अब वो बातें नहीं रही
उमेशचन्द यादवबलिया (उत्तरप्रदेश) *************************************************** पहले होती थीं मन की बातें,कट जाती थीं दु:ख की रातें।आया समय,अब लोग स्वार्थी हो गए,मैं ही जग कर क्या करुँ,सब मुँह फिराए सो गए।आओ दिल की बात बताऊँ,बुजुर्ग जो हमसे कह गए,बढ़ गए सबसे आगे जग में वे,जो सत्य राह पर रह गए।मन में घमंड तुम कभी न करना,घमंडी की दुनिया … Read more