दया भाव बरसाइए

मदन गोपाल शाक्य ‘प्रकाश’फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश)************************************** दया भाव बरसाइए,सबका कर सम्मान,दया भावना जो रखें,वे ही होते महान। दुर्लभ जो शुभ जीवन पाया,मानवता मानव गुण पाया। प्राणी मात्र जगत संसारा,दया भाव जीवन आधारा। हिंसा पात सदा दुखदाई,दयावान जीवन सुखदाई। अच्छे कर्म पुण्य के दाता,बुरा कर्म अपयश फैलाता। सबके हित जो दया दिखाते,वही तथागत पूजे जाते। दीनदयाला … Read more

ज़िन्दगी

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** अभी तक भँवर में फंसी नाव मेरी,कहीं दिख पड़ता किनारा नहीं है। हैं राहों में काँटे मगर चलना मुझको,अँधेरों में बन दीप जलना है मुझकोमुझे आंधियों का नहीं डर है कोई,अभी रोशनी बन बिखरना है मुझको। डुबो देंगी दरिया की उद्धाम लहरें,किसी को अभी तक पुकारा नहीं है।अभी तक भँवर में… … Read more

शरद का चाँद

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* धवल चाँदनी छत पर आई,अमृत बरस रहा है।रात पूर्णिमा शरद की आई,अमृत बरस रहा है॥ राह निहारी सबने तब ही,प्रेम आज गदराया।गगन आज बन गया सहायक,नेह-सँदेशा लाया।मधुर मिलन की बेला आई,अमृत बरस रहा है,रात पूर्णिमा शरद की आई,अमृत बरस रहा है…॥ मादकता दिल में जागी है,भावों का आवेग।बाँहें हैं आतुर देने … Read more

भारत जग सिरमौर बनेगा

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** भारत देश हमारा प्यारा,जग सिरमौर बनेगा।विकसित हो संभ्रांत शक्ति से,विश्व विजय कर लेगा॥ गरिमा महिमा संस्कारों से,सबका मित्र बनेगा,छोटे-बड़े सभी देशों से,सद्भावना धरेगा।शक्ति और सामर्थ्य भाव से,विकसित राष्ट्र बनेगा,विकसित हो संभ्रांत शक्ति से,विश्व विजय कर लेगा…॥ हम भारतवासी संस्कृति से,कण-कण सदा संवारें,स्वच्छ,स्वस्थ भारत की महिमा,जन-जन तक पहुंचाएं।सबका साथ विकास सभी का,सबको … Read more

निचुड़ गया मन

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ बूंद-बूंद चुनर-सा निचुड़ गया मन,तार-तार सिकुड़ गया मानवी वसन।सूख-सूख टूट गये,चाहों के तानेइधर-उधर फैल गये,सपनों के बानेअसहनीय हुई उसे धूप की तपन।बूंद-बूंद चुनर-सा…॥ उड़-उड़ के रंग हुआ,ऐसा चितकबरादिखता ज्यों सावन का,अम्बर में बदरानये-नये जीवन को लग गया व्यसन।बूंद-बूंद चुनर-सा…॥ गीतों के मैंने,पैबन्द कुछ लगायेफटी हुई चुनर न,पूरी फट पायेजोड़-जोड़ छिने सकल बीते कुछ … Read more

जल ही जीवन,महत्व समझिए

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** शुद्ध जल अमृत के समान है। हम सबके जीवित रहने के लिए जल बहुत ही आवश्यक है। यही वजह है कि आयुर्वेद में जल या पानी को पंच महाभूतों में से एक माना गया है। साफ़ पानी पीने से ही शरीर की कई समस्याएँ ठीक हो जाती हैं।आयुर्वेद में जल के अनेक गुणों … Read more

नेकी

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** बहुत कुछ खो कर भी हमने,बहुत कुछ दुनिया में पायाकरें कैसे उनका शुक्रिया,जिन्होंने यहाँ तक पहुँचायाबहुत से मिले हैं लोग,जमाने में छलने वालेइसी जमाने में मिले,बहुत प्यार करने वालेतभी तो जीतकर दिल,मैं आज सामने आ गया। गम के सागर में रहकर,सदा गम में डूबा रहापरंतु कुछ लोगों ने मुझे,गम से बाहर निकाल … Read more

प्रश्न उठा है मेरे मन में…

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************* जीवन के संग मौत बहाना,किसका है ये ताना-बाना ?प्रश्न उठा है मेरे मन में,पता लगे तो मुझे बताना। फूलों को किसने महकाया,चिड़ियों को किसने चहकायाकिसने अश्क आँख में पाले,किसने यह संसार बसायाकौन दबा कर भाग गया है,धरती भीतर खनिज खजाना ?प्रश्न उठा है मेरे मन में,पता लगे तो मुझे बताना। कौन … Read more

एक ही परिवार

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* शान है हिंदुस्तानी की,भारत भूमि में जन्म हुआ,सेवा करूॅ॑गा भारत माता की,यह सौभाग्य हुआ। हम सभी हिन्दुस्तानी,एक ही है घर-परिवार,हिंदुस्तानी भाई-भाई में नहीं रहती तकरार। सभी हिन्दुस्तानी भारत माता के बालक हैं,एक-दूजे के सभी जन मिल के प्रतिपालक हैं। भारतीयों का धर्म है,श्री गुरु का वन्दन करना,सत्य पथ को अपनाकर धर्म … Read more

ईश्वर कण-कण में

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. वे रश्मि वर्षा करते हैं,धन आंनद का भरते हैंभर आस्था प्यार पुकारे,पास खड़े श्याम हमारे। क्षिति पावक गगन समीरा,व्यापित दस दिशि थल नीराआज्ञा बिन पात न डोले,जग सारा हरि गुण बोले। शोर और सन्नाटा में,फूल पात और काँटा मेंईश्वर कण-कण बसते हैं,आस्था में ही दिखते हैं। इक … Read more