इंतज़ार है…
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** दुआएँ करते हैंघर में किलकारी सुनाई दे,जन्म लेता है जब घर में कोईतुतलाहट बोली मेंहम हो जाते हैं बच्चों के संग बच्चे,उन्हें अपने हाव-भाव सेहँसाने का प्रयत्न करते हैं। हर धर्म की माँ उसेखिलाती-प्यार करती,और गोद में ले जाती कभी इस घरकभी उस घर,इससे हो जाता घरों में सुखद वातावरण। एक … Read more