्यार
ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** भर रखी आँचल में अपनी सुरमई-सी स्वर्ण शामें।कर रही श्रंगार सजना नेह गहनों के बहाने। घोल तेरी प्रीत तन पर तनिक-सा उबटन लगा लूँ,इत्र तेरे देह का जल में मिला जी भर नहा लूँनैन दर्पण देख तेरा मैं करूँ श्रंगार सजना,सज पिया सजनी निहारे चित्त में अनुराग बाँधे।कर रही श्रंगार… घाघरा-चोली रँगी … Read more