रचना का हस्ताक्षर

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* साहित्य के क्षेत्र में किसी भी रचना का हस्ताक्षर लेखक के दस्तखत न होकर उसके द्दवारा लिखी गई प्रस्तावना या भूमिका होती है। आजकल प्रस्तावना या भूमिका शीर्षक से अभिहित न होकर नए स्वरुप में शीर्षक रचते हैं। लेखक द्वारा रचना प्रकाशन के समय प्रस्तावना व भूमिका लिखने से रचना को … Read more

पेगासस जासूसीःसरकार की मुश्किलें बढ़ी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सर्वोच्च न्यायालय ने भारत सरकार की खूब खबर ले ली है। पिछले २ साल से चल रहे जासूसी के पेगासस नामक मामले में अदालत ने सरकार के सारे तर्कों,बहानों और टाल-मटोलों को रद्द कर दिया है। उसने कई व्यक्तियों,संगठनों और प्रमुख पत्रकारों की याचिका स्वीकार करते हुए जासूसी के इस मामले की … Read more

करूँगा उजियारा

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** नया कुछ कर दिखाऊँगा मैं इस दिवाली में,नये सपने सजाऊँगा मैं इस दिवाली में नहीं होगा किसी को भी अहसास यूँ गम का,गले सबको लगाऊँगा मैं इस दिवाली में। कभी भी हाथ से मौका जाने नहीं दूँगा,कदम आगे बढ़ाऊँगा मैं इस दिवाली में। पकड़ कर हाथ निर्बल का संबल उसे दूँगा,उसे … Read more

उन घड़ियों में रोएं क्यों ?

ललित गर्गदिल्ली ************************************** जिन्दगी का एक लक्ष्य है- उद्देश्य के साथ जीना। सामाजिक स्वास्थ्य एवं आदर्श समाज व्यवस्था के लिए बहुत जरूरी होता है कर्तव्य-बोध और दायित्व-बोध। कर्तव्य और दायित्व की चेतना का जागरण जब होता है,तभी व्यक्तिगत जीवन की आस्थाओं पर बेईमानी की परतें नहीं चढ़ पाती। सामाजिक,पारिवारिक एवं व्यक्तिगत जीवनशैली के शुभ मुहूर्त … Read more

मनाएं प्रति-दिवस दीपावली..!

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** एक-एक कई दीप जलाकर,दीपावली हमने मनाई।अगणित दीप हृदय में जल गए,खुशियां मन में हर्षाई॥ मन-आँगन कई दीप जले थे,अंधियारा ठहर न पाया था।काफी दिनों में दीन भी उस दिन,बाद वर्ष,मन से हर्षाया था॥ ‘अवध’ दीपों की कीर्ति बनाकर,दुनिया में इठलाता है।एक दिवस जो हुआ उजाला,क्यों.. शेष बरस तरसाता है..?? … Read more

अपने-पराए

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** मिले जब गैरों से प्यार,और अपने समझे बेकारतो ऐसी स्थिति में हम,किसे अपना समझें ?जब अपने ही अपनों को,लूटे जा रहे होंऔर फिर भी एहसानवो जताये जा रहे हों,तो ऐसों को अपना कहनाबड़ी भूल ही होगी। पराए तो पराए हैं,फिर भी इंसानियत दिखाते हैंपर अपने सदा अपनों को,बड़े ही प्यार से डसते … Read more

कोरोना की विरासत

डॉ.सोना सिंह इंदौर(मध्यप्रदेश)************************************** ‘कोरोना’ की भी रहेगी विरासत,वह छोड़ जाएगाबहुत से भय,एकांत और अंधेरा।वह छोड़ जाएगा,नई बीमारी की सौगातदूर-दूर रहने की चलती रहेगी बात,कोरोना की भी रहेगी विरासत।वह छोड़ जाएगा,डॉक्टरों की नई सौदेबाज जमातकालाबाजारी की बिसात।वह छोड़ जाएगा,हवा में अपना अंश।जो करता रहेगा,सदियों तक मानवता को दंश॥ परिचय-डॉ.सोना सिंह का बसेरा मध्यप्रदेश के इंदौर में हैL … Read more

मेरा वतन

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)************************************** मेरा वतन,भारत है महानइसमें बसती है,मेरी जान। अनेकता में है,एकतायही है मेरे,वतन की विशेषता। सारी दुनिया से,है निरालाइसने है,सारे विश्वको हिला डाला। सारी दुनिया अब,इसके सामनेझुकती है,पूरी दुनिया में इसकीतूती,बजती है। में वतन से हूंँ,मुझसे वतन नहींयह बात है,सौ प्रतिशत सही। ‘कोरोना’ को,हराकर विश्वमें नाम कमाया,मुफ्त टीका लगवायारूतबा जमाया। जिनके … Read more

बनाएं प्यार का भारत

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** मुहब्बत के दीए हम सब जलाएं इस दिवाली पर।अंधेरे दिल से मिलकर हम भगाएं इस दिवाली पर। नहीं हो बैर आपस में बनाएं प्यार का भारत,जमाने से बुराई सब मिटाएं इस दिवाली पर। पटाखे फुलझड़ी बम चरखियों से दूर ही रहना,सुखद वातावरण अपना बनाएं इस दिवाली पर। सभी को हम करें शामिल … Read more

समय

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** यह जीवन ज्योति है,सफ़र की मोती हैउन्नति का मार्ग है,प्रगति का आधार है।शाश्वत सत्य है जीवन का,इसमें केवल सच्चाई हैउन्नति का दर्पण है,शिक्षा का मार्गदर्शन है।सम्पन्नता का प्रमाण है,प्रतिष्ठा अक्षुण्ण रखती हैपरिवार की कीमती ज्योति है,जागृति का अहसास है।मित्रता की डोर है,सफलता की वजह भीसुख-शांति का उन्नत आधार है,अच्छे स्वास्थ्य का पैरोकार है।समाज में … Read more