आशा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* डरकर रुक जाना नहीं,सुन ऐ मेरे मीत।संघर्षों से तू निभा,हर मुश्किल में प्रीत॥ मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत।काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत॥ हर मुश्किल में जब जले,आशाओं के दीप।तब ही मिल पाती सतत्,चलकर विजय समीप॥ मन को कभी न हारना,हरदम रख आवेश।राणा साँगा सा रहे,प्रिय … Read more

ज़िन्दगी में ज़िन्दगी

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** क्यों ज़िन्दगी पर बहस हो रही है यहां ?ज़िन्दगी में ज़िन्दगी ढूंढना होगा,बतलाना और समझाना होगाज़िन्दगी में ज़िन्दगी ढूंढना ही,सही मतलब है ज़िन्दगी मेंज़िन्दगी का नाम भी है इसी में।बचपन की यादें अब न रखो यारों याद,बस यह तो गुजर गई हैफिर कहां आएगी,ज़िन्दगी यहां हरपल,घटती चली जा रही है।कोई खुशियां लिए जी रहा … Read more

हिंदी निबंध प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

नई दिल्ली। लायंस क्लब नई दिल्ली अलकनंदा द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ हिंदी निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान समारोह हाॅलमार्क बैंकट हाॅल में किया गया। मुख्य अतिथि रीजनल चेयरमैन लाॅयन इंद्रजीत सिंह सहित अलकनंदा के अध्यक्ष ललित गर्ग,डिस्ट्रिक के उपाध्यक्ष प्रदीप सिंघल एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कमेटी के प्रमुख लाॅयन नरेन्द्र … Read more

तुम्हें फूल कहूँ या फूल हैं तुम्हारे जैसे

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* काली-काली घटाएँ-तुम्हारी जुल्फें हों जैसे,खिले हुए गुल-तुम्हारा चेहरा हो जैसे। डगर पर उड़ते पत्ते-तुम्हारी चाल हो जैसे,पंखुडियों का हिलना-लब बोलते हों जैसे। लहराती लताएँ-तुम्हारी अदाएँ हो जैसे,दहलीज पर बिखरे फूल-तुम्हारी हँसी हो जैसे। तुम्हें फूल कहूँ या-फूल हैं तुम्हारे जैसे,तुम मानो न मानो-मुझे लगता है ऐसे।तुम्हें लग गया हो-सोलहवां साल … Read more

अंतर्द्वंद

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* मैं राम जपूं या बांके बिहारी,हनुमान जपूं या त्रिपुरारी।इस असमंजस में रहती हूं,कुछ आगे सोच नहीं पाती।दिन,साल,महीने बीत गए,उदिग्न-सी खुद को हूं पाती।एक दिन मेरा अंतस बोला,‘इतनी व्याकुल क्यों रहती हो,क्या माकड-जाल सा बुनती हो ?हैं राम वही,जो बांके बिहारी,हनुमान वही,जो त्रिपुरारी।सब धर्म कहें ईश्वर है एक,क्यों तुमको देखते हैं अनेक ?ईश्वर … Read more

मुस्कुराते रहेंगे

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ बिन तेरे हम मुस्कुराते रहेंगे।चाहा है तुमको छुपाते रहेंगे। ग़म न आये कभी जीवन में तेरे,ख़ुदा को सदा हम मनाते रहेंगे। करो हमसे जितनी भी नफरत सनम,प्यार में सर सदा झुकाते रहेंगे। जहाँ भी रहो,वहाँ खुशी से रहना,आपका साथ हम निभाते रहेंगे। राहों में तेरे ‘उजाला’ रहेगा,शमा बन खुदी को जलाते रहेंगे॥ … Read more

भारत नया बनाएंगे

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** मिलकर फिर लहू बहाएंगे,हम भारत नया बनाएंगेजाति-धर्म की बात जो करते,उनको इंसान बनाएंगे। खर्चों से कुछ नित्य बचाकर,रूखी-सूखी रोटी खाकरशिक्षा की अलख जगाएंगे,हम भारत नया बनाएंगे। प्यार से चाहे,तकरार से,हर प्रयास से,हर प्रकार सेनफरत के निशां मिटाएंगे,हम भारत नया बनाएंगे। बची रहे बेटी की अस्मत,प्राणों से प्यारी यह दौलतबेटी का मान बढ़ाएंगे,हम … Read more

स्वप्न तरुण अनुबंध तेरा

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** स्वप्न तरुण अनुबंध तेरास्वप्न बांधों न तार,किस तरु बसेरा तेरास्वप्न सांचों न सार। माया तरुण ठगे जगतजैसे नाम ईश्वर उपहार,स्वर्ग-नरक के फेर मेंस्वप्न बड़ा ईश्वर आधार। व्योम देह भरी तेरीतरुण-वरुण का संगी सार,भीतर-बाहर व्योम भरीस्वप्न व्योम कराएं पार। ईश्वर आधार नाम मात्रसंकेत मानो अविरल धार।व्योम इश्वर धाम तन्त्र,स्वप्न अनुभूति उसके पार॥

शीत में इस अगन बन के

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** रचना शिल्प:२१२२ २१२२….. तुम सुबह की किरन बन के,और मध्यम पवन बन केतोड़ सीमा आज आओ,शीत में इस अगन बन के। पुंज प्रकाशित शिखर लौ,दिव्य मेरे मुख चमक तुमदीप की ये ज्योति अनुपम,शब्द तुम मै बयन बन के। हंस तुम आकाश उड़ते,पांख मैं तुझमें लगी सीपार नभ के उड़ चले हम,साथ मेरे … Read more

क्यों हँसते हो चाँद!

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* ओ नील गगन के चाँद,कहो क्यों मुझे देख कर हँसते हो!क्या अपने दिल से तुम मुझे एकदम पगली समझते हो! नील गगन के बीच में चमकते हुए अर्ध रुप दिखाते हो,मैं जहाँ भी जाती हूंँ,तुम भी आगे-आगे चलते जाते हो। मुझे देख देख तुम हॅ॑सते हो चाँद,क्या मैं तुझे भा गई … Read more