‘अपराजेय’ कोई नहीं, इसलिए जन-हित न भूलिए
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** जैसे खेल में बहुत कुछ तय होने पर भी अनेक बार नया इतिहास रचा जाता है, ऐसे ही राजनीति में भी सबका समय आता है और जनादेश किसी को सत्ता देता है, तो किसी के किलों की दीवारें दरक जाती है। अर्थात साफ है कि राजनीति में कोई ‘अपराजेय’ नहीं होता। … Read more