‘इलाज-पत्र’ की नई पहल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिसे ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ कहकर शुरु किया है,उसे हिंदी में ‘इलाज-पत्र’ कहता हूँ। नौकरशाहों द्वारा यह अधकचरी अंग्रेजी में गढ़ा गया नाम यदि सादी भारतीय भाषा में होता तो वह आम आदमी की जुबान पर आसानी से चढ़ जाता लेकिन जो भी हो, यह ‘इलाज पत्र’ भारत … Read more

पितृ स्मरण…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** पितृ पक्ष विशेष…. सदियों से आने-जाने,की अनवरत कड़ी हैसंबंधों के सेतु अर्पण,की सुनिश्चित लड़ी है। दिवंगत पितृजनों का,पुण्य स्मरण होता हैश्रद्धा और विश्वास से,सदा समर्पण होता है। पितृ सदैव आशीर्वाद,के रूप में समर्पित हैउनकी स्मृतियों में ही,यह जीवन अर्पित है। पितृ अंतःकरण की,भावनाओं से प्रेरित हैनिज आत्म संतुष्टि के,विचार अभिप्रेरित है। पितरों से … Read more

‘कलश’ व ‘सहज’ को मिला ‘काव्यश्री’ सम्मान

कोटा (राजस्थान)। विश्व का सबसे लंबा आभासी ऑनलाइन कवि सम्मेलन इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया जा चुका है। बुलंदी जज्बात-ए-कलम संस्था द्वारा आयोजित इस सम्मलेन में संस्थापक बादल व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश शर्मा ने राजस्थान के जिला कोटा में रहने वाले कवि कपिल खंडेलवाल ‘कलश’ व डॉ. रघुनाथ मिश्र ‘सहज’ को ‘काव्यश्री’ सम्मान से … Read more

हिंदी है अभिमान

सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************* भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. हिन्द देश की पावन सरिता,हिन्दी जिसका नाम हैजन-जन के दिल में बहती,भारत का सम्मान है। हिन्दी भाषा सरल मधुर,बिन्दी सोहे भाल हैछंदों-गीतों में छलके,अनुपम अद्भुत ताल है। हिन्दी अलंकृत आन-बान,मातृभाषा विज्ञान हैइसकी छाँव तले जीवन,सुरभित सुमन सुजान है। भावों के हैं शब्द निराले,शब्द कमल सजते … Read more

भारत की आत्मा हिंदी

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. हिंदुस्तान की आत्माहैं हिंदी,भारत के माथेकी है यह बिंदी। आज कल हिंदी है,किसीकोने में पड़ी,अंग्रेजी हैं इसकेसामने,रोड़ा बनकर खड़ी। हिंदी को रख दियाहै हमने तोड़ मरोड़कर,अंग्रेजी भाषा केनए-नए शब्द जोड़कर। हिन्दुस्तान में अब‘हिंदी दिवस’,मनाना पड़ता हैहम हिंदी है ये,अब हमें याददिलाना पड़ता है। … Read more

हिंदी:भाषा-प्रयोगशाला बनाई जाए

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. “हिंदी में तो शान है,हिंदी में है आन।हिंदी में क्षमता भरी,हिंदी में है मान॥हिंदी में है नम्रता,किंचित नहीं अभाव।नवल ताज़गी संग ले,बढ़ता सतत प्रभाव॥” हिंदी एक ऐसी भाषा है जो आसानी से हर वर्ग को समझ आती है। हिंदी के विकास के लिए … Read more

हिंदीभाषी प्रान्त एक हो जाएं तो कठिन काम नहीं

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. आप जितना परछाई पकड़ने का प्रयास करते हैं,वह बढ़ती जाती है और आप स्थिर हो जाएं तो वह पकड़ में आ जाती है। ऐसे ही हिंदी दिवस पर हिंदी की बात एक औपचारिकता होती है। आज हिंदी का विकास,लेखन और प्रचलन कागजों में बहुत है,पर व्यवहारिक … Read more

विश्व में हिंदी का परचम लहराएँ

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. अनुपम है,देवनागरी भाषा-हिंद की आशा। हिंदी से हम,हिंदी ही स्वाभिमान-हिंदी में प्राण। नस-नस में,प्यारी हिंदी समाई-गर्व बढ़ाईI हिंदी की बिंदी,माँ का श्रंगार बिंदी-प्यारी-सी बिंदी। आज़ादी के बाद जब संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में बाँध कर रखने की आवश्यकता महसूस हुई तो ये … Read more

देश की आभा फिर हो

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** स्वार्थ के वश सब अपनी सोचें,देश की है किसको चिंता।एक स्वार्थ से सब स्वार्थ सधेंगे,सोचो तुम जो हो जिन्दा। बाग ही गर जो उजड़ गया तो,फूल कहाँ रह पाएगा।गुलशन भले ही आज सजा हो,पतझड़ में मुरझाएगा। एक-एक से मिलकर हम अब,सवा अरब के पार हुए।एक पेट और हाथ है … Read more

कौवे का शुभ संदेश

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* पितृ पक्ष विशेष…. कौवे की शुभ सुन लें बात,देता है सुंदर सौगात।मूर्ख मनुज कैसा इंसान,पितर पक्ष में बने महान। ढोंग करे अरु व्यर्थ सम्मान,प्राणयुक्त में रखा न ध्यान।मीठे पकवानों का भोग,खाएँगे यह पाले रोग॥ कहते कौवा खाओ भोग,प्रेषित करते बहुत वियोग।प्राणयुक्त में बड़ा रूलाय,मृत होने पर रीत निभाय॥ वृद्धावस्था का जो … Read more