ओह यह भ्रष्टाचार…
राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ******************************************* ओह यह भ्रष्टाचार,देश की जड़ें खा रहा हैसत्य अब दम तोड़ रहा है, असत्य सिंहासन पा रहा है। गरीब की थाली है खाली, धनी के घर सोने की प्यालीईमानदार परीक्षा में हैं अटके, बेईमानी सारे पदों को गटके। विकास अब फाइलों में अटका, भ्रष्ट बाबू ने इसे जोर से पटकाईमानदारी में अभी दम नहीं … Read more