पिता का हाथ,उजाले का साथ है

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. माँ स्नेह का स्पर्श तो पिता धूप में छाया है,माँ घर करती देखभाल तो पिता लाता माया है।माँ-बाप के आजीवन ऋणी हैं हम सब ही,इनसे ही प्राप्त हुई हम,सबको काया है॥ माँ ममता की मूरत तो,जैसे पिता साया है,माँ से सबने ही बहुत,प्यार-दुलार पाया … Read more

गंभीर मामलों में भी धैर्य नहीं खोते थे पिताजी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. आज वाले कोलकात्ता के व्यस्तम इलाके में स्थित एक मकान के तीसरे माले में मेरा बचपन बीता। पिताजी के आँगन में पाँव रखने के साथ हम भाई- बहन सम्भल जाते थे। मेरे अपने बड़े ‘माँ जाये भाई’ व मेरे बीच २० साल का … Read more

बनना है तो दीपक बन

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** अरे मनुज! बनना है तो दीपक बन,प्रकाशित कर दे लोगों के बुझे मनसर्व दिशाओं में अवतरित उजियारा,जगमग कर दो तुम सभी का जीवन। त्याग-तपस्या की जले दीए में बाती,दीप से दीप जलाएंड मिल सब साथीहो प्रकाश तो दिखेगा सुंदर मधुबन,अरे मनुज! बनना है तो दीपक बन…। अंधकार समाप्त हो प्रकाश हो … Read more

पिता सम्मान अपना

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. है पिता के नाम से गुमान अभिमान मान अपना है,भूले से कर नहीं अपमान,छाँव आसमान अपना हैये बचपन कभी जाता नहीं,कोई चिंता नहीं होती,ले सिर अपनी बला सारी,पिता सम्मान अपना है। दिनभर कमा आते श्रम चूर,गिरता पसीना माथे पर,घिरे स्वयं परेशानी भंवर,पूत देख खिले बाँछे … Read more

पिता का प्रेम परम सौभाग्य

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. पिता बनना ही सौभाग्य है,पिता का प्रेम पानापरम सौभाग्य हैजन्म लेते ही पिता का,प्रेम उमड़ने लगता है।पिता का प्रेम आंव कुएँसा झर-झर बरसता है,कभी छोर न पाता हैपिता का स्नेह गागर,में सागर भरता है।अथाह श्रम से उनका,पालन-पोषण करताजीवन की संपूर्ण दौलत,बच्चों के जीवन … Read more

स्नेहिल वटवृक्ष पिता

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. पिता के प्रेम की कहाँ शुरू करूँ मैं बात,पिता हृदय रहे अनुपम स्नेह दिन औ रातहर दिन करते श्रम वो बहाते रहे पसीना,हर स्वाँस लक्ष्य उनका परिवार सुख-सौगात। स्नेह-प्रेम से समझाते रहे पथ बनाओ जीवंत,सत राह रहे ध्येय हमारी शिक्षा सदा अनंतपुस्तकालयों … Read more

पिता तुम याद आते हो

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. तुम्हारे प्यार से सिंचित,वो आँगन याद आता हैपिता तुम याद आते हो,तो बचपन याद आता है। मैं नन्हीं एक बच्ची थी,तो खुश सारा जमाना थान चिन्ता थी न पीड़ा थी,खिलौनों का खजाना था।रूठ कर जो मैं करती थी,वो अनशन याद आता है। वो बरसाती नदी-नाले,जो … Read more

शुक्रिया कहना उस पिता को

आरती जैनडूंगरपुर (राजस्थान)********************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. परिवार के लिए पसीने को,पीने वाला पिता होता हैबच्चों की हर फरमाइश पूरी होती है,चाहे खुद के ख्वाबों का घर रोता है। शुक्रिया कहना है उस पिता को,ए पल तू थोड़े प्यार से रुकहर दिन फर्ज के बोझ से,जिस पिता की कमर गई है … Read more

सौभाग्य हमारा,कि ऐसा ‘पिता’ मिला

मयंक वर्मा ‘निमिशाम्’ गाजियाबाद(उत्तर प्रदेश) *************************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. सोचा के कुछ लिख दूं आपके लिए,पर मौका ही कब दिया कुछ कहने के लिए। मन में क्या चल रहा है कब बताया ?सब ठीक है या कुछ दिक्कत! हमें कब जताया ? कब पता चलने दिया कि पैसे कहां से आते … Read more

पापा कितना याद आते…

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम ’ स्पर्धा विशेष….. पापा कितना याद आते,आँसूओं के साथ जातेयाद आता उजला चेहरा,जैसे हो सूरज का सेहरामाथे पर सिलवट गहरी,अनुभव की भरी दुपहरीजब गोद में मुझे उठाते,फूलों की डाली झुकातेकंधे पर होकर खड़ी मैं,देखो हुई कितनी बड़ी मैं। दर-दर पापा आप भटके,पसीना भी माथे … Read more