मेरे प्रियतम
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** तू मेरे दिल के आँगन में आया कैसे प्रियतम,मेरे सपनों को साकार किया कैसे प्रियतमतू तो चंचल है, सागर-सा स्थिर हुआ कैसे प्रियतम ?मेरे आँखों के घड़ों में समाया कैसे प्रियतम ? आना कभी मेरे पास, बताऊँ तुमको विरह का समय,मैंने बिताया कैसे मेरे प्रियतमअब तो जीना मेरा दुश्वार हुआ हर … Read more