कृष्ण

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** वो सुंदर सलोना प्यारा श्याम है। ब्रज में रहता उसका ही धाम है। वो गोकुल की गलियां भी उसकी है, मोहन,राधे कृष्ण उसका ही नाम है। मोर मुकुट से सजा मुखड़ा और प्यारा। गोपियों के प्रेम में जग उसका सारा। आँखों में काजल सांवला रंग उसका, कान्हा की सुंदरता से जग … Read more

माँ

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* माँ तेरा प्यार सरसता देता। जो दु:ख को नीरस कर देता। आते ही स्मरण माँ तुम्हारा- जग के दारुण दु:ख हर लेता। कैसे तेरा प्यार भुलाऊँ। कैसे तेरा ऋण चुकाऊँ। तेरे चरणों में है माँ- मैं अपना शीश झुकाऊँ। माँ मुझको आशीष अमर दो। त्रुटि मेरी क्षमा अब कर दो। … Read more

गुलशन

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** महका-महका वो ये गुलशन है। जहाँ फूल खिल जायें वो मन है। जहाँ फूल खिलते खुशबू आती, मेरा दिल का आंगन उपवन है। गंध की फिजाओं में बहार है। प्यार की इस गुलशन में धार है। इस प्रेम की वर्षा से महकता, जीवन सबका आज हर बार है। रिश्तों का प्यारा … Read more

हम सब योग अपनाएं

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष……………. आओ भारत की संस्कृति का गौरव गान करें। ऋषि-मुनियों की इस परम्परा का बखान करें। योग को पूरी दुनिया ने अब अपना ही लिया, आज योग को मिलकर सारा हिन्दुस्तान करे। स्वस्थ बनने के लिए हम सब योग अपनाएं। योग से रोग मिटा कर खुद को स्वस्थ … Read more

शरण न जाने कहां पाए तन…

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी दिवस विशेष……….. जीवन का यह कटु परिवर्तन, विवशता कर रही नग्न नर्तन। सब-कुछ ना चाह कर भी त्यागा, और त्यागे सब घर के बर्तनl शरण न जाने कहां पाए तन, अनिश्चित-सा रहता व्याकुल मन। सब-कुछ होने पर भी उर तरसे, छोड़ दिया सब जब अपना धन। शरणार्थी हो … Read more

संस्कार के बीज

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** दर्पण कितने बदले तुमने,चेहरे को तुम बदल न पाए। नेेह-स्नेह के भाव कहो क्यूँ,अब तक तुममें मचल न पाए। चाँद-सा चेहरा भोली सूरत,दर्शन में बड़े सुहाने हो। इस माटी में संस्कार के,बीज कहो क्यूँ पल न पाए। परिचय-ओमप्रकाश अग्रवाल का साहित्यिक उपनाम ‘बबुआ’ है।आप लगभग सभी विधाओं (गीत, ग़ज़ल, दोहा, … Read more

आशिक जमाना कह रहा है….

पारस गुप्ता  ‘शायर दिल से’  चन्दौसी(उत्तर प्रदेश) ********************************************************* दिल्लगी के,दौर में अब,कौन नफरत,कर रहा है… इश्क़ पढ़कर,इश्क़ लिखकर,इश्क़ में जी,मर रहा है… लुट रहा वो,मिट रहा इक,बेवफा के,प्यार में क्यूँ… आजकल पागल को आशिक ये ज़माना कह रहा है…। परिचय-पारस वार्ष्णेय का साहित्यिक उपनाम-पारस गुप्ता ‘शायर दिल से’ है। १९९४ में ६ दिसम्बर को चन्दौसी … Read more

आजाद पंछी था मैं,मगर..

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** खूबसूरत बला क्यों मेरी हो गईl फूल से फूलकर फुलझड़ी हो गईl एक आजाद पंछी था मैं भी मगर- हाथ क्या दे दिया,हथकड़ी हो गईl परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर(उत्तर प्रदेश)है। वर्तमान में भी कुशीनगर … Read more

लम्हें

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** वो बीते लम्हें बहुत याद आते हैंl भूलना चाहते पर भूल न पाते हैं। उन बातों का दिल पर आज इतना असर- उन लम्हों को गीत-ग़ज़ल में गाते हैंl परिचय–मोहित जागेटिया का जन्म ६ अक्तूबर १९९१ में ,सिदडियास में हुआ हैl वर्तमान में आपका बसेरा गांव सिडियास (जिला भीलवाड़ा, राजस्थान) हैl … Read more

भाईचारा

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* हार-जीत का वोट युद्ध था, कोई जीता-कोई हारा। दल दलदल को भूल सखे अब, अपना लो भाईचारा। जीत किसी की नहीं चुनावी, यह तो जनमत जीता है। राष्ट्रप्रेम का भाव जगा है। देख रहा है जग सारा। हार नहीं है यह विपक्ष की, यह तो बस गठबंधन हारा। जाति-धर्म अरु क्षेत्रवाद … Read more