भ्रष्टाचार मिटाएं
आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* बिगड़ रही है आज दशाएँ,बढ़ता भ्रष्टाचार है।मानवता को कलुषित करता,बाधित पथ उद्धार है॥ लोभ मोह के वश में मानुष,रिश्वत लेता शान से,तनिक नहीं वह क्षोभ करे है,हक छीने अभिमान से।शिक्षित दीनों के जीवन में,अध्ययन ही बेकार है,बिगड़ रही है आज दशाएँ,बढ़ता भ्रष्टाचार है…॥ नेता छलते आम मनुज को,रिश्वतखोरी ध्येय से,दीनों का … Read more