ये है आर्यावर्त

ममता सिंह ‘विशिष्ट’धनबाद (झारखंड)****************************** ये हमारा है आर्यावर्त,दूसरा नाम है भारतवर्ष। विभिन्न वेशभूषा और व्रत,भिन्न भाषा जानता जगत। मेरा तो संबंध है यू.पी. से,यहाँ पर मेरा जन्म हुआ। बिहार में मैं पली-बढ़ी,शिक्षा बिहार में पूर्ण हुई। प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा,अब तो झारखंड में पूर्ण हुई। बिहार-झारखंड पालनकर्ता,यू.पी. तो है मेरा उदगमकर्ता। तीनों के संस्कार है … Read more

सदा संकल्प रहे ‘एकजुट भारत’ का

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)****************************** भारत देश की पहचान यहाँ की विविधता, संस्कृति और आपसी भाईचारा है। विविधता के बाद भी जो भावना हम सभी को एक सूत्र में बाँधती है, वह है-भारतीय होने का गर्व या हमारा देश प्रेम। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना हमें सिखाती है, कि हमारी भाषा, वेशभूषा और जीवन-शैली भले अलग … Read more

नभ तक उत्सव की छटा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** रोशनियों के पत्र हैं, अब दीपों के नाम।पत्रों के मजमून में, खुशियों के पैग़ाम॥ फिर मुस्कानें पल रहीं, प्रमुदित है संघर्ष।महक रहे नव आस से, दिवस, मास, नित वर्ष॥ उल्लासित होने लगे, सारे ही कंदील।विश्वासों की महफिलों, लगतीं मीलों मील॥ नभ तक उत्सव की छटा, धरती पर आनंद।मायूसी का दौर अब, … Read more

सुन विधु सुन..

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** विधु अहिवातिन बाट जोहती,          क्यूँ तरसाता है।सता रहा क्यूँ पतिवंती को,         क्यूँ छुप जाता है॥ कभी ओढ़ लेता अंबुद को,              कैसे दिख पाये।आ जा रूप सलोना लेकर,              सधवा हरषाये॥बोल अबेर से आने पर क्या,  … Read more

दृश्य पर बने रहेंगे ऋतुराज – प्रो. नामदेव

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स्मरणांजलि…. दिल्ली। किसी कवि या साहित्यकार को याद किये जाने का सबसे अच्छा तरीका है उनके साहित्य को पढ़ना। ऋतुराज जैसे कवि कभी भी दृश्य से ओझल नहीं हो सकते, क्योंकि उनकी कविता में बहुत बड़ा संसार है।     यह बात सुपरिचित आलोचक और किरोड़ीमल कालेज में हिंदी आचार्य डॉ. नामदेव ने ऋतुराज की स्मृति … Read more

शान्ति-करुणा से अपनी पहचान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सत्य पथ सदाचार ही जीवन का अधिष्ठान बने,मानवता के हित में अर्पित हर पल, हर अभियान बनेनींव अगर सिद्धान्तों वाली, आँधी  क्या बिगाड़ेगी,चरित्रवान व्यक्तित्व जग में भारत का सम्मान मिले। कुशल संचालन से ही संभव, स्वप्न का निर्माण सजे,जन-जन का अरमान सामूहिक, पौरुष से सदैव खिलेनेता वह जो साथ चले तो सबको सच राह दिखेगी,सेवा, समता, सत्य-साधना से नित … Read more

नये भारत के शिल्पकार सरदार पटेल

ललित गर्गदिल्ली*************************** राष्ट्रीय एकता दिवस (३१ अक्टूबर) विशेष…. किसी राष्ट्र का निर्माण केवल स्वतंत्रता प्राप्त कर लेने से नहीं होता, बल्कि स्वतंत्रता को एकता, अखंडता, सुरक्षा और सामूहिक संकल्प की शक्ति में बदलने से होता है। भारत की स्वतंत्रता के बाद यह सबसे बड़ी चुनौती थी। देश के सामने रियासतों का बिखराव था, विभाजन की … Read more

कृष्ण मेरे साथ

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** है विश्वास कि न टूटेगा मेरा, यह विश्वास,  सदा रहे हैं, सदा रहेंगे, श्रीकृष्ण मेरे पास।   मेरी रक्षा वही करेंगे, संतान मैं जिसकी,  हूँ पहचान मैं जिसकीवो पालक हैं प्राणी,  वो स्वामी, मैं दासी। राधे-राधे बोल, राधे-राधे बोल दासी,  सत्य कभी न जान सका, जिनका मन काली-कालीमारने वाले से बढ़कर है बचाने वाला,  मर के अमर … Read more