द्रोपदी पूछ रही है…
राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** अन्याय होता देखकर जो बोलते नहीं,जुल्म होता देखकर मुँह खोलते नहींद्रोपदी ये पूछती है चीख-चीख आज,मौन क्यों थे जब सभा में लुट रही थी लाज ? जिस सभा में होता हो ऐसा जघन्य पाप,द्रौपदी देती है उन सभी को आज श्रापहक नहीं है जीने का…ऐसे समाज को,धिक्कार है धिक्कार है ऐसे समाज … Read more