कविता से सम्मान
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** कविता में कवि प्राण है,कविता में ही जान है। कविता से सम्मान है,कविता से पहचान है। कविता मेरी आत्मा है,कविता ही परमात्मा है। कविता ही मेरी तरंग है,इसके बिना कवि बे-रंग है। जहां न दिखे कहीं कुछ,कवि को दिखे सब-कुछ। कविता में ही समाधान है,कल्पनाओं की उड़ान है। हृदय में उठता तूफान … Read more