पूर्व जन्म का मिलन है प्यार

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* तेरा-मेरा प्यार हुआ,ये पूर्व जन्मों का ही मिलन है,अद्भुत प्रेम कहानी होती है,जो बीती प्रेम गठन है। यह भी ईश्वर की माया है जो इस जन्म में मिले हैं,तभी दोनों के आज फिर से प्यार के फूल खिले हैं। हुआ दोनों को प्यार,प्रेम-पुजारी का ये बन्धन है,या शादी विवाह के नाम … Read more

बहुत प्रेम है आपसे

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ देखती हूँ जब भी,मैं अपने अश्क कोआईने में अमूमन,तब-तबइन नमी-सी आँखों में,ख्वाब नजर आता है।अठखेलियाँ करता है,वक़्त मुझसेतब-तब,ले जाता है,मुझे उस युग की ओरजहाँ पीड़ा थी मीरा जैसी,मिलन कुछ राधा-सादोनों ही हैं कुछ पूरे से,दोनों में ही कृष्ण आधा-सा।तब-तब,तुम्हारे लिए इसहृदय की कोमल अभिव्यक्तियां,सदैव सुन्दर,गझिन(घनी)और शाश्वत,निश्छल,गंगा-सी पवित्र हो जाती है।तुम दूर … Read more

उठा सुदर्शन चक्र फिर

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************** यायावर समझो सरित,तीर जलधि हो दूर।प्रवहमान सत कर्मपथ,कभी न हो मज़बूर॥ पारस मणि है आत्मबल,पाञ्चजन्य है धीर।साहस है रक्षा कवच,जीवन रण गंभीर॥ शरशय्या पर लक्ष्यपथ,शोणित रंजित राह।भीष्म बनो तुम त्याग सच,जीए जब तक चाह॥ फॅंसा चक्र के व्यूह में,महारथी फिर एक।लूट घूस कायर छली,आतंकी बन नेक॥ कवि निकुंज शोकार्त … Read more

माँ भगवती को नमन

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** नवरात्र विशेष….. माँ भगवती को नमन,वन्दन व अभिनन्दनमाँ का श्रंगार है सर्वोपरि,इस कारण है दिखती बड़ीशक्ति की अवतार है माँ,तीनों लोकों को स्वीकार है माँ। सृष्टि की पालनकर्ता,पापियों का करती संहारयह भवतारिणी,भावभामिनी,व भावहारिणी की है अवतार। भक्तों की कष्टों व संकटों की है,हम-सबकी छायानौ दिवसों में मिलता है,यह सुन्दर साया। वरदायिनी व सुखदायिनी,हैं सब … Read more

मांग रही बेटी स्नेह

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** पावन सदा दीप-सी बाती,प्रेम की सरस झरती मेह,आँगन की चिड़िया है बेटी,वो उड़ जाती पराय गेह।नियम-कायदे में हम सारे,रिवाज़ रोक नहीं सकते-होता मन मायके देहरी,चलती वह ससुराल सदेह॥ कन्या पूजन इस भू होती,इसमें नहीं कोई संदेह,बेटी दिवस की जरूरत को,सोच-समझ ना करें कलह।कई सौ वर्षों आक्रांताओं,लड़ते पुरुष संख्या हुए क्षीण-स्त्री लूट ले जाते … Read more

मनोकामना का अनुष्ठान है माँ की आराधना

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** नवरात्र विशेष…. सर्व मंगल मांगल्ये,शिव सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।प्रत्येक संवत्सर (साल) में ४ नवरात्र होते हैं, जिनमें विद्वानों एवं ज्योतिषाचार्यों ने वर्ष में २ बार नवरात्रों में माँ की आराधना का विधान बनाया है। विक्रम संवत के पहले दिन अर्थात चैत्र मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा (पहली तिथि) से … Read more

मातारानी को पूजें

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** नवरात्र विशेष….. करे जो पूजा और भक्ति,नवरात्रि के दिनों मेंऔर करते हैं साधना,माता की उपासना करकेतो मिलता है सूकून,उसे अपने जीवन मेंऔर हो जाती इच्छाएं,उसकी इन दिनों में पूरी। माता के नौ रूपों को,जो नौ दिन पूजते हैंउन्हें हर रूप का दर्शन,अपनी साधना में दिखता हैऔर माता रानी उसकी,हर मुराद पूरी कर … Read more

फैला दो माँ फिर उजियार

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ***************************************** नवरात्र विशेष….. दुर्गा माँ तुम आ गईं,हरने को हर पाप।संभव सब कुछ आपको,तेरा अतुलित ताप॥ बढ़ता ही अब जा रहा,जग में नित अँधियार।फैला दो माँ वेग से,तुम अब फिर उजियार॥ भटका है हर आदमी,बना हुआ हैवान।हे माँ! दे दो तो ज़रा,तुम विवेक का मान॥ सद्चिंतन तजकर हुआ,मानव गरिमाहीन।दुर्गा माँ दुर्गुण … Read more

समय खराब नहीं…सीख लेनी होगी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** समय खराब होता है या नहीं,इस बारे में सबकी अलग-अलग सोच हो सकती है। कोई परिस्थितियाँ अनुकूल न होने पर समय खराब है,कहकर हिम्मत हार कर बैठ जाता है तो कोई उन समस्याओं में से ही समाधान ढूँढ लेता है। सामान्य व्यक्ति तनाव और आतंक के दौर को बुरा समय घोषित करता … Read more

जीवन चलने का नाम

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** जीवन चलने का नाम है,रुकना इसका काम नहींअनगिनत राही चलते हैं,पर देता कोई साथ नहीं। हमें बस आगे चलना है,पीछे मुड़ना काम नहींचाहे हमें हो कष्ट सारे,चलते रहना है हमें प्यारे। जब रास्ते होंगे कठिन,और मन होगा गमगीनधैर्य से आगे बढ़ना है,हमें बस चलते रहना है। आते-जाते लोगों को,साथ ले … Read more