नेक बनें हम

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* अगर चाह है नेक बनें हम,तुमको तिल-तिल गलना होगाजग का अंधियारा तभी मिटेगा,खुद बन दीप-सा जलना होगा। विश्व बंधुत्व की बहेगी बयार,होंगे विद्व मनीषी यहां तैयारआएगा तभी सबमें सुविचार,सत्य की राह जब चलना होगा।खुद बन दीप-सा जलना होगा… होगा धर्म-संस्कृति का भी रक्षण,दिव्य वैदिक-संस्कृति भी फैलेगीसबका उत्कर्ष सहज … Read more

बिन काम नहीं नाम

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** जीवन जीने के लिए,करना होता काम।काम बिना कछु होत ना,बिना काम नहिँ नाम॥ काम किये से सुख मिलै,और काम व्यवहार।पूछ नहीं बेकार की,नहिँ जीवन में सार॥ काम किये जीवन सुखी,सारी सुविधा पाय।शौक-मौज सारी मिले,खुशियां खिल-खिल जाय॥ जाने सारे काम से,होय काम से नाम।कर्मठ करता है सदा,करो बिना विश्राम॥ अच्छा कारज कीजिये,सदा … Read more

जीवन-सुमन खिला देना

नरेंद्र श्रीवास्तवगाडरवारा( मध्यप्रदेश)**************************************** चिर-बिछोह से पीड़ित परिजन,उनका साथ निभा लेना।अपनेपन के शब्द बोलकर,अपनापन दिखला देना॥ दुखी बहुत हैं,गुमसुम भी हैं,उनका मौन भयावह है।उनके हिस्से में आया दु:ख,बेबसी का कलरव है।चुप्पी का माहौल वहाँ तो,चुप रह समय बिता देना। आशा और विश्वास से संभलें,बहते आँसू आँखों के।पोर-पोर की पीड़ा पिघले,बनते मरहम साँसों के।महक उठे उजड़े मधुवन … Read more

आ चल दूर से देखें दुनिया

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** चलो दिखाएं तुमको दुनिया,कितने रंग कितने बदरंग।बंध धागे उड़ान ऊपर तक,तुम उड़ना मेरे संग-संग। आओ तुम्हें मैं पँख लगा दूँ,मैं भी लगा कर फिरूं मलंग।नीलगगन में मिल मंडराए,देखे धरती हम बन विहंग। यह दुनिया बड़ी निराली है,हर चाह करने पड़ते जंग।है कठोर लोग यहाँ स्वार्थी,सम्हलना नहीं कर मति भंग। मोल नहीं यहाँ भावना … Read more

चलते रहना ही जिंदगी

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* अभी बहुत दूर जाना और जिंदगी अभी बाकी है,जोशो-ओ-जनून बने जाम-ओ-जिंदादिली बने साकी है।हर पल कुछ करते-सोचते रहो काम कोई नया तुम-ठहर गये जिस पल तो बनेगी ज़िंदगी बैसाखी है॥ यह अंत नहीं,दूसरी पारी की शुरुआत है,आप यूँ खाली नहीं लिये,अनुभव की सौगात हैं।जो अनसुलझी रही पहेली,वक्त मिला हल करने का-अपनी रुचियां … Read more

जाना होगा

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* बेशक ढेर लगाया धन का,यहीं छोड़कर जाना होगा।कर्मों के ताने बाने को , यहीं तोड़कर जाना होगा॥ लोभ मोह आपाधापी में,छूट गए सब काम जरूरी,साधन के हम दास बने हैं,हुई साधना कभी न पूरी।रहा घूमता मिथ्य शिविर में,पैर पटकता रहा तिमिर में,आसमान को छूने वाली,चाह हमेशा रही अधूरी। जिस दिन प्राण … Read more

रिमझिम बरसात

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* आई सावन की रिमझिम बरसात,कभी रिमझिम बारिश होतीकभी कभी ओले पड़ते,कभी बुलबुले बनते। देखके बबलू-डबलू हर्षित होते,कभी ओला उठाने जातेकभी बुलबुला पकड़ते,ना पकड़ाया तो रोते। बहुत नटखट हैं वह दोनों भाई,मन ही मन करते हैं चतुराईचुपके से दादी को बोला,ला के दो मुझे बुलबुला। सुनकर के बबलू-डबलू की बातें,दादा बैठे-बैठे मन … Read more

दिया नहीं…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** देश से लिया बहुत,देश को दिया नहीं।देश राग का अमिय,नेह से पिया नहीं॥देश से लिया बहुत…. भू से अन्न था लिया,श्वाँस ली समीर से।जिंदगी बची रही,शुभ्र मधुर नीर से॥ है ये पावनी धरा,गान तो किया नहीं।देश से लिया बहुत,देश को दिया नहीं॥ देश राग का अमिय,नेह से पिया नहीं।देश से लिया बहुत,देश … Read more

भारतीयता के डी.एन.ए. पर राष्ट्रवादी चिंतन

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** भारतीय डी.एन.ए. आज चर्चा का विषय बना हुआ है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के अनुसार सभी भारतीयों का डी.एन.ए. एक है,चाहें वो किसी मत के मानने वाले हों। स्वयं के भीतर बाबर का डी.एन.ए. मानने वालों को यह बात कितनी पचेगी यह तो समय ही बतायेगा। भारत ने सदा … Read more

अधिक सोचना ‘पुण्य कर्म’

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ********************************************** इसमें कोई दो राय नहीं है कि,अधिक सोचना निस्संदेह हानिकारक होता है,परंतु जब टक्कर असंख्य बलशालियों व प्रभावशालियों से हो रही हो और जेब में फूटी कौड़ी न हो तो उन परिस्थितियों में मात्र अधिक सोचना और उस पर साहसपूर्ण कार्रवाई करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना … Read more