साहित्य अकादमी मप्र द्वारा अभिभाषक विजय सिंह चौहान की पाण्डुलिपि ‘संवेदनाओं का आचमन’ स्वीकृत

भोपाल(मप्र)। साहित्य अकादमी(मध्यप्रदेश) संस्कृति परिषद् (मप्र शासन संस्कृति विभाग, भोपाल) द्वारा वर्ष २०१८ एवं २०१९ हेतु प्रदेश के लेखक की प्रथम कृति के प्रकाशनार्थ श्रेष्ठ पाण्डुलिपियों की घोषणा कर दी है। इस प्रकाशन योजना के अंतर्गत इंदौर निवासी साहित्यकार व अभिभाषक विजय सिंह चौहान (इंदौर) की कृति ‘संवेदनाओं का आचमन’ (लघुकथा) स्वीकृत हुई है़।अकादमी के … Read more

हिन्दी हितकर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *************************************** हिन्दी हितकर है सदा,हिन्दी है अभियान।हिन्दी में तो आन है,हिन्दी में है शान॥ हिन्दी सदा विशिष्ट है,हिन्दी है उत्कृष्ट।हिन्दी अपनाएँ सभी,होकर के आकृष्ट॥ कला और साहित्य है,पूर्ण करे अरमान।हिन्दी में है उच्चता, ‘शरद’ सभी लें मान॥ हिन्दी का उत्थान हो,हिंदी मंगलगान।हिन्दी का सम्मान हो,हिन्दी का गुणगान॥ हिन्दी तो समृध्द है,हिन्दी … Read more

मेरे मास्टर जी…

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** आँखों पर मोटा-सा चश्मा,छड़ी का वो जादुई करिश्मामाथे पे खिंची गहरी रेखाएं,ज्ञान की कहती थीं कथाएँ। सजल सौम्य उजला चेहरा,सूरज का मुखड़े पर पहरामीठी मधुर मिश्री घुली वाणी,हुई अवतरित वीणापाणि। कुर्ते की वो उलझी सिलवटें,जीवन के बिस्तर पर करवटेंतन पर एक सस्ती-सी धोती,लक्ष्मी कहाँ किसी की होती। काँधे पर कुछ … Read more

दिन ख़ुशी के आयेंगे

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** कहने को आप कह’ दें के अम्न-ओ-अमान है।खौफ़-ओ-ख़तर के साए में चुप हर ज़ुबान है। घेरे हुए हैं आज हमें ग़म तो क्या हुआ,दिन फिर ख़ुशी के आयेंगे यह इतमिनान है। अम्न-ओ-अमान,चैनो सुकूँ,मेल ‘जोल में,सानी ‘न जिसका कोई ‘वो हिन्दोस्तान है। बैठे ‘हैं आज हारे हुए बाज़ की तरह,आपस के इन्तेशार … Read more

हिंदी और राष्ट्र भाषा

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** महाभारत में एक प्रसंग आता है-युधिष्ठिर से यक्ष ने पूछा कि,-‘एक सुखी और समृद्ध राष्ट्र की क्या विशेषताएं होती हैं ?’इस पर युधिष्ठिर ने बताया कि-‘जिसकी सीमाएं निश्चित हो। जिसकी सुगठित सेना हो। जिसके राजकोष की नियमित आय हो। जिसके नागरिकों में देश भक्ति का भाव भरा हो। जिसकी एक निश्चित भाषा … Read more

बचपन के खेल

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* प्यार से बचपन की तस्वीर को देखा,बीता अपना सलोना बचपन टटोलाअनगिनत खेलों में खुशियों को खोजा,गेंद गिट्टे,ऊँच-नीच का पापड़ा,पाया। स्टापू के साथ-साथ रस्सा उछाला,लुका-छिपी,कबड्डी व पिट्ठू गरमायाडन्डे से गिल्ली को भी हम साथियों ने,आखिरी गली तक खूब नचाया। कैरम को क्रिकेट मैदान बनाया,शतरंज पे राजा-वज़ीर दौड़ायागुड्डे-गुड़िया का ब्याह रचाया,फिरकी को … Read more

जोड़ने का काम करता है साहित्य

सम्मान समारोह… इंदौर (मप्र)। साहित्य जोड़ने का काम करता है, शब्द ब्रहम होता है उसकी अर्थवत्ता सबसे ऊपर होती है। हिन्दी ने पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोया है।यह उद्गार कवि सत्यनारायण सत्तन(सभापति) ने श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में व्यक्त किए। प्रसंग था शिक्षाविद् साहित्यकार डॉ. हेमलता दिखित की … Read more

शिक्षक मार्गदर्शक इंद्रधनुषी जीवन पथ के

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* शिक्षक:मेरी ज़िंदगी के रंग’ स्पर्धा विशेष….. जब भी ‘शिक्षक’ की बात होती है,तो अपने छात्र दिवस की सुनहरी यादें मन मस्तिष्क में उभर आती हैं। विद्यालय के शिक्षक हों,या कला क्षेत्र में,सबकी अपनी गरिमा होती है।सर्वप्रथम शिक्षक तो हमारे माता-पिता ही होते हैं, जो हमारे लालन-पालन के साथ हमें आ … Read more

मातृ शक्ति हिंदी

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** हिंदी दिवस विशेष…. बोलेंगे हम मिलकर हिंदी।माथे इसके लगती बिंदी॥हिन्द देश के हम हैं वासी।बनों नहीं अंग्रेजी दासी॥ अंग्रेजी को मार भगाओ।हिंदी सीखो और सिखाओ॥हिंदी को पहचान बनाओ।बच्चे-बूढ़े सभी जगाओ॥ हिंदी भाषा होती प्यारी।बोलेंगे हम जीवन सारी॥समय-समय पर बदलो भाषा।हिंदी है सबकी अभिलाषा॥ मातृ शक्ति हिंदी कहलाती।मानव की पहचान … Read more

अपने-अनजाने

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ मुफ़लिसी में अपने अनजाने हुए जाते हैं।दौलत देख ग़ैर भी जाने पहचाने हुए जाते हैं। पढ़-लिख कर जब दौलत कमाने लगे बेटे,उनके बेढंग हौंसले मनमाने हुए जाते हैं। नया ज़माना नई-नई मुसीबतें लेकर आया है,उनके क़दमों रूख़ मयख़ाने हुए जाते हैं। बेटियाँ बेहया हो ससुराल में टिकती नहीं,‘लिव इन रिलेशन’ के बुतखाने हुए … Read more