भाल की हुंकार
मोनिका शर्मामुंबई(महाराष्ट्र)********************************* आज वक़्त ले विराम खड़ा,कलम की स्याही क्यों मौन धरी ?अम्बर नीलम सुशोभित वही,फिर क्यूँ पवन भीरु सी बने ? क्यों नतमस्तक खड़े हैं शस्त्र,प्रताप-विभव से जो संचित है ?क्यों अमर तिरंगा अपनी ही,विजय के मंज़र से वंचित है ? इस प्रदेशी माटी की विडंबना,भुजाओं को ललकार रहीभारत का अंबुज खिल उठा,रंजीत-सी एक … Read more