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गर्मी की तपन

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** देखो गर्मी की तपन, छायी है चहुँ ओर।तड़प रहें सब जीव है, मचा हुआ है शोर॥ तपती धरती आसमां, कलरव नहीं विहंग।नीर बूँद पाने सभी, […]

हिन्दी पखवाड़ा एवं हास्य काव्य संध्या में झूमे दर्शक

मुम्बई (महाराष्ट्र)। भारतीय मानक ब्यूरो के पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय (अंधेरी-पूर्व मुम्बई) में हिन्दी पखवाड़ा समापन समारोह और काव्य संध्या का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि और वक्ता की भूमिका में […]

वैश्विक छवि

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** मोहनदास गाँधी जयंती विशेष… गाँधी महान,की लड़ाई अकेले-पाया वतन। ‘बापू’ इंसान,बना दी पहचान-थे वरदान। नाम मोहन,काम किया विराट-दिया अमन। पसंद खादी,थे मजबूत मन-फकीर गाँधी। सादगी गाँधी,रहा पक्ष […]

भारत की पहचान

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* मोहनदास गाँधी जयंती विशेष….. हर कोने में विश्व के, भारत की पहचान।सदियों में इक जन्म ले, गाँधी-सा इंसान॥ घर-घर में था गूँजता, आज़ादी का […]

चरित्र की सुन्दरता बड़ा गुण

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, जो अपने विचारों और मान्यताओं के आधार पर जीवन व्यतीत करता है। साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक मान्यताओं से भी उसकी जीवन […]

जीवन एक उत्सव

वंदना जैनमुम्बई(महाराष्ट्र)************************************ जीवन का यही है ताना-बाना,मदारी-सा नाच नचानापथ में आए शूलों में से,चुन कर पुष्प सत्व पीते जाना। सीख समझ जीवन की,धैर्य मरहम से फटी बिवाइयाँअपनी भरते जाना,जीवन उत्सव […]

कन्यारूपी देवी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* कन्या तो है देवीरूपा,सबके दुख को हरती है।बेटी प्रति अनुराग लुटाओ,वो जगमग जग करती है॥ बेटी में दुर्गा,काली है,बेटी सचमुच दिव्या है।बेटी तो है भजन-आरती,बेटी नित […]

सभी वृद्धजन पूज्य हमारे

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध नागरिक दिवस विशेष….. दादा-दादी, नाना-नानी,से घर-द्वार दमकता हैनाती-पोतों की किलकारी,से घर, घर-सा लगता है। माता-पिता न जाने कितने,देवी-देव मनाते हैं ?संतानों की सुख-सुविधा हित,कितना कष्ट […]

ममता की मूरत दुर्गा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************** करूँ आरती मातु भवानी,कर्पूर दीप जगतारणि जय होछप्पन भोग सजा माँ थाली,नेवैद्य वस्त्र सुखदायिनि जय हो। माँ ममता की मूरत दुर्गा,षकल्याणी नवशक्ति उदय हैभक्ति […]

मृग-तृष्णा

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** मानव मन लालच भरे,मृग तृष्णा बन आय।रुके नहीं यह साथियों,दिन-दिन बढ़ता जाय॥ मृग तृष्णा इक भूख है,करे अनैतिक काम।होते हैं इससे सभी,मानव फिर बदनाम॥ कहीं […]