शुक्रिया कहना उस पिता को

आरती जैनडूंगरपुर (राजस्थान)********************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. परिवार के लिए पसीने को,पीने वाला पिता होता हैबच्चों की हर फरमाइश पूरी होती है,चाहे खुद के ख्वाबों का घर रोता है। शुक्रिया कहना है उस पिता को,ए पल तू थोड़े प्यार से रुकहर दिन फर्ज के बोझ से,जिस पिता की कमर गई है … Read more

सौभाग्य हमारा,कि ऐसा ‘पिता’ मिला

मयंक वर्मा ‘निमिशाम्’ गाजियाबाद(उत्तर प्रदेश) *************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. सोचा के कुछ लिख दूं आपके लिए,पर मौका ही कब दिया कुछ कहने के लिए। मन में क्या चल रहा है कब बताया ?सब ठीक है या कुछ दिक्कत! हमें कब जताया ? कब पता चलने दिया कि पैसे कहां से आते … Read more

पापा कितना याद आते…

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम ’ स्पर्धा विशेष….. पापा कितना याद आते,आँसूओं के साथ जातेयाद आता उजला चेहरा,जैसे हो सूरज का सेहरामाथे पर सिलवट गहरी,अनुभव की भरी दुपहरीजब गोद में मुझे उठाते,फूलों की डाली झुकातेकंधे पर होकर खड़ी मैं,देखो हुई कितनी बड़ी मैं। दर-दर पापा आप भटके,पसीना भी माथे … Read more

पिता से मेरी पहचान

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. जग में माँ है बड़ी महान,पिता भी तो हैं गुणों की खानपिता पर मुझको है अभिमान,मैं करती हूँ उनका सम्मान। कभी बाँहों में झूला झुलाया,खुद को घोड़ा कभी बनायाबाग-बगीचों की सैर कराई,फूलों-पेड़ों का नाम बताया।ज्यादा नहीं दिया तब ध्यान,अब याद आता है उनका ज्ञान।मैं … Read more

ऐ बादल,करा दे नील गगन की सैर

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* प्यारे बादल करा देना मुझको,नील गगन की सैर,सच कहती बादल,अब धरा में नहीं टिक रहे पैर। हे बादल मुझे ले चलो,ले चलो ना चाँद के पास,मन ही मन कर रहा है,प्यारा चाँद हमारी आस। नील गगन में जा के देखूंगी,कहाँ रहती है वर्षा ऋतु,जिसकी रिमझिम बारिश से,टूट जाता धरा का सेतु। … Read more

बच्चों की टोली

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ************************************ बच्चों की निकली है टोली।सबकी लगती मीठी बोली॥खेल खेलते बच्चे सारे।सुंदर-सुंदर प्यारे प्यारे॥ मैदानों में दौड़ लगाते।आगे-पीछे सभी भगाते॥मस्ती करते मिलकर बच्चे।सदा बोलते हैं वे सच्चे॥ बाग-बग़ीचे घूमने जाते।ताजा-ताजा फल हैं खाते॥सुबह-सुबह सब दौड़ लगाते।सब शरीर को स्वस्थ बनाते॥ खट्टी-मीठी करते बातें।साथ एक-दूजे के खाते॥पढ़ते-लिखते शाला जाते।गीत-कहानी रोज सुनाते॥

आज भी वह मेरी दीवानी

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* ये घटा सावन की सुहानी तो है,दर्दे-दिल की अपनी कहानी तो है। यादों के थपेड़े सहते मगर,उन्हीं से दिल में रवानी तो है। ख्व़ाब दिल में मचलते हैं मेरे बहुत,आज हाले-दिल उनको बताना तो है। छोड़ दूं साथ कैसे उनको ‘आजाद’,उन्हीं से रंगीन अपनी कहानी तो है। कैसे … Read more

‘हमारी उड़ान’ प्रतियोगिता के परिणाम घोषित

मुम्बई (महाराष्ट्र )। अंतर्राष्ट्रीय हिंदी परिषद महिला प्रकोष्ठ मुम्बई द्वारा काव्य लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।प्रविष्टियाँ भेजने वालों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भेजा जा चुका है। अब समस्त विजेताओं को सम्मानित करने के लिए ११ जुलाई को विशेष ई-गोष्ठी की तैयारी की जा रही है।प्रतियोगिता की यह जानकारी परिषद की मुम्बई इकाई ने दी। परिषद … Read more

निर्धन

डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’रायपुर(छत्तीसगढ़)******************************************* जग से निर्धनता मिटे,सुखी बने संसार।विनय करूँ मैं ईश से,अन्न करे बौछार॥ दीन-हीन पर कर दया,करो अन्न का दान।भूखे को भोजन मिले,कर लो धर्म सुजान॥ निर्धन मानव देखकर,अपने मुँह मत मोड़।सभी ईश संतान हैं,नजर फेरना छोड़॥ भरण करे परिवार का,फर्ज निभाये दीन।कठिन परिश्रम नित करे,हृदय रखे न मलीन॥ जान दीन दयनीय … Read more

कृष्ण प्रेम

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)***************************************** कृष्ण प्रेम अनुरागिनी,किये जहर का पान।मीरा दीवानी बनी,रखे हृदय भगवान॥ विष का प्याला पी गई,कृष्ण नाम स्वीकार।मीरा व्याकुल प्रेम में,छोड़ चली घर द्वार॥ साधु संत के साथ में,हरि दर्शन की प्यास।मीरा बैरागन भयी,कृष्ण मिलन की आस॥ कालिंदी तट पर खड़ी,देखे राह निहार।मोहन मेरे साँवरे,ब्रज के राजकुमार॥ वंशीधर मनमोहना,तुझे पुकारूँ आज।बिलख … Read more