शुक्रिया कहना उस पिता को
आरती जैनडूंगरपुर (राजस्थान)********************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. परिवार के लिए पसीने को,पीने वाला पिता होता हैबच्चों की हर फरमाइश पूरी होती है,चाहे खुद के ख्वाबों का घर रोता है। शुक्रिया कहना है उस पिता को,ए पल तू थोड़े प्यार से रुकहर दिन फर्ज के बोझ से,जिस पिता की कमर गई है … Read more