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शत-शत नमन माँ लक्ष्मी
श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* शत-शत नमन हे श्री गणेश,शत-शत नमन माँ लक्ष्मीचरण वंदना है आपकी,स्वीकार करें हे लक्ष्मी। ऊंच-नीच का भेद मिटाकर,हर घर माँ लक्ष्मी आती हैसबको सुखी बना कर,आशीष दे के जाती हैं। आए हैं आज श्रीराम अवध,जनता राह करें है रोशनसंत मुनि करते हैं भजन,आ रहे हैं श्रीराम अवध। दीप जलाओ दीप जलाओ,अंधकार … Read more
हर आहट सुनती छठी मैया
डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** छठी मैया की आराधना है,एक जीवन की धारासंकल्पों को पाने का है,एक उत्कृष्ट सहारा। दीनानाथ की होती है,एक सुन्दर पुकारछठी मैया की उस दिन,रहती है खूब बहार। लोक आस्था के इस पर्व की है,एक बड़ी रोचक रीत है यहांआस्था के इस त्योहार का है नहीं,कोई दूसरा गीत भी कहां। महापर्व के सौंदर्य की है,एक … Read more
सहयोग से भरा महापर्व
डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* कितनी विस्तृत हमारी संस्कृति,जब समझे होंगें जन आदित्यजाना होगा प्रकृति का उपहार,जगजीवन के लिए सूर्य प्रकाश। द्वापर युग द्रौपदी हुई जो हताश,महाभारत का भीषण विनाशकिया दृढ़ संकल्प पावन हृदय,संतान रक्षा जय हेतु करूँ तप। महापर्व छठ पूजन की विशेष,सुहासिनी ने मांगा तब वरदानविनती करूँ हे आदित्यनाथ,तप-पूजन पावन छठ की महान। … Read more
सूर्योपासना का पर्व-छठ पूजा
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* छठ पर्व मूलतः सूर्य की आराधना का पर्व है,जिसे हिन्दू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है। हिन्दू धर्म के देवताओं में सूर्य ऐसे देवता हैं जिन्हें मूर्त रूप में देखा जा सकता है। सूर्य की शक्तियों का मुख्य श्रोत उनकी पत्नी ऊषा और प्रत्यूषा हैं। छठ में सूर्य के साथ-साथ … Read more
रचना का हस्ताक्षर
शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* साहित्य के क्षेत्र में किसी भी रचना का हस्ताक्षर लेखक के दस्तखत न होकर उसके द्दवारा लिखी गई प्रस्तावना या भूमिका होती है। आजकल प्रस्तावना या भूमिका शीर्षक से अभिहित न होकर नए स्वरुप में शीर्षक रचते हैं। लेखक द्वारा रचना प्रकाशन के समय प्रस्तावना व भूमिका लिखने से रचना को … Read more
पेगासस जासूसीःसरकार की मुश्किलें बढ़ी
डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सर्वोच्च न्यायालय ने भारत सरकार की खूब खबर ले ली है। पिछले २ साल से चल रहे जासूसी के पेगासस नामक मामले में अदालत ने सरकार के सारे तर्कों,बहानों और टाल-मटोलों को रद्द कर दिया है। उसने कई व्यक्तियों,संगठनों और प्रमुख पत्रकारों की याचिका स्वीकार करते हुए जासूसी के इस मामले की … Read more
करूँगा उजियारा
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** नया कुछ कर दिखाऊँगा मैं इस दिवाली में,नये सपने सजाऊँगा मैं इस दिवाली में नहीं होगा किसी को भी अहसास यूँ गम का,गले सबको लगाऊँगा मैं इस दिवाली में। कभी भी हाथ से मौका जाने नहीं दूँगा,कदम आगे बढ़ाऊँगा मैं इस दिवाली में। पकड़ कर हाथ निर्बल का संबल उसे दूँगा,उसे … Read more
उन घड़ियों में रोएं क्यों ?
ललित गर्गदिल्ली ************************************** जिन्दगी का एक लक्ष्य है- उद्देश्य के साथ जीना। सामाजिक स्वास्थ्य एवं आदर्श समाज व्यवस्था के लिए बहुत जरूरी होता है कर्तव्य-बोध और दायित्व-बोध। कर्तव्य और दायित्व की चेतना का जागरण जब होता है,तभी व्यक्तिगत जीवन की आस्थाओं पर बेईमानी की परतें नहीं चढ़ पाती। सामाजिक,पारिवारिक एवं व्यक्तिगत जीवनशैली के शुभ मुहूर्त … Read more
मनाएं प्रति-दिवस दीपावली..!
दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** एक-एक कई दीप जलाकर,दीपावली हमने मनाई।अगणित दीप हृदय में जल गए,खुशियां मन में हर्षाई॥ मन-आँगन कई दीप जले थे,अंधियारा ठहर न पाया था।काफी दिनों में दीन भी उस दिन,बाद वर्ष,मन से हर्षाया था॥ ‘अवध’ दीपों की कीर्ति बनाकर,दुनिया में इठलाता है।एक दिवस जो हुआ उजाला,क्यों.. शेष बरस तरसाता है..?? … Read more