सावन आया अपने द्वार

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* बहने लगी बरसाती बयार,बूंदों की होने लगी है बौछारधरती पर फिर छाया है बहार,देखो सावन आया अपने द्वार। प्रेम अग्नि में जले तन-मन अंतरंग,दिल में मेरे हैं अनोखी उमंगधरती गगन में उठे हैं तरंग,मन में मधुर हैं खुशियां अपार।देखो सावन आया अपने द्वार… अब आया पावस का खु़मार,नदियों … Read more

मैं भारत हूँ

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** आघात बहुत सहता आया अब और नहीं बस और नहीं।मैं भारत हूँ अब कहता हूँ दुश्मन को कोई ठोर नहीं॥ उत्तर में पर्वतराज हिमालय करता मेरी रखवाली,जैसे बगिया की रखवाली करता है बगिया का माली।सक्षम हैं हर सैनिक मेरा मैं किसी तरह कमज़ोर नहीं।मैं भारत हूँ अब कहता हूँ दुश्मन को … Read more

महादेव

क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** भोले तूने तो सारी दुनिया तारी है,कभी मेरे सर पे भी धर के हाथ,कह दे-चल बेटा आज तेरी बारी है।किसी ने मुझसे कहा इतने खूबसूरत नहीं हो,मैंने कहा महाकाल के भक्त खूंखार ही अच्छे लगते हैं।कोई दौलत का दीवाना,कोई शोहरत का दीवानाशीशे सा दिल हैं मेरा,में तो सिर्फ महाकाल का दीवाना।हर हर … Read more

भक्त प्रह्लाद

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* हिरणकश्यप नाम था,जग में वो बदनाम था। मैं तो ईश्वर से भी ऊँचा,उसे यही अभिमान था। गाजर-मूली-सा काटता,जो नाम ले भगवान का। एक था पुत्र उसका,भक्त प्रह्लाद नाम का। देख भक्ति प्रह्लाद की,दुश्मन बना सन्तान का। कर लिए लाखों जतन,बिगड़ा न नन्हीं जान का। बुला के होलिका को रचा,फिर खेल … Read more

गुरु है श्रेष्ठ प्रणेता

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* सत्य मार्ग के श्रेष्ठ प्रणेता,गुरु सबका अभिमान है।सुंदर जीवन जो शुभ गढ़ थे,विश्व धरा की शान है॥ विद्यार्थी जीवन पर धरते,नव मंगल की कामना,मनुज धर्म व्यवहार सिखाते,अंतर्मन सम भावना।विपत काल पर हाथ थामते,सत का देते ज्ञान है,सत्य मार्ग के श्रेष्ठ प्रणेता,गुरु सबका अभिमान है…॥ जिज्ञासा दे नित्य सफलता,कहे धरें निज भाव … Read more

सघन हो वृक्ष जहाँ

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* वृक्ष हैं भाग्यशाली वहाँ,झूमे डाली-डाली जहाँइतराते पत्ते होकर उन्मत्त,मस्ती के तराने गाते वहाँ। चिड़ियों का बसेरा रहे सदा,मधुर कलरव से गुंजाएं फ़िजांइक पेड़ से दूजे पेड़ों पर उछल,हिण्डोला झूलें दिन-रात जहाँ। हो प्रेम से हिफाजत उनकी सदा,हो दूर तक विस्तृत जड़ें जहाँठुमक-ठुमक दाने चुने चिड़िया,झुक-झुक लताएं चूमें धरा। प्रांगण में … Read more

रानी तेरी हिम्मत को नमन

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* नमन हे झाँसी की रानी नमन,कितनी हिम्मत थी तुझमेंतेरी हिम्मत को नमन,नमन तुझको नमन। दुश्मन को आप खूब थर्राई थी,कमर कसके आगे आई थीखूब लड़ी ना घबराई थी,दुश्मनों को भगाई थी। मन्नू बेटी दूध पिया था शेरनी का,बनी थी बहू रानी झाँसी कीकर के घोड़े की सवारी,दुश्मनों को ललकारा। अहोभाग्य आपका … Read more

जिंदगी का सलीका

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** जले लफ्ज़ फिर से गये जाग कैसे,दबे तह कुरेदा दिले दाग कैसे ?बुझा कर मजे से जिये जा रहे थे-धुँआ है भभकता लगे आग कैसे ?? उसे जिंदगी का सलीका न आया,बहुत मिन्नतें की,तरीका न आया।बने जिंदगी पढ़ के कातिब-ए-आला-करे क्या उसे पर वजीफ़ा न आया॥ कलमकार है वो तो दिल की लिखेगा,सदा … Read more

करूँ नित्य आराधना

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)***************************************** सत्य की मैं करूँ,नित्य आराधना,प्रेम का स्तवन,ज्ञान की साधना।भाव का प्रस्फुटन दिल में होता रहे-शारदे आपसे बस यही अर्चना॥ तुम्हारे स्नेह की मंदाकिनी में आचमन करके,हुआ पावन हमारा मन तुम्हारा स्तवन करके।हुए हैं प्रस्फुटित अतःकरण में भाव जो निर्मल-उन्हें ही गूँथता ‘शिव’ शब्द में तुमको नमन करके॥ परिचय- शिवेन्द्र मिश्र का साहित्यिक … Read more

राष्ट्र धर्म चहुँ प्रगति में

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************* मानवता सबसे बड़ा,सभी धर्म का मंत्र।रहें प्रेम सद्भाव से,जनहित में हो तंत्र॥ रख विचार सद्भाव से,दें मनभाव विनीत।वाणी हो वश संयमित,अरि मानस भी जीत॥ पुरुषोत्तम ज्ञानी निरत,दर्पण बने समाज।परहित में तज जानकी,रामराज्य सरताज॥ महापुरुष की जिंदगी,दे जीवन संदेश ।त्याग,शील,परहित गुणी,प्रीति नीति परिवेश॥ मूढ़ कौन ज्ञानी यहाँ,तौले कौन समाज।तर्कयुक्त प्रमुदित … Read more