जीत होगी सच्चाई की

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ क्या सहते जाना ही ज़िन्दगी है़।क्या रब की यही बन्दग़ी है। झूठ हमेशा जीत क्यों जाता है,क्या उजालों में झूठ की रौशनी है। जिस्मानी रिश्ते क़ीमती हो गए,खून के रिश्तों में थी क्या कमी है। मेरा घर हथियाने आई है बला,ये उसकी माँ से मिली दरिन्दगी है। कब तक झूठ से बचती रहेगी … Read more

नदी में तू,बादल में तू

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** नदी में तू,बादल में तूनयनों के आँचल में तू,कभी मीठा-सा,कभी खारा-सा…नदी से ले सागर में तू। हिम भी तू, वाष्प भी तूहै प्राणों की आस भी तू,कभी भारी-सा,कभी हल्का-सा…अंजुल से ले गागर में तू। झरनों में तू,वर्णों में तूसंस्कारों संग धर्मों में तू,कभी गीतों में,कभी भजनों में…पहाड़ों के जागर में तू। ग़म … Read more

शिक्षा है़ पिछड़ी

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ************************************ हुआ साल बर्बाद,काल कोरोना आया।हुए सभी बीमार,कहर दुनिया में छाया॥कमरे में सब बंद,बैठ कर रहते सारे।दूर-दूर सब लोग,लगे जैसे बेचारे॥ स्कूल-कॉलेज बंद,पढ़ाई हुई अधूरी।निकली कुछ तरकीब,ऑनलाइन की पूरी॥बच्चे बैठे रोज,हाथ मोबाइल पकड़े।बीमारी भी साथ,सभी बच्चों को जकड़े॥ करे बहाने रोज,हाथ मोबाइल भाये।खेला करते गेम,पढ़ाई समझ न आये॥पुस्तक-कॉपी देख,परीक्षा लिखते … Read more

तुझे जी भर जिया जिंदगी

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** आज तक मैंने तुझे जी भर जिया ए जिंदगी।हर रिवायत में इज़ाफ़ा ही किया ए जिंदगी। आदमी का काम है हर हाल में जीना तुझे,सोम रस या ज़हर तू डटकर पिया ए जिंदगी। भूख रोटी की मुझे हरगिज हरा पायी नहीं,ज़ख्म हर उसका इरादों से सिया ए जिंदगी। जब उजालों ने … Read more

प्रिये,मेरी आँखें तरस गईं…

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* तुमको देखने प्रिये मेरी आँखें तरस गईं,स्मृतियों के मेघ छाये सावन-सी बरस गईंये सूरज भी हँस-हँस के मुझे ताने है मारता,संध्या के बहाने वो बस मुझको ही ताकतामीठी ये पुरवाई भी नागिन-सी डस गई,तुमको देखने प्रिये मेरी आँखें तरस गईं। देखो कोयल ने भी छेड़ी कैसी मधुर तान,सखियाँ सभी झूम … Read more

प्रेम के ताने-बाने में गुथी कहानियों का गुलदस्ता है ‘नदी-सी तुम’

विमोचन-चर्चा….. इंदौर(मप्र)। मेरे प्रथम कहानी संग्रह ‘नदी-सी तुम’ में २३ कहानियां हैं,जो रोचक और मार्मिक है। बचपन से ही मुझे पढ़ने का शौक रहा है। इसी शौक ने मुझे लेखन के लिए प्रेरित किया। मेरी कहानी का केन्द्र बिंदु प्रेम है। प्रेम एक व्यापक शब्द है,जिसमें आशा, निराशा,संवेदना,विश्वास,प्रतीक्षा सभी कुछ है। इसी को आधार बनाकर … Read more

पतवार है़ दोस्ती

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** खिलती फूल की कली जैसे बहार है दोस्ती,दोपहर चैन भरी नींद का करार है दोस्ती।दोस्त रेशमी भरोसे भरे नाजुक बंधन हैं-अमावस में कतरा-ए-नूर एतबार है दोस्ती॥ भीने महकते पारिजात बौछार है दोस्ती,झीनी चादर चंदैनी की दुलार है दोस्ती।केशर की क्यारी में धीमे चलने की आहट-किसी झील के शिकारे में पतवार है दोस्ती॥ जिसकी … Read more

आरक्षण:विशेष अवसर अवश्य मिले,लेकिन विशेष का उचित होना भी अत्यंत जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सरकार ने चिकित्सा की पढ़ाई में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए २७ प्रतिशत और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए १० प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है। यह आरक्षण एमबीबीएस,एमडी,एमएस, डिप्लोमा,बीडीएस और एमडीएस आदि सभी कक्षाओं में मिलेगा। आरक्षण का यह प्रावधान सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों पर लागू होगा। इस आरक्षण के … Read more

तिरंगा हमारा

क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** गूंज रहा है दुनिया में भारत का नगाड़ा,चमक रहा आसमां में देश का सितारा।आजादी के दिन आओ मिल के करें दुआ,कि बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा॥ भूल न जाना भारत माँ के सपूतों का बलिदान,इस दिन के लिए हुए थे जो हँस कर कुरबान।आजादी की ये खुशियाँ मनाकर लो ये शपथ,कि … Read more

दुनिया रब का साकार स्वप्न

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* कभी-कभी मन मेंख़्याल आता है कि,यदि ये दुनिया इकस्वप्न की भांति होती,तो कैसी होती ??फिर अगले ही पल,अपने ही ख़्याल काउत्तर ज़ेहन में आता है।ये रंग बदलते बादल,विभिन्न आकार के पर्वतगहरा असीम समन्दर,गरम ठंडी बहती हवाएँलहलहाते पेड़-पौधे,खिलखिलाते फूल-पत्ते।कलरव करते पक्षी,धीर गंभीर धरतीविचरण करते जीव-जन्तु,नदियों का प्रवाहझरनों की कल-कल।ये सब रब … Read more