राष्ट्र धर्म चहुँ प्रगति में
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************* मानवता सबसे बड़ा,सभी धर्म का मंत्र।रहें प्रेम सद्भाव से,जनहित में हो तंत्र॥ रख विचार सद्भाव से,दें मनभाव विनीत।वाणी हो वश संयमित,अरि मानस भी जीत॥ पुरुषोत्तम ज्ञानी निरत,दर्पण बने समाज।परहित में तज जानकी,रामराज्य सरताज॥ महापुरुष की जिंदगी,दे जीवन संदेश ।त्याग,शील,परहित गुणी,प्रीति नीति परिवेश॥ मूढ़ कौन ज्ञानी यहाँ,तौले कौन समाज।तर्कयुक्त प्रमुदित … Read more