दीपदान

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* दीपावली पर्व स्पर्धा विशेष …… दीप जले घर आँगना सुंदर हो त्योहार,द्वेष कपट सब त्याग कर सुखी करें संसार।प्रेम भाव के तेल से जीवन बने उजास-दु:ख से ना हो सामना फैले निसदिन प्यार॥ प्रेम भाव को थाम कर नव भर दें उल्लास,दीन-दुखी के साथ चल जीतें नव विश्वास।हृदय भाव से जो … Read more

मांग रही बेटी स्नेह

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** पावन सदा दीप-सी बाती,प्रेम की सरस झरती मेह,आँगन की चिड़िया है बेटी,वो उड़ जाती पराय गेह।नियम-कायदे में हम सारे,रिवाज़ रोक नहीं सकते-होता मन मायके देहरी,चलती वह ससुराल सदेह॥ कन्या पूजन इस भू होती,इसमें नहीं कोई संदेह,बेटी दिवस की जरूरत को,सोच-समझ ना करें कलह।कई सौ वर्षों आक्रांताओं,लड़ते पुरुष संख्या हुए क्षीण-स्त्री लूट ले जाते … Read more

भारत के लाल

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** भारत माँ के बहादुर लाल,था किया जिन्होंने उच्च भाल।मुगलसराय में जन्म लिये जो-यह देश बचाया बने ढाल॥ सादा तन-मन उच्च विचार,लिया देश का पूर्ण प्रभार।प्रधानमंत्री द्वितीय बनकर,पाक सैन्य बल पटका पार॥ मात्र अठारह माह दिखाया,बन पीएम अकाल मिटाया।पराक्रमी दृढ़ प्रण प्रतिपालक-भारत का सम्मान बढ़ाया॥ सीधा-साधा जन्म बिताकर,गरीब घर में जीवन पाकर।खोया … Read more

महिमा भारत भूमि अपार

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** प्रति क्षण व्रत तथा त्यौहार,मिलकर हम मनाते हैं,महिमा भारत भूमि अपार,आज ऋषि गुण गाते हैं।पंचमी कर नारी घर द्वार,अशुद्धि से शुचिता पाती-ऋषि व्रत की कह कहानी सार,जिसे हम मिल गाते हैं॥ उन श्रेष्ठ सप्त ऋषियों स्मृति रख,स्वयं ऊर्जा शासित है,साधना से धूसर आकाश,तप-दीप्त प्रकाशित है।वामदेव,विश्वामित्र,वशिष्ठ,शौनक कण्व,द्वाज,अत्रि-तप सगुण ज्ञान तारा मंडल,श्रेष्ठ वन्दित,वासित है॥ परिचय–ममता … Read more

बापू को चिट्ठी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** बापू लिख रहा चिट्ठी आज,तुमको अपने देश के काज।स्वच्छ शांति सेवा शिक्षा से-भी ना बदले स्वदेश आज॥ कोई धरना रैली करते,देश लूटने आतुर होते।सरकारी हड़ताली बनकर,काम नहीं पर दाम चाहते॥ देश भक्ति व देश प्रेम का,झंडारोहण माल्यार्पण का।,मात्र दिखावा और छलावा-ढोल पीटकर जयकारा का॥ चरखा टूटा बकरी खाई,सेवाग्राम घास उग आई।सन्मति … Read more

हिंदी हिन्द की पहचान

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. सरल सहज सुगम भाषा,वो बोली हिंदी है,सौम्य और सुबोध आशा,वो बोली हिंदी है।आत्मीय अभिव्यक्ति है उसका प्राण-सुंदर और सभ्य परिभाषा,वो बोली हिंदी है॥ संस्कृति संस्कार की वो एक फुलवारी है,हिंदी बहुत मधुर भाषा,वो तो जग से न्यारी है।भारत लाड़ली वीरता की है गौरवगाथा-हिंदी हृदय की … Read more

देवतुल्य पूर्वज हमारे

सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************* पितृ पक्ष विशेष… प्यार कभी कम नहीं करते,सदा बरसाते हैं नेह,वरदहस्त सदा रखते हैं,रखते हैं वो स्नेह।देव तुल्य पूर्वज हमारे,शत-शत तुम्हें नमन-कृपा दृष्टि सदा रखना,स्वस्थ रखना देह॥ भाव पूर्ण स्तुति करूँ,जोडूँ मैं दोनों हाथ,सर्वप्रथम तुम्हें मनाऊँ,चरण झुकाऊँ माथ।भूल न जाना बच्चों को,रहना सदा तुम पास-दु:ख-संकट दूर करना,देना हमारा साथ॥ परिचय-सुखमिला अग्रवाल का … Read more

हिंदी भाषा जैसे कोई राजदुलारी

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* हिंदी दिवस विशेष…. हिंदी लगती बड़ी ही प्यारी है,हिंदी सारे जग से न्यारी है।विश्व में हिंदी का परचम लहराये-हिंदी भाषा जैसे राजदुलारी है॥ चहुँओर ही हिंदी का गुणगान है,यह भाषा तो बहुत ही महान है।ज्ञान विज्ञान वेद शास्त्र संस्कृति-यह भाषा मानो रत्नों की खान है॥ बहुत मीठी-सी यह इक़ बोली है,बहुत कठोर-सी … Read more

सम्पूर्ण व्यक्तित्व दर्शाया जगत को

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* जन्माष्टमी विशेष….. करावास में जन्म लिया और कंस का नाश किया,भागवतगीता दिया उपदेश,कौरवों का भी विनाश किया।रच कर रासलीला भी तुम तो निच्छल प्रेम-प्रतीक बने-लेकर अवतार विष्णु द्वापर में सृष्टि नवविन्यास किया॥ बने गोवर्धनधारी वृंदावन को बचाया इंद्रवर्षा से,बन कर भी द्वारिकाधीश मिले सुदामा को हर्षा से।अखिल ब्रह्मांड आलोकित हुआ प्रेम व्यवस्था … Read more

एक धागे में वचनबद्धता का संसार

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* रक्षाबंधन विशेष……… नहीं खंडित हो कभी,ये भाई-बहन का प्यार,विस्तार तो है अनंत इसका,महिमा भी अपरम्पार।स्नेह-प्रेम का बंधन यह नहीं,केवल एक रक्षासूत्र-बस एक धागे में पिरो दिया,वचनबद्धता का संसार॥ भाई-बहन के प्रेम स्नेह,का प्रतीक है रक्षाबंधन,एक सूत्र की ताकत का,ये यकीन है रक्षाबंधन।सदियों से यही इक विश्वास,चलता चला आया है-इसी अटूट बंधन की … Read more