घड़ियाली आँसुओं की वर्षा…
डॉ. रवि शर्मा ‘मधुप’रानी बाग(दिल्ली)****************************** वर्षा फिर आ गई। हर साल आती है। हज़ारों सालों से आती है। कुछ को हँसाती है,तो कुछ को रुलाती है। वक्त-वक्त की बात है। २ साल पहले तक देश कृषि प्रधान था। वर्षा आती थी,साथ में खुशी लाती थी। खेत सोना उगलते थे। बारिश के ४ महीने यानी चौमासा। … Read more