बच्चे मन के सच्चे

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** बच्चे मन के सच्चे होते, कितने अच्छे,प्यारे लगते। पंछी से ये उड़ते रहते, खेलते-कूदते मस्ती करते। इनके अंदर ईश है बसते, ईश भी स्वयं बच्चे बनते। नहीं घृणा ना द्वेष रखते, मन में सुंदर सपने रचते। गांधी-सुभाष के संस्कार रखते, हर दम देखो आगे बढ़ते। कच्ची मिट्टी-सा तन है … Read more

काश! मैं भी परिंदा होता…

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** मैं भी काश परिंदा होता, उन्मुक्त गगन में उड़ता रहता। मैं भी काश… पंख फैलाए अपने दोनों, आसमां को बाँहों में भरता। मैं भी काश… चीं-चीं करता पेड़ों पर रहता, हवा के रुख से ऊंचा उड़ता। मैं भी काश… एक-एक तिनका बीन-बीन कर, सुंदर-सा अपना घोंसला बुनता। मैं भी … Read more

बच्चों को तराशने वाला जौहरी कौन ?

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ जिन पालकों के पास थोड़ा-बहुत पैसा आना शुरू होता है,वह अपने बच्चों को अशासकीय विद्यालयों में प्रवेश करा देते हैं। रेत छानने के चलने में से बारीक रेत छन जाती है,व अनुपयोगी बंडे अलग रख दिये जाते हैं,वैसे ही अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति वाले पालकों के अधिकांश बच्चे शासकीय … Read more

रंगोली है दीपावली

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** दीपों की दीपमाला है दीपावली, रंगों की रंग-बिरंगी रंगोली है दीपावली। तारों की चमचमाती चमक है दीपावली, फूलों की मनमोहक खुशबू है दीपावली। गीतों का कर्णप्रिय राग है दीपावली, स्वच्छता का सुखद आभास है दीपावली। सुंदरता से सजा हीरों का ताज है दीपावली, रोशनी से रोशन हर घर का … Read more

करवा चौथ का व्रत निभाएगी

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** सात जन्मों के सात वचन हर सुहागन निभाएगी, साजन जी का चेहरा देखकर व्रत का प्रण निभाएंगी। पूजा की थाल सजाकर करवा पूजन की रस्म निभाएगी, आए जो विपत्ति साजन पर तो यमराज से भी लड़ जाएगी। हर सुहागन साजन की खातिर करवा चौथ का व्रत निभाएगी, निर्जल रहकर … Read more

मेरी कल्पना…

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** महक हो ऐसी, सागर में लहरें हो जैसी। सादगी हो ऐसी, दिल में उमंगें हो जैसी। सूरत हो ऐसी, फूलों में कोमलता हो जैसी। आँखें हों ऐसी, सागर में गहराई हो जैसी। जुल्फें हों ऐसी, सावन की घटाएं हों जैसी। मुस्कुराहट हो ऐसी, मोतियों की चमक हो जैसी। चंचलता … Read more

मेरे लिए जीना है तुझे

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** काँटों में रहकर गुलाब की तरह मुस्कुराना है तुझे…, आसमां में रहकर सूरज की तरह चमचमाना है तुझे…l सुरों में रहकर सरगम की तरह गुनगुनाना है तुझे…, रंगों में रहकर रंगोली की तरह जगमगाना है तुझे…l अंधेरे को चीरकर दीपक की तरह झिलमिलाना है तुझे…, मुश्किलें जीतकर विजेता की … Read more

कोई साथ नहीं देता है

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** मुसीबत में कोई किसी का साथ नहीं देता है, हालात होते हैं जब खराब,कोई मदद का हाथ नहीं देता है। खुशी बांटने हर कोई चला आता है, गमों में मुस्कुराहट जो लाएं,ऐसा कोई साथ नहीं मिलता है। तन्हा ही कट जाता है सफ़र जिंदगी का, जिंदगीभर जो साथ रहे, … Read more

राष्ट्र की शोभा ‘हिंदी’ से है

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष……………….. अंग्रेजी में साइन कर ‘हिंदी दिवस’ मनाता हूँ, आप सुनें ना सुनें,पर मैं एक गीत सुनाता हूँ। मैं वह हूँ,जहां अच्छे से अच्छा कलाकर भी नहीं पहुंच पाता, शब्द लड़ी बनाने आसमान से पाताल,चारों दिशाओं में जाता। मैं कवि बना हूँ,कविता को नया आयाम दिलाने … Read more

अपना बना तो सही

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** चुरा लूं तेरे रंजो-गम सारे, तू मेरे पास आ तो सही। छुपा लूं तुझे दिल में अपने, तू मुझसे नज़रें मिला तो सही। किस बात ने कर रखा है परेशान तुझे, तू इसका पता मुझे बता तो सही। ये इश्क है बिल्कुल भी आसान नहीं, तू दिल्लगी अपनी मुझे … Read more