कृष्ण जन्म

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** जन्माष्टमी विशेष………. जन्म लिये जब कृष्ण,घना बादल था छाया।बरसे पानी मेघ,देख मन भी घबराया॥टूटे बेड़ी हाथ,पाँव के बंधन खोले।देख देवकी मात,तनिक कुछ भी नहिं बोले॥ बाल रूप में आज,प्रगट हो गये मुरारी।दिखे साँवला रूप,कृष्ण मारे किलकारी॥मधुर-मधुर मुस्काय,देवकी मात निहारे।अपने धुन में खेल,लगे हैं कितने प्यारे॥ पकड़े वासुदेव,सूप में कृष्ण … Read more

कर ले कुछ अच्छे कर्म

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** दिल से दिल मिलाकर देखो,जिंदगी की हकीकत जानकर देखोअपना-तुपना करना भूल जाओगे,अंत में एक ही पेड़ के नीचे आओगेतब अपने आपको पहचान पाओगेक्योंकि छोड़कर नश्वर शरीर,एक दिन सबको जाना हैजो भी कमाया धमाया,सब यहीं छोड़ जाना हैफिर भी दौड़ता रहता है,तू यहाँ से वहाँ संसार मेंजिस माया के चक्कर में,वो तेरे साथ … Read more

समिति के प्रधानमंत्री प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी ने किया कविता पाठ

इंदौर (मप्र)। देश में राष्ट्रभाषा हिंदी का प्रसार कर उसके माध्यम से देशवासियों को एकसूत्र में बाँधकर उनमें साहित्यिक,सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने के उद्देश्य में सतत रूप से संलग्न श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति, इन्दौर द्वारा हिंदी के ख्यात हस्ताक्षरों को तकनीक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जन-जन तक पहुँचाना जारी है। … Read more

कजरा

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** कजरा आँखों में सजे,पायल छनके पाँव।गोरी की कँगना बजे,सुनों शहर से गाँव॥सुनो शहर से गाँव,देख लो शोर मचाती।नाजुक कली गुलाब,खिले खुशबू फैलाती॥कहे ‘विनायक राज’,लगाई बालों गजरा।उसकी नैन कटार,बने आँखों की कजरा॥

नहीं चाहिए शुभेच्छा फूलों से

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)************************************** नहीं चाहिए मुझे स्वागत गुलदस्ते की-या सुंदर फूलों की माला,मैं असमंजस में या परेशान होता हूँ-जब दिल में चुभती है फूलों की यंत्रणा।एहसास करता हूँ स्वयं अपराधी का-जब सुनता हूँ फूलों का निःशब्द रोना,अनुभव करता हूँ फूलों की बेचैनी-उन लोगों के मुक्त होने की कामना।खिले थे फूल रंग-बिरंगे-प्राकृतिक सौंदर्य के आवेग … Read more

काबुलःबैठे रहो और देखते रहो ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत सरकार की अफगान नीति पर हमारे सभी राजनीतिक दल और विदेश नीति के विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। उन्हें प्रसन्नता है कि तालिबान भारतीयों को बिल्कुल भी तंग नहीं कर रहे हैं और भारत सरकार उनकी वापसी में काफी मुस्तैदी दिखा रही है। वह जो भी कर रही है,वह तो किसी भी … Read more

माँ

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** छोटे-बड़ा होने तक,करत सार-सम्हाल,माँ तो माँ हुआ करती,हरदम रखती ख्याल। नाराज भी होती है,हक से देती डांट,सदा दिल पावन निश्छल,नांहिन होती गाँठ। बुरा तो वो सपने भी,कभी सोचती नांहि,ईश्वर वो साक्षात है,बसे हृदय के मांहि। अंबा शारद चंडिका,काली-गौरी मात,संतति की फिक्र करत है,अष्ट प्रहर दिन-रात। माँ कल्याणी दयामयी,देती है संस्कार,माँ से … Read more

अरे रामा तड़पन लागे ना…

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** फूल तोड़न गयी फुलवारी,सावन बरसन लागे नाकि सावन बरसन लागे ना,सावन हमरी बैरी लागेदेख अकेली,डराये गरजन लागे नाअरे रामा…। बूंदन में भंगिया असर है,बैरन लागे कैसे खबर हैसँग नहीं मोरे संगवारी,अरे राम दरसन लागे ना…। तोड़ रखी चमेली मोगरा,भर कर मोर लाली आँचराभीगी चोली अंगिया सारी,अरे रामा बहकन लागे ना…। तीज करूं और … Read more

जागो यशोदा मैया

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* जागो जागो अब ओ यशोदा मैया,तेरे घर आ गए हैं श्रीकृष्ण कन्हैयासिर में शोभता अजब मोर मुकुट,तेरा पुत्र मुरली भी संग ले लाया है। देखो नन्द जी के आँगन में आज,अनगिनत नाचते गाते पाँवरियादेखो आज गोकुल की सखियाॅ॑,मन ही मन हो गई है बावरिया। मैया यशोदा नन्द जी के लाल,सुन्दर मुखड़ा … Read more

१९६५ की देशभक्ति और प्रदर्शनी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** यादों के झरोखे से… १९६५ में भारत और पाकिस्तान में युद्ध छिड़ा हुआ था। मैं उन दिनों उषा सिलाई स्कूल में सिलाई- कढ़ाई का प्रशिक्षण ले रही थी। उस समय लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री थे। उन्होंने देश के लोगों में देशभक्ति का ऐसा जज्बा पैदा कर दिया था कि महिलाओं ने अपने … Read more