कुछ ना कह सका
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आँखों में शब्दों को भरकर, होंठों तक भावों को लाया,धड़कन थम-सी गई अनहोनी, स्वर ख़ुद को भीतर रुकवायामन का दीप जलाकर भीतर, अनकही विचारों की पीड़ा,चुप्पी की ओटों में रखकर, जो यथार्थ सच दफ़नाया। मन कहने को बहुत सँजोया, दशा-दिशा पल भर में तोड़ा,डर ने राहों रोक दिया तो, … Read more