भाल की हुंकार

मोनिका शर्मामुंबई(महाराष्ट्र)********************************* आज वक़्त ले विराम खड़ा,कलम की स्याही क्यों मौन धरी ?अम्बर नीलम सुशोभित वही,फिर क्यूँ पवन भीरु सी बने ? क्यों नतमस्तक खड़े हैं शस्त्र,प्रताप-विभव से जो संचित है ?क्यों अमर तिरंगा अपनी ही,विजय के मंज़र से वंचित है ? इस प्रदेशी माटी की विडंबना,भुजाओं को ललकार रहीभारत का अंबुज खिल उठा,रंजीत-सी एक … Read more

तिरंगा लहर रहा

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** ध्वजा में मौला और महेश,सजे हैं गुरुओं के उपदेश।हमारा प्यारा भारत देश,तिरंगा लहर रहा है॥ हिमालय है जिसका सरताज,सिंधु तक फैला जिसका राज।पुराना है सबसे इतिहास,आदि से अब तक हुआ विकास।ॐ का व्योम तलक संदेश,तिरंगा लहर रहा है…॥ बड़ा है जाति धर्म विन्यास,कई भाषाएं करें निवास।सैंकड़ों नदियों से श्रृंगार,सभी ऋतुओं का … Read more

सज गए कर भाई के

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ***************************************** रक्षाबंधन विशेष…… दौर बचपन का महकता,खुश हुआ व्यवहार है।भाव की माला पिरोकर,द्वार पर त्योहार है॥ हो गए धागे सुहाने,रोलियाँ माथे सजीं।हैं दुआएँ खुशनुमा सब,सरगमें लय में बजीं॥प्रीति ने अँगड़ाई ली,और प्रेममय मनुहार है,भाव की माला पिरोकर,द्वार पर त्योहार है…॥ राग महके आज तो बस,द्वेष की तो है विदा।दीप थाली में … Read more

आया राखी का त्यौहार

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* रक्षाबंधन विशेष……… सखी! आया राखी का त्यौहार,मन में छाई खुशी अपार। सावन मास लगे है पावन,पीहर की यादें मनभावनभैया-भाभी,बहिन,सहेली,मात-पिता,दादी अलबेलीसबसे मिलना,गले से लगना,न कोई बंधन,रूठना-मननासाल में आता दिन एक बार।सखी! आया राखी का त्यौहार… चेहरे पर अनुपम खुशी झलकती,भाई के हाथ जब राखी सजतीथाली में रोली,मोली,चावल,मिठाई,राखी,दीप,नारियलउल्लासित तन,हजारों खुशियां,मन में फूट रहीं फुलझड़ियाँभैया … Read more

राखी

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ************************************ रक्षाबंधन विशेष…. कितना सुंदर है यह रिश्ता,दिल से सभी निभाते हैं,भाई-बहना दोनों मिलकर,गीत खुशी के गाते हैं। मीठे-मीठे पकवानों की,महक घरों से आती है,बच्चों के सँग दादी अम्मा,बैठ साथ में खाती है। सुबह सबेरे उठकर बहना,सुंदर थाल सजाती है,चंदन वंदन कुमकुम टीका,भैया माथ लगाती है। बांँध कलाई रेशम डोरी,कितनी … Read more

सुख-दु:ख जीवन के हिस्से…

नरेंद्र श्रीवास्तवगाडरवारा( मध्यप्रदेश)**************************************** सुख-दु:ख जीवन के हिस्से हैं,जो हिस्से में,जब आ जायें।सुख आये तो संयम बरतें,दु:ख आने पर,ना घबरायें॥ सुख के पल खरगोश-दौड़ से,दु:ख कछुए की चाल धरे।सुख की मस्ती मदहोशी दे,दु:ख जीना बेहाल करे।सुख-दुख के इस भँवर जाल में,भ्रमित ना हो,मन समझावें॥ कर्म,भोग दोनों ही हैं यहाँ,नियति चक्र ये है अविरल।सुख-दु:ख हैं प्रारब्ध कर्म … Read more

भारत है सिरमौर

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** रोला छंद आधारित….. वीरों का अपमान,कभी नहीं देश सहेगा।भारत है सिरमौर,विश्व गुरु सदा रहेगा॥ भारत माँ की धूल,माथ से सदा लगाऊँ।वंदन कर इस पुण्य-भूमि को शीश झुकाऊँ॥वीरों की यह शौर्य-भूमि का मान रहेगा।भारत है सिरमौर,विश्व गुरु सदा रहेगा…॥ उच्च हिमालय शीश-मुकुट माथे पर शोभित।पद तल वारिधि चरण,पखारे होता हर्षित॥सीमाओं पर खड़ा,वीर … Read more

आज़ाद है वतन

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** आज़ाद है वतनरहे आबाद ये वतन।नारों से वंदे मातरमगूँजेगा ये गगन॥आज़ाद है वतन… रक्षण करें है ईश इसभारत की आन का,रखते हैं ध्यान पुत्र हीभारत की शान का।करते हैं सर झुका केमाता भारती नमन।आज़ाद है वतन…॥ आया है पर्व पावनइसको मनायें हम,ये जश्ने आजादी हैखुशियां मनायें हम।माथे तिलक लगायेंमाटी है ये … Read more

तसल्ली

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** तसल्ली से गुजर होती,सुखों की हर ठहर बनती,दया भगवान करते हैं,दुखों से अब नहीं ठनती। दुआओं का असर होगा,जो हर तस्वीर सजती है,हुनर इतने कहाँ हममें जो हर तहरीर बनती है। बताओ आप ही हमको,दुआ कितनी दिया करते,कहो या फिर सभी को ख्वाब की ताबीर मिलती है। बिताई जिन्दगी … Read more

सागर के उस पार

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* असीम सागर देख सवाल गए मन में ठहर,पानी ही पानी,जहाँ तक गयी मेरी नजरऊपर की ओर देखा,दिल में उठती उमंगें,नीचे धूप में मुस्काती सागर की आकुल तरंगें। खामोश चलती जा रहीं,लहरें अनवरत,दिल में छिपाये मानो राज अनगिनतपूछ ही लिया मैंने खामोशी का कारण,कर रहे हो कैसे,आजीवन पानी में सफर। नज़र … Read more