वक़्त के साथ
धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************************* है वक़्त नहीं कि कुछ कहा जाए,तो वक़्त यही कि सब कुछ सहा जाएहै वक़्त वही कि सब मिटा दिया जाए,वो वक़्त नहीं जिसे बदल दिया जाए। है वक़्त के लिए कभी हारना भी जरूरी,है अपने-आपको कभी मिटाना भी जरूरीहै दु:ख-कष्ट को कभी अपनाना भी जरूरी,है उस वक्त को कभी … Read more