राष्ट्र धर्म चहुँ प्रगति में

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************* मानवता सबसे बड़ा,सभी धर्म का मंत्र।रहें प्रेम सद्भाव से,जनहित में हो तंत्र॥ रख विचार सद्भाव से,दें मनभाव विनीत।वाणी हो वश संयमित,अरि मानस भी जीत॥ पुरुषोत्तम ज्ञानी निरत,दर्पण बने समाज।परहित में तज जानकी,रामराज्य सरताज॥ महापुरुष की जिंदगी,दे जीवन संदेश ।त्याग,शील,परहित गुणी,प्रीति नीति परिवेश॥ मूढ़ कौन ज्ञानी यहाँ,तौले कौन समाज।तर्कयुक्त प्रमुदित … Read more

बेटियां

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** बेटी का मान करो लोगों,इनका सम्मान करो लोगों। किस्मत रगड़ो मत ऐड़ी से,आज़ाद करो अब बेड़ी से। बेटों से कमतर आंको मत,अब रीति पुरानी हांकों मत। ये रामायण ये गीता हैं,कलयुग की ये ही सीता हैं। बेटों से कभी न झगड़ी है,हर काम काज में अगड़ी है। इतिहास गवाही देता है,हर … Read more

…तो ज्ञान दीपक न जलता

आदर्श पाण्डेयमुम्बई (महाराष्ट्र)******************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष ……. मैं जब पहली कक्षा में था तो दोस्तों को बहुत गालियाँ देता था,सिर्फ इसलिए कि वो मुझे परीक्षा में नकल नहीं कराते थे। उस समय हमारे विद्यालय में ‘चूरन’ मिलता था। जब परीक्षा का समय आता था तो मैं उन्हीं लड़कों को चूरन खिलाता था जो … Read more

गुरु शिक्षा का दीप

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** गुरु को मानत है जगत,गुरु का कर सम्मान।गुरु शिक्षा का दीप है,गुरु समझावे ज्ञान॥ सीख भली गुरुदेव की,जीवन देत निखार।ज्ञान अमोलक पाय के,सुख पावे संसार॥ पढ़े समझ साहित्य को,औरन को समझाय।गुरु दाता है ज्ञान के,सच्चा ज्ञान बताय॥ कर अक्षर से रूबरू ,देत शब्द का सार।पढ़ पोथी आगे बढ़े,ये गुरु का उपकार॥ … Read more

बांसुरी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** रचना शिल्प:८८८७ वर्ण,क्रमश:प्रति चरण,४ चरण- समतुकांत। मधुर मुस्कान लिये,अधरों में तान लिये,बाँसुरी बजाय रहे,राधा को निहारे हैं। ग्वाल-बाल सखा सभी,गोपियाँ भी आयी तभी,मुरली की तान सुन,नाच रहे सारे हैं। मोहन बंसी की धुन,मंत्रमुग्ध सभी सुन,आई कब राधा वहाँ,सभी ये बिचारे हैं। श्याम संग खड़ी राधा,बीच नहीं कोई बाधा,प्रेम का मिलन यह,देख … Read more

स्मृतियों के झरोखे में अनमोल विद्यार्थी जीवन

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* मेरा विद्यार्थी जीवन….. विद्यार्थी जीवन होता है अनुपम अनमोल,खेल-कूद सखी मित्र संग नटखट बेमोलशिक्षा संग होये उत्तम व्यक्तित्व निर्माण,कच्चे घडे़ संवारते मात-पिता-गुरु बोल। सुमधुर स्मृतियाँ बचपन हृदय हँसे डोल,हँसी-ठिठोली संग बनते हमजोली बेमोल।बालक-बालिका भविष्य हों उत्तम नागरिक,लौटकर ना आये विद्यार्थी जीवन अनमोल॥यूँ तो विद्यार्थी जीवन बालकाल से जब तक आप … Read more

सफेद बादल-काले बादल

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** कहां बरसती हैबरसात,भले ही होबादलों की बारात।सूखी रूई के फाए से,इधर-उधरउड़ते रहते हैं।काम न आएमरहम रखने के भी,जख्म हरे औररिसते रहते हैं।और तो और,ठंड में गर्माहट कान नामो-निशान,कैसे कोई सूरतको कह दे,सुंदर।सीरत ही होती है,सही में गुणोंका आदर।आभासी औरकाल्पनिक,तरह-तरह के रूपोंसे भ्रमित,काम भी न आतेरंग भरने के,कल्पनाओं में।बस यूँ … Read more

गुरु की सेवा से बनते सब काम

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************* गुरु पूर्णिमा विशेष ज्ञानी गुरु यदि मिल जाये तो,बतलाते हैं जीवन सार।डगमग होती जीवन नैया,को ले जाते हैं उस पार।नाम प्रभु का बाद में लेते,पहले गुरु का लेते नाम।गुरु की सेवा करने से ही,बन जाते सब बिगड़े काम॥ कृपा गुरु की हमें मिल जाये,सकल जगत फैले उजियार।सहज सरल जीवन बन जाये,मिलता हमको … Read more

संस्कार और मूल्यों पर ध्यान देना आवश्यक

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* संस्कारों से संस्कृत व्यक्ति देवताओं और ऋषियों के समान पूज्य हो जाते हैं। हमारी प्राचीनतम भारतीय संस्कृति विश्व की संस्कृतियों का मूलाधार है।संस्कृति सहिष्णुता,समन्वय की भावना,गौरवशाली इतिहास,संस्कार,रीति-रिवाज और उच्च आदर्श लिए अमूर्त रूप में व्यक्ति के आचरण से झलकते हैं।हम जिस देश,समाज और परिवार में जन्म लेते हैं,उसी के अनुरूप … Read more

मैं जीत गई

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** आज मिश्रा जी के घर में फिर हलचल दिखाई दे रही थी । हर चार-पांच महीन बाद ऐसा माहौल रहता,फिर शान्त हो जाता । मेरे पड़ोसी थे। अच्छे व्यवहारिक लोग थे। उनकी बड़ी बेटी सलोनी बहुत ही होशियार व समझदार बच्ची थी। मेरी अच्छी छोटी दोस्त भी,बस उसमें एक ही कमी थी … Read more