चिकित्सा मुफ्त तो शिक्षा क्यों नहीं…?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* पंजाब में कांग्रेस की उथल-पुथल पूरे देश का ध्यान खींच रही है,लेकिन वहीं से एक ऐसा बयान भी आया है,जिस पर नेताओं और नौकरशाहों को तुरंत ध्यान देना चाहिए। वह बयान है-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का। श्री केजरीवाल आजकल अपनी आप पार्टी का चुनाव अभियान चलाने के लिए पंजाब की यात्रा … Read more

भव से तर जाओगे

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** पितृ पक्ष विशेष…. बना-बना कर माल-मलीदा बैठ ठाठ से खाते हो,नाम पितृदेवों का ले कुत्तों को खीर खिलाते हो। जीते जी पूछा नहीं जिन्हें मरने पर दु:ख जतलाते हो,ये कैसा श्राद्ध,बुजुर्गों को अब कौआ तुम बतलाते हो। यदि श्राद्ध मनाना है तुमको निर्बल की जाय सहाय करो,लावारिस फिरती गौ माता उनके … Read more

विजयी

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************** प्यारा मेरा देश यह,विजयी हिंदुस्तान।सदियों से है विश्व गुरु,जाने सकल जहान॥जाने सकल जहान,आज लोहा सब माने।झंडा ऊँचा आज,चले सब शीश झुकाने॥कहे ‘विनायक राज’,यही है सबसे न्यारा।विजयी विश्व महान,देश यह मेरा प्यारा॥

प्रभात वन्दना

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* देवलोक से आ रही है दस्तक प्रभात वन्दन की,करुॅ॑ चरण वन्दना प्रभात में,देव रघुनन्दन की। है मधुर प्रभात की बेला,कर रही हूँ आपकी विनती,आपके आशीष से ही उन्नति की होती शुरु गिनती। हे नमामि रामम हे रामचन्द्र,हे सीता पति श्रीराम,नित्य प्रभात में,मैं देवन्ती लेती हूॅ॑ आपका शुभ नाम। दिखाया है आपने … Read more

बापू को चिट्ठी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** बापू लिख रहा चिट्ठी आज,तुमको अपने देश के काज।स्वच्छ शांति सेवा शिक्षा से-भी ना बदले स्वदेश आज॥ कोई धरना रैली करते,देश लूटने आतुर होते।सरकारी हड़ताली बनकर,काम नहीं पर दाम चाहते॥ देश भक्ति व देश प्रेम का,झंडारोहण माल्यार्पण का।,मात्र दिखावा और छलावा-ढोल पीटकर जयकारा का॥ चरखा टूटा बकरी खाई,सेवाग्राम घास उग आई।सन्मति … Read more

पत्थरों के शहर में…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** पत्थरों के शहर में तो,कच्चे घर नहीं होते हैंतजुर्बों के पहर में तो,सच्चे डर नहीं होते हैं। हसरतों की दुनिया में,ये सब मौजूद होता हैरिश्तों की रूसवाईयों,साथ बावजूद होता है। इंसानी एहसास यह,पत्थर जैसा होता है,बेजान बुत भावहीन,नश्तर जैसा होता है। निगाहों की खामोशी,ये सच बयां करती हैउदासी की बेबसियां,ये कुछ कहां डरती … Read more

सर्वव्यापी महामारियाँ:गंभीर चिंतन जरूरी

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* हम सब ढीले पड़ रहे हैं,मिलना-जुलना सब-कुछ चल रहा है। हम सब सोच रहे हैं, तीसरा डेल्टा कोविड नहीं आया है,या अभी देर है। तरह-तरह की अटकलें। चिकित्सक और वैज्ञानिक भी अब तीसरी लहर नहीं चाहते हैं,पर भीतर चिंतित भी तो हैं।इतिहास गवाह है कि,संसार में सदियों से कभी-कभी सर्वव्यापी … Read more

पितर करें खुशियों की बौछार

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** पितृ पक्ष विशेष….. श्राद्ध पक्ष में पितरों को,न्योता देते लोग,छत पर भोजन को रखे,आओ लगाओ भोग। काक रूप पितर धरते,ऐसा सारे मान,कौवन-कौवन कहत है,दे आदर-सम्मान। रही धर्म की मान्यता,चली जुआद-जुगाद,खुश होते हैं पितर यूँ,रखते सुख आबाद। खीर-पूरी परोसते,रखते पीपल पात,छत चढ़ आव्हान करते,मन में खुशी जतात। श्राद्ध दिए निश्चिंत बने,मन में … Read more

मेरे बचपन वापस आजा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** दुनिया सारी देख चुका हूँ,उम्र पार हो गई है छप्पन,मेरे बचपन वापस आजा,वापस आजा मेरे बचपन। वह अल्हड़-बालपन मस्ती,जिसमें भरा था नचपन,छत गली मैदानों में डेरा,वह खुशहाल खुला आँगनखाना-पीना था बेफिक्र हो कर,दूध-दही व मक्खन,अब तो नींद भी आती नहीं,बस दिखते हैं वही स्वप्न।मेरे बचपन वापस आजा,वापस आजा मेरे बचपन… अंतरराष्ट्रीय … Read more

आशीष सदा देते हमको

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* पितृपक्ष विशेष….. श्रद्धा का ही नाम श्राद्ध है,श्रद्धा से हम श्राद्ध करकेपितरों का करते हैं सम्मान,सदा देते हैं उनको मान। अश्विन मास के प्रथम पक्ष में,पावन दिन ये आते हैंगंगा नदी में या फिर गृह में,पूजन-तर्पण करवाते हैंवर्ष और तिथि दिन का,भी रखते हैं हम ध्यान।सदा देते हैं उनको मान… पितर हमारे … Read more