तुमसे गले मिल जाऊँ…
डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. बहार बन के आओ मैं फूल-सी खिल जाऊँ।झूमूँ मैं डाली बनकर तुमसे गले मिल जाऊँ॥ तुम देखो मुस्कुरा कर अपना मुझे बना कर,चेहरे से उम्र भर मैं कभी नजरें नहीं हटाऊँ। क्यूँ मुझको ताकते हो आँखों में झाँकते हो,कोई बात भी नहीं फिर भी मैं … Read more