जल है तो कल है
जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** जल ही जीवन है,जल है तो कल है,जल सबका ही हल,जल कल बल है। जल से सरिता बहै,जल के बादल है,जल के कुंए-ताल,जल का नल है। जल की गंगा-यमुना,गोमती चंबल है,गोदावरी-घाघरा,बह रही छलाछल है। गहरा प्रतीक होता मान का जल है,पानी उतर जाना इज्जत का जल है। सवाल स्वाभिमान का बताता … Read more