यही वो लोग हैं
गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** यही वो लोग हैं जो तुझको भुला देंगे इक दिन,यही वो लोग हैं जो पलकों से गिरा देंगे इक दिन। आज खुश है तू परिंदों की दस्तक से यहाँ,छोड़ के जायेंगे तो वीरान बना देंगे इक दिन। किनारे मिट्टी के हैं और सैलाब का खतरा भी है,ना जाने कब किसका मकान … Read more