अरावली:अस्तित्व की लड़ाई

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** अरावली पर्वत श्रृंखला की नई परिभाषा को लेकर उठा विवाद अब जन-आन्दोलन का रूप ले रहा है। इसी के अन्तर्गत अरावली बचाओ की चिन्ता-यह केवल भावनात्मक आह्वान नहीं, बल्कि भारत के पर्यावरणीय भविष्य की जीवनरेखा है। गुजरात से लेकर दिल्ली तक फैली अरावली पर्वतमाला पृथ्वी की प्राचीनतम पर्वत श्रृंखलाओं में से एक … Read more

मेरी ‘प्रतीक्षा’ को अनंत कर गई सरल व्यक्तित्व

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** ‘नित्य संदेश’ समूह की स्वामी, मुद्रक एवं प्रकाशक सदा लियाकत जी (मेरठ) का हृदयाघात से अचानक चले जाना केवल नित्य संदेश मीडिया कम्यूनिकेशन की क्षति नहीं है, बल्कि उस ममतामयी छाया का उठ जाना है, जिसने परदे के पीछे रहकर पत्रकारिता के स्तम्भ लियाकत मंसूरी को इतनी मजबूती दी … Read more

२ महीने की छुट्टियों में ऐसा करें…

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** विद्यालयों में गर्मियों में २ महीने की छुट्टियाँ होती हैं। बच्चे बड़े खुश होते हैं, कि अब पढ़ाई से छुटकारा मिलेगा। सवेरे देर तक सोएंगे, आराम से नहाएंगे, खाएंगे और सारा दिन टी.वी. देखेंगे। माताएं परेशान कि अब छुट्टियों में बच्चों की धमा-चौकड़ी और चीख पुकार से उन्हें कैसे निजात मिलेगी। कुछ … Read more

भारत की पारंपरिक चिकित्सा की रोशनी में विश्व-स्वास्थ्य

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** आज की दुनिया गहन और बहुआयामी स्वास्थ्य संकटों से गुजर रही है। एक ओर जीवन-शैली से जुड़ी बीमारियाँ, मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और असंतुलन तेजी से बढ़ रहे हैं, तो दूसरी ओर संक्रामक रोग, महामारी व पर्यावरणीय विषमताएँ मानव जीवन को निरंतर चुनौती दे रही हैं। इन परिस्थितियों के बीच यह स्पष्ट … Read more

उपभोक्ता शोषण राष्ट्र की सामूहिक चेतना पर आघात

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (२४ दिसम्बर) विशेष…. ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस’ केवल उपभोक्ताओं से जुड़ी तारीख मात्र नहीं है, बल्कि यह उस मौलिक सत्य की स्मृति है कि किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संतुलन और नैतिक स्वास्थ्य का केंद्र बिंदु उपभोक्ता ही होता है। उपभोक्ता वह व्यक्ति है, जो अपने परिश्रम की कमाई … Read more

अकेले हैं तो क्या गम है

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “माई डियर लेखिका पत्नी, आज शाम को सरप्राइज पार्टी है”, सजल ने प्यार से उन्हें अपने आगोश में लेकर चूम लिया था। “शाम को तैयार रहना… मैं गाड़ी भेज दूँगा,बाय…” कहते हुए वह ऑफिस चले गए।आज सरप्राइज पार्टी सजल क्यों दे रहे हैं…! न बर्थ-डे है, न ही एनिवर्सरी। वह काफी देर … Read more

अमीरी की जीवन-शैली से गरीब की त्रासदी

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आज जिस घातक पर्यावरण संकट से गुजर रही है, वह केवल एक शहर की समस्या नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है। विडम्बना यह है कि इस संकट के नाम पर जो तात्कालिक उपाय लागू किए जाते हैं, उनका सबसे बड़ा खामियाजा वही तबका भुगतता है, … Read more

व्यक्ति में आत्म-नियंत्रण जरूरी

कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* आज का समाज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ बाहरी स्वतंत्रता तो बढ़ी है, पर आंतरिक अनुशासन लगातार कमजोर होता जा रहा है। मनुष्य के मन, मस्तिष्क, वाणी, कर्म और व्यवहार पर उसका स्वयं का नियंत्रण कम और बाहरी तत्वों का प्रभाव अधिक दिखाई देता है। यह स्थिति केवल … Read more

भविष्य की राजनीति का स्पष्ट संकेत है भाजपा में युवा नेतृत्व

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारतीय राजनीति में लंबे समय से जिस क्षण की प्रतीक्षा थी, वह अब एक निर्णायक मोड़ पर आ खड़ी हुई है। दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय नेतृत्व की बागडोर युवा हाथों में सौंपने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नितिन नबीन को पार्टी का … Read more

बहुत कुछ कहता है ‘राष्ट्रीय ध्वज’

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** राष्ट्रीय चिह्न किसी भी देश की पहचान होते हैं। इन चिन्हों में देश का ध्वज उस देश की प्रमुख पहचान होता है। हम सब भारत वासियों में अपने राष्ट्रीय ध्वज के लिए आदर एवं निष्ठा है, पर हम इसके इतिहास के विषय में नहीं जानते। पहले इस झंडे का स्वरूप कैसा था, … Read more