मैं हूँ भारत का संविधान
जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************* मैं हूँ भारत का संविधान,दुनिया में जाना-पहचाना।अपने जख्मों पर रोता हूँ,मेरे दु:ख का यह पैमाना॥ कोई दल आया हिला गया,कोई दल आया झुला गया,आतंकी कुत्तों का टोला,अंतस तक शोणित पिला गया।सारे दल मेरे शोषक हैं,सब मुझ पर दांव लगाए हैं,खेतों में कृषक का क्रंदन,मैं देख देख तिलमिला गया।अधिकारों के सब सौदागर,कर्तव्यों … Read more