उदास मुझे होना नहीं

अमृता सिंहइंदौर (मध्यप्रदेश)************************************************ हूँ मैं उलझनों में कई,लेकिन उदास है मुझे होना नहीं। ये तो वक़्त है रेत-सा…पल में फ़िसल जाएगा,होगा नया सवेरा,सूरज फिर उग आएगा।आस तू ये खोना नहीं… छोड़ साथ आशाओं का,निराश तू होना नहीं।सत्य तू कल था,सत्य तू आज है…सत्य तू आगे भी होगा,पूर्ण यह मुझे विश्वास है।आस तू ये खोना नहीं… … Read more

हमने इक़रार किया

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ उसने इज़हार किया हमने इक़रार किया।इस तरह से प्यार हमने यार किया। कोशिश नहीं की,न ही तकल्लुफ़ उठाया,हद इतनी थी नजरों से भी न इन्कार किया। उसकी आँखें भरे मय के प्याले लगे,जुबाँ जो खुली तो बस इरशाद किया। वो बोलते रहे बज़्म सुनती रही बेसुध-सी,बेहिसाब इस क़दर बयाँ अशआर किया। हम नाचते … Read more

केदारनाथ-एक सफर खास

क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** एक सफर खास हो,जिगरी यार साथ होहाथ में चाय का गिलास हो,और सामने केदारनाथ हो।केदारनाथ तक का सफर हो,और साथ में तुम हमसफर होतारों से भी चाँदनी रात हो,तुम साथ बैठो और सामने केदारनाथ हो।स्वर्ग कहूँ या केदारनाथ,बात तो एक ही हैमैं इश्क़ लिखूं तो,तुम केदारनाथ समझ लेना।बीमार जिंदगी दवा मांग रही … Read more

सुन लो हे गोपाल

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************** सुन लो हे गोपाल अब,विनती बारम्बार।भवसागर नैया फँसी,आज लगाना पार॥ मनमोहन हे साँवरे,कृपा सिंधु भगवान।आये तेरे द्वार पर,दीन-हीन इंसान॥ मोर पंख मस्तक मुकुट,वैजन्ती गल माल।पीताम्बर काँधा धरे,मुख मुरली गोपाल॥ दधि माखन मुख पर लगे,दौड़े आँगन द्वार।बाल रूप मनमोहना,मोहित सब संसार॥ झुला रही है पालना,माता यशुमति श्याम।साथ रोहिणी की तनय,झूल रहा … Read more

क्या जमाना था

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* दिल खुशी से झूम उठता है सखी,बीती बचपन की बातों से,वो भी क्या जमाना था,याद करती हूँ,हँसी आती उन यादों से। वो भी क्या जमाना था,मैं खेली थी गुड्डों-गुड़िया से,कैसे बीता वह जमाना,सब याद है मुझको बढ़िया से। वो भी क्या जमाना था,सावन में सखी झूला झूलती थी,अपने पीहर,सासरा की बातें,सब … Read more

सुंदर सूर्योदय

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** हुआ सूर्योदय-हुआ सवेरा,पूरब दिशा छाई लाली।प्रकृति में मची हुई हलचल,गायब हुई रजनी काली॥ चेतन में चेतना आई,हुए जागृत प्राणी सारे।खान-पान के लिए जा रहे,दिनचर्या अनुसार सकारे॥ बगिया में सुमन खिले हैं,भौरों का गुनगुन गान।चिड़िया ने चहक मचाई,कोयल ने उचेरी तान॥ सभी निकले काम करने,बाल विद्यालय जाने को।व्यापारी दुकान खोलते,श्रमिक चले कमाने … Read more

प्रेम की भावना

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. प्रेम की भावना दिल की जागीर है।प्रेम दिल से मिटाता सभी पीर है। जिन्दगी में रहे प्रेम दिल का अगर,फिर तो हर जिन्दगी सुख की तासीर है।प्रेम की भावना… जिन्दगी इक सफर है सभी के लिए,जिसका आगाज होता यहां प्रेम से।एक मन्जिल के सब … Read more

सावन

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** कारज में निज खोय रहे सुध सावन की रहते न पिया में।झूम रहे कुसुमों नव पल्लव बेल हुलास उठाय जिया में।साध रही सुर कोयलिया कजरी धुन आग लगाय हिया में।मेघ सुनो कह दो पिय से तजि कारज आन मिलो बगिया में। सावन में सजनी सजती सज बारिस बूंदन मेघ सखी।नीक लगे धरती सजती … Read more

जलवा दिखा दे ज़रा सोणिए

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** शामे ग़म जगमगा दे ज़रा सोणिए।अपना जलवा दिखा दे ज़रा सोणिए। ह़सरत’-ए-दीद पागल न कर दे कहीं,रुख़ ‘से पर्दा ‘हटा दे ज़रा सोणिए। भूल’ जाएँ ‘सदा के लिए मयकदा,जाम ऐसा पिला दे ज़रा सोणिए। एक ‘मुद्दत से वीरानियाँ हैं यहाँ,बज़्मे दिल को सजा दे ज़रा ‘सोणिए। तीरगी जिससे मिट जाए घर … Read more

नियमित योग से काया निरोग

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* मानव मन-से भज रहा,आज योग का नाम,प्रात:-काल करना रहा,योग सभी का काम। सुंदर सुकोमल शरीर हो,मन निर्मल गंग समान,सदा योग का काम करें,इसके लाभ को जान। नियमित योग से करो सदा,काया को निरोग,लेना योग गुरु का तुम,उचित सदा सहयोग। स्वस्थ तन-मन से सदा,होता सभी का काम,तन-मन सारा शुद्ध … Read more