सद्भावना के दीप जलाएँ
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नफ़रत नहीं प्रेम करो, अन्धकार नफ़रती अमावस आएँ मिल हम दूर भगायें,शान्ति प्रेम और सद्भावना, समरसता के दीप जलायेंसोचें कितना लघुतर दुर्लभ मानव जीवन पाया हमने,छल-प्रपंच मन राग-द्वेष तम, प्रेम दीप हम चलो जलायें। बहता शोणित लाल रंग सम, जाति धर्म हो कोई चाहे,मानवीय मूल्यों घृत लिपटे, नैतिकता हम … Read more