मौज-मस्ती की,नाम भी खूब कमाया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. मेरा विद्यार्थी जीवन गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ था। जैसा धुंधला-सा याद आता है उस दिन माताजी,जो बालक कि प्रथम गुरु होती है,ने सर्वप्रथम प्रभु श्री गणेशजी की पूजा कराई और उसके बाद मेरी पाटी (स्लेट) की पूजा ही नहीं करवाई,बल्कि बरते (जिससे स्लेट पर … Read more

गुरुदेव से जाने दुनिया

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** गुरु पूर्णिमा विशेष….. आचार्यश्री से जाने दुनिया,ऐसे गुरु हमारे हैं।नयनों में नेहामृत जिनके,अधरों पर जिनवाणी है। कर का पावन आशीष जिनका,कंकर सुमन बनाता है।पग धूली से मरु-आँगन भी,नंदन वन बन जाता है।स्वर्ण जयंती मुनिदीक्षा की,रोम-रोम को सुख देती।सारे भेद मिटा,जन-जन को,सुख-शांति अनुभव देती।आचार्यश्री से जाने दुनिया,ऐसे गुरु हमारे हैं।नयनों में नेहामृत जिनके,अधरों … Read more

जीवन-किश्ती तू ही मेरी…

नरेंद्र श्रीवास्तवगाडरवारा( मध्यप्रदेश)**************************************** मेरा साथ निभाना साथी,मैं संकट से उबर जाऊँगा।टूटा साथ अगर ये तेरा,मैं शीशे-सा बिखर जाऊँगा॥ तेरे दम पर साँसें चलतीं,तेरे दम पर पग बढ़ते हैं।तेरे दम पर रातें कटतीं,तेरे दम पर दिन ढलते हैं।जीवन-किश्ती तू ही मेरी,मैं उस पार उतर जाऊँगा। जीवन है तो संकट भी हैं,जीवन है तो गम भी घेरे।जीवन … Read more

जी लो बचपन

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ************************************ छन्न पकैया छन्न पकैया,बचपन लगे सुहाने।सारे बच्चे मिलकर जाते,पोखर साथ नहाने॥ छन्न पकैया छन्न पकैया, बच्चों की है टोली।पेड़ों के संग खेला करते,बोले मीठी बोली॥ छन्न पकैया छन्न पकैया,मस्ती करते सारे।झूम-झूम कर गाते गाना,लगते कितने प्यारे॥ छन्न पकैया छन्न पकैया,पेड़ों पर चढ़ जाते।बन्दर जैसे कूद-कूद कर,बच्चे सभी नहाते॥ छन्न … Read more

हतप्रभ नन्हा पौधा

ऋचा सिन्हानवी मुंबई(महाराष्ट्र)************************************* ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर,हतप्रभ था नन्हा पौधा प्याराबहुत दुखी था देख कर वह,दुनिया का ऐसा चरित्र न्यारा। सुबह तड़के ही शुरू हुआ,अद्भुत एक अनोखा-सा खेलगमले में सजाकर उसको,ले गए एक बड़े मंच धकेल। सजा दिया था गमले को,फिर रंग-बिरंगे रिबनों सेदौर चला व्याख्यान का,कविताओं और संगीत का। वृक्षों की विवेचना हुई,पोस्टर बने … Read more

हौंसला मत छोड़ना

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** जिंदादिल लोगों ने कैसे जीना है सिखला दिया,हौंसले वालों ने दुश्मन पर कहर बरपा दिया। गल गए थे पैर फिर भी हार वो मानी नहीं,चढ़ गई वो हिमशिखर उसका कोई सानी नहीं।ले तिरंगा हाथ में चोटी पे जा फहरा दिया,हौंसला अपना ये नारी शक्ति ने दिखला दिया॥ काट कर पर्वत बना … Read more

२०० घंटे से भी ज्यादा के विश्व कीर्तिमान कवि सम्मेलन

कोटा (राजस्थान)। २०० घंटे से भी ज्यादा के विश्व कीर्तिमान कवि सम्मेलन में कोटा से कवि चौपाल के अध्यक्ष कपिल खंडेलवाल ‘कलश’ ने भी भाग लिया और संचालन भी किया। ‘कलश’ ने कान्हा, देशभक्ति,जनजागृति से ओत-प्रोत मुक्तक व क्षणिकाएं प्रस्तुत कर खूब वाह-वाही बटोरी। यह सम्मेलन ११ जुलाई से १९ जुलाई तक लगातार चला। संस्था … Read more

आधे तुम-आधे हम

आदर्श पाण्डेयमुम्बई (महाराष्ट्र)******************************** कभी हम बनें,कभी तुम बनो,आधे हम बनें,आधे तुम बनो। तारे हम बनें,आसमां तुम बनो,रात हम बनें,दिन तुम बनो।कृष्ण हम बनें,राधा तुम बनो,दूल्हा हम बनें,दुल्हन तुम बनो। कभी हम बनें,कभी तुम बनो,आधे हम बनें,आधे तुम बनो…॥ सत्य हम बनें,सच्चाई तुम बनो,आधे हम बनें,आधे तुम बनो।धागा हम बनें,सुई तुम बनो,कुछ सपने हम बुनें,कुछ तुम … Read more

आज का इंसान

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* कलुषित करता मानवता को,बन रहा हैवान।मध्य पाप के घिरता जाता,आज का इंसान॥ लोभ मोह का लालच रखकर,भूलता सब कर्म,बना रहा वर्चस्व झूठ पर,त्यागता सब धर्म।भाई का दुश्मन भाई है,व्यर्थ करता शान,कलुषित करता मानवता को,बन रहा हैवान…॥ सत्य पथ का त्याग है करते,कपट छल से वार,दीन-दुखी की दुखित व्यथा पर,घात बारंबार।वर्तमान कलुषित … Read more

कोरोना’ काल में रची ३ पुस्तकें

हिसार (हरियाणा)। डॉ. सत्यवान सौरभ व प्रियंका सौरभ किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। ‘कोरोना’ काल की कैद ने उन्हें लेखन के लिए प्रेरित किया, जिसमें पत्नी प्रियंका तथा परिजनाें का बहुमुखी योगदान रहा। दोहा संग्रह ‘तितली है खामोश’,व्यंग्य ‘आंध्या की माख़ी राम उड़ावै’ और निबंध ‘नए पंख’ डॉ. सौरभ एवं प्रियंका सौरभ की कोरोना … Read more