समकालीन कविताएं दिनकर के युगधर्म,हुंकार और भूचाल से प्रभावित
कवि सम्मेलन…. मंडला(मप्र)। राजनीति जब डगमगाती है,तब साहित्य उसे संभाल लेता है। साहित्य की इस प्रासंगिकता को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर बखूबी समझते थे। शायद,यही कारण था कि उन्होंने सौंदर्य शास्त्र की अनुपम भेंट ‘उर्वशी’ का सृजन करते हुए भी,राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत ओजस्वी कविताओं का सृजन खूब जमकर किया।समकालीन कविताएं दिनकर के युगधर्म,हुंकार और … Read more