कोमल मन नारी
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* (रचना शिल्प:७ भगण (ऽ।।) + गुरु से यह छन्द बनता है,१०,१२ वर्णों पर यति होती है। इसमें वाचिक भार लेने की छूट नहीं है। मापनी- २११ २११ २११ २,११ २११ २११ २११ २) कोमल है मन नारि सदादृढ़ता पर अद्भुत है इसकी।संकट से घबराय नहीं,रहती यह नार प्रिया सबकी॥शक्ति यही कहलाय … Read more