आन बसे क्यों नदी किनारे ?
जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** मिट्टी का घर कांप रहा है,पानी ढो-ढो थके पनारे।तीखी वर्षा के हमलों से,रोते पाये छान उसारे॥ दुश्मन दिखती तेज हवाएं,बरखा अब दहशत फैलाये,धरती पर पानी ही पानी,डूबे गाँव गली चौबारे॥ नदी क्षेत्र में गाँव हमारा,नीची बस्ती तरफ किनारा,रूह कांपती देख देख कर ,नदिया खड़े हिलोरे मारे। आले-खिड़की सब गीले हैं,गद्दे बिस्तर … Read more