विप्लवी

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* ‘विप्लव’ नाम से जन्म हुआ मेरा-वियतनाम या बांग्लादेश से नहीं,जनम लिया है़ बन्दूक की नाल से-या जलंत शवों की चिता के बीच से,अत्याचार के जख्म से जल रहे हैं-जल रहे मेरे मन के अंतर्मन रह-रह,सिर्फ खून और खून-आर्तनाद या क्रन्दन,माँ की कोख में मृत सन्तानमैं हुआ निःसंग,लुप्त हुए जीवन से गुलशन।मेरा … Read more

करो प्रतिज्ञा-भ्रष्टाचार मिटायेंगे

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** नव विहान के नव प्रकाश से,नव संसार बनायेंगे।करो प्रतिज्ञा सारे जग से,भ्रष्टाचार मिटायेंगे॥ देखो जिधर,उधर ही,भ्रष्टाचार दिखाई देता है।देश,प्रदेश,विश्व में,अत्याचार दिखाई देता है॥रिश्तों-नातों में केवल,व्यापार दिखाई देता है।झूठ,कपट,छल,छद्म-युक्त,व्यवहार दिखाई देता है॥ क्या ऐसे ही हम ईश्वर के,राजकुमार कहायेंगे ?करो प्रतिज्ञा सारे जग से,भ्रष्टाचार मिटाएंगे…॥ अहंकार,आलस,विलास,हमको ही छलता जाता है।पड़ी मुफ्तखोरी की लत,पुरूषार्थ … Read more

जी लें एक ज़िन्दगी नई

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ आओ आज,करें कोई बात नई।छोड़ो पुराने गिले-शिक़वे,छेड़ो कोई ग़ज़ल नई। गर्म हवाओं से,जिस्म थकने लगा है।दे इसको एक,ठंडक नई। ज़िन्दगी की तल्ख़ियों ने,आज ख़ुद को भुलाया है।दें अपने अस्तित्व को,आज एक पहचान नई। परिवार का सुख याद रहा,ख़ुद का सुख भूल गए।आओ एक पल को सही,जी लें एक ज़िन्दगी नई। गुज़रते वक़्त से … Read more

पत्ता

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** पत्ता-पत्ता झूमकर,धरती दे अनुराग।पावस सम खुशियाँ कहाँ,है हरियाली जाग॥ छेड़े रागनियाँ पवन,पत्ते करते नाच।तरुवर डोले डालियाँ,लगे बूंद जल काँच॥ झुलसे पादप ग्रीष्म से,पतझड़ पात विहीन।आगम वर्षा जी उठे,पौधे उगे महीन॥ कोमल पल्लव काँपते,खग पश पीपल ठाँव।शीतल कोटर घोंसले,करते कलरव छाँव॥ कोमल मिट्टी स्नेह से,पाले पोषय पेड़।जीवन वृक्ष हरस उठे,हो बरखा मुठभेड़॥ पात-पात पर … Read more

क्या-क्या करे नया मंत्रिमंडल ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* स्वतंत्र भारत में इंदिरा जी के ‘कामराज प्लान’ के बाद यह सबसे बड़ी साहसिक पहल प्र.मं. नरेंद्र मोदी ने की है। इन नए और युवा मंत्रियों को अपने अनुशासन में रखना और उनसे अपने मन मुताबिक काम करवाना आसान रहेगा,लेकिन उनसे कौन से काम करवाना है,यह तो प्रधानमंत्री को ही तय करना … Read more

सरस्वती वंदना

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** हे मात शारदा तू मुझ पर,इतनी-सी अनुकंपा कर दे।वाणी से जग को जीत सकूँ,मेरे गीतों में लय भर दे॥ शब्दों छंदों का भिक्षुक हूँ,मैं मांग रहा कुछ और नहीं,जाने कब साँस उखड़ जाए,जीवन की कोई ठौर नहीं।मेरी छोटी-सी चाह यही,धन-दौलत की परवाह नहीं,इस शब्द सिंधु को पार करूँ,उन्मुक्त कल्पना को पर … Read more

कुछ प्रेम जैसा मामला

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** कुछ प्रेम जैसा मामला हैतर्कों से कहां कोई सामना है,मस्तिष्क लाख संतुष्ट करोजब छिपी उर कोई कामना है। लाख तर्क दो समझाने कोपृथ्वी,सूर्य चक्कर लगाती है,मैं स्थिर तो पृथ्वी भी स्थिरमेरे दिल का तो यही मानना है। तुम दोगे दण्ड अगर मूर्खता पेमूर्खता तो तर्क का मामला है,पड़ जाऊंगा कदमों में तुम्हारेकौन … Read more

वादा

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ************************************ वादा कर के आप,कभी तुम भूल न जाना।रखना हर पल याद,हमेशा साथ निभाना॥कच्ची पक्की डोर,बनी है सब की यारों।थामे रहना हाथ,खुशी आयेगी प्यारों॥ करना ऐसा काम,नाम होगा जग सारा।देना खुशी अपार,मिटेगा सब अँधियारा॥वादा कर के आप,कभी ना पीछे जाना।लेकर अपनी जीत,लौट कर वापस आना॥

देशप्रेम हो चित्त

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************ समरसता के रंग में,सराबोर परिवेश।अनेकता में एकता,दे भारत संदेश॥ जाति-धर्म आधार ही,हर चुनाव आचार।ऊँचे से नीचे तलक,लोकतंत्र लाचार॥ कवि ‘निकुंज’ जीवन सफल,जन्मा भारत देश।सहयोगी मानस बनें,देशभक्ति परिवेश॥ भाईचारा वतन हो,प्रगति प्रीति सम्मान।अपनापन परहित अमन,समरस यश अरमान॥ तज आलस संकल्प लो,कर मिहनत से प्यार।मिटे निराशा जिंदगी,नव आशा संचार॥ त्याग शील … Read more

उम्मीद के सिक्के

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* मित्रों मैं तुम्हें सुनाती हूँ उम्मीद के सिक्के की कहानी,चली आ रही पूर्वजों से करना उम्मीद,बात है पुरानी। हर रोज मानव के मन में,नई-नई उम्मीद रहती है,जिसे सभी दुनिया,उम्मीद का सिक्का कहती है। हर मनुष्य कभी अपनों से उम्मीद करता है,जो पूर्ण ना हो,परायों से,उम्मीद करता है। जब उन्के सन्मुख कोई … Read more