काश! प्राचार्य होता!
डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** काश! मैं किसी कॉलेज का प्राचार्य होता-बस एक डिग्री फ्री रजिस्ट्रेशन भरने की बजाय पावर-पैक खाता हाथ में होता। यह पद केवल ‘शैक्षणिक जिम्मेदारी’ नहीं, बल्कि एक लाइफ-स्टाइल लाइसेंस होता, जो सुबह से शाम तक प्राचार्य स्टाइल में बिताने की अनुमति देता। कॉलेज में क्लास रूम की घंटी छात्रों के लिए … Read more