सावन आया अपने द्वार
आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* बहने लगी बरसाती बयार,बूंदों की होने लगी है बौछारधरती पर फिर छाया है बहार,देखो सावन आया अपने द्वार। प्रेम अग्नि में जले तन-मन अंतरंग,दिल में मेरे हैं अनोखी उमंगधरती गगन में उठे हैं तरंग,मन में मधुर हैं खुशियां अपार।देखो सावन आया अपने द्वार… अब आया पावस का खु़मार,नदियों … Read more