जिंदगी की कश्मकश…
विद्या होवालनवी मुंबई(महाराष्ट्र )****************************** जिंदगी की कश्मकश में,हौंसले बुलंद करआगे बढ़ना है,कभी प्यार तोकभी गम बाँटना है। कभी खुशी की आँधी से तो,कभी मुसीबतों केतूफानों से जूझना है,कभी फर्ज के लिए तोकभी धर्म के लिए,कुर्बानियों की चट्टानों को लाँघना है। कभी उम्मीदों की नाव पर तो,कभी नादानी की कश्ती मेंसफर तय करना है,कभी धैर्यता की … Read more