जीत होगी सच्चाई की
रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ क्या सहते जाना ही ज़िन्दगी है़।क्या रब की यही बन्दग़ी है। झूठ हमेशा जीत क्यों जाता है,क्या उजालों में झूठ की रौशनी है। जिस्मानी रिश्ते क़ीमती हो गए,खून के रिश्तों में थी क्या कमी है। मेरा घर हथियाने आई है बला,ये उसकी माँ से मिली दरिन्दगी है। कब तक झूठ से बचती रहेगी … Read more