गुरु-वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) **************************************** गुरु पूर्णिमा विशेष………. गुरुवर तुम तो ज्ञान हो,हो सूरज का रूप।शिष्यों को तुम दे रहे,सदा सुनहरी धूप॥ गुरुवर तुमने सीख दे,बाँटा बहुत विवेक।तुम तो गुरुवर तेज हो,तुम हो हरदम नेक॥ गुरुवर मैं अज्ञानमय,खोया था अँधियार।तुमने ही निज ज्ञान से,जीवन दिया सँवार॥ सत्य,न्याय जाना नहीं,ना नैतिकता-भाव।पर अब गुरुवर है नहीं,मुझको कोय … Read more

भूख सदा दुश्मन निर्भय की

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** भूख सदा दुश्मन निर्भय की,आग जगाये यही हृदय की। इसकी पड़ी जहां पर छाया,उसका रोम-रोम झुलसाया।कल तक अपनी जो प्यारी थी,फूलों की दिखती क्यारी थी।चिता बनी है आज समय की॥भूख सदा दुश्मन निर्भय की… भूख नदी तट से टकराई,लहरों ने भी माटी खाई।इसके कारण हुई लड़ाई,नाप सके क्या हम गहराई।कारक बनती … Read more

कुमकुम

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************ कुमकुम रोली साथ में,सुन्दर चमके भाल।नारी की श्रृंगार से,बदले सबकी चाल॥बदले सबकी चाल,देखते मन को भाती।कुमकुम लाली माथ,नाज नखरा छलकाती॥कहे विनायक राज,सजाना नारी को तुम।स्वर्ग परी सी मान,लगे जब माथे कुमकुम॥

शिक्षक ही पथ प्रदर्शक

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* गुरु पूर्णिमा विशेष………. शिक्षक हमें पढ़ाता और शिक्षक ही संवारता है,शिक्षक ही तो उचित ज्ञान हम पर वारता है।हमें देता है वह एक सही दिशा और सम्मति-जीवन नव निर्माण लिये शिक्षक ही सुधारता है॥ माता-पिता और गुरु हमारे जीवन के निर्माता हैं,जान लीजिये-यही तीनों ही हमारे भाग्य विधाता हैं।माँ तो होती है … Read more

गुरु से होती गोविंद की पहचान

दिपाली अरुण गुंडमुंबई(महाराष्ट्र)***************************** गुरु पूर्णिमा विशेष….. माता-पिता ही प्रथम गुरु,जिनसे होती शिक्षा शुरू। कभी डाँट-फटकार सुनाते,जैसे मूर्तिकार मूर्तियाँ बनाते। मार्ग दिखाए वह प्रकाश स्तंभ-सा,मानो कठिनाइयों में अडिग चट्टान-सा। गुरु और गोविंद में भी गुरु को मान,क्योंकि,गुरु से होती गोविंद की पहचान। गुरु मिले तो सब जग प्यारा,गुरु बिन तू,सारे जग से हारा॥

गुरु करते ज्ञान प्रदीप

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)***************************************** गुरु पूर्णिमा विशेष…… जीवन को सुरभित करें,उर में भरे प्रमोद।प्रलय और निर्माण द्वय,बसते गुरु की गोद॥ ज्यों माटी को गूँथ कर,देता रुप कुम्हार।वैसे ही निज शिष्य को,देता गुरु आकार॥ पथ अवलोकित कर सके,जले स्वयं बन दीप।हृदय तिमिर गुरु मेटते,करते ज्ञान प्रदीप॥ शिक्षक ईश्वर के सदृश,करें सदा उपकार।उसने ही हमको दिया,जीवन का … Read more

मौज-मस्ती की,नाम भी खूब कमाया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष …….. मेरा विद्यार्थी जीवन गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ था। जैसा धुंधला-सा याद आता है उस दिन माताजी,जो बालक कि प्रथम गुरु होती है,ने सर्वप्रथम प्रभु श्री गणेशजी की पूजा कराई और उसके बाद मेरी पाटी (स्लेट) की पूजा ही नहीं करवाई,बल्कि बरते (जिससे स्लेट पर … Read more

गुरुदेव से जाने दुनिया

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** गुरु पूर्णिमा विशेष….. आचार्यश्री से जाने दुनिया,ऐसे गुरु हमारे हैं।नयनों में नेहामृत जिनके,अधरों पर जिनवाणी है। कर का पावन आशीष जिनका,कंकर सुमन बनाता है।पग धूली से मरु-आँगन भी,नंदन वन बन जाता है।स्वर्ण जयंती मुनिदीक्षा की,रोम-रोम को सुख देती।सारे भेद मिटा,जन-जन को,सुख-शांति अनुभव देती।आचार्यश्री से जाने दुनिया,ऐसे गुरु हमारे हैं।नयनों में नेहामृत जिनके,अधरों … Read more

जीवन-किश्ती तू ही मेरी…

नरेंद्र श्रीवास्तवगाडरवारा( मध्यप्रदेश)**************************************** मेरा साथ निभाना साथी,मैं संकट से उबर जाऊँगा।टूटा साथ अगर ये तेरा,मैं शीशे-सा बिखर जाऊँगा॥ तेरे दम पर साँसें चलतीं,तेरे दम पर पग बढ़ते हैं।तेरे दम पर रातें कटतीं,तेरे दम पर दिन ढलते हैं।जीवन-किश्ती तू ही मेरी,मैं उस पार उतर जाऊँगा। जीवन है तो संकट भी हैं,जीवन है तो गम भी घेरे।जीवन … Read more

जी लो बचपन

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ************************************ छन्न पकैया छन्न पकैया,बचपन लगे सुहाने।सारे बच्चे मिलकर जाते,पोखर साथ नहाने॥ छन्न पकैया छन्न पकैया, बच्चों की है टोली।पेड़ों के संग खेला करते,बोले मीठी बोली॥ छन्न पकैया छन्न पकैया,मस्ती करते सारे।झूम-झूम कर गाते गाना,लगते कितने प्यारे॥ छन्न पकैया छन्न पकैया,पेड़ों पर चढ़ जाते।बन्दर जैसे कूद-कूद कर,बच्चे सभी नहाते॥ छन्न … Read more