द्विमुख चेहरे
कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** मुझसे ही बातों की माला पिरोने का वादा करते,मुझे ही अपना संसार बताने का दावा करतेसच्चाई की छाया बन साथ चलने की बातें करते,और मुस्कानों के पीछे दूसरा मार्ग चुन लेते। “तुम ही मेरा विश्व हो” कहकर जताते अपनापन,पर दुनियाभर से भी रखते सम्बंधमुझे अनजान रखकर किसी और की चौखट … Read more