भारी बस्ता
वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** खुद से भारी बस्ता ढोकर, गिर जाते हैं बेसुध होकर। आज दिवस छुट्टी का आया, हम बच्चों के मन को भाया। बस्ते को अब कर के टाटा, खूब करेंगे सैर सपाटा। चलो आज करने मनमानी, मस्ती में डूबी शैतानी॥ परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म … Read more