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वही पालकी देश की,जनता वही कहार…

आभासी अन्तरराष्ट्रीय काव्य-संध्या…………

सिवानी(हरियाणा)l

महिला काव्य-मंच द्वारा महात्मा गांधी और श्री लालबहादुर शास्त्री की स्मृति में आभासी अन्तरराष्ट्रीय काव्य-संध्या का आयोजन किया गयाl लगभग २० देशों के ३० से भी अधिक कवि-कवियित्रियों ने इसमें सहभागिता की। इस काव्य-संध्या में डॉ. रामनिवास ‘मानव’ ने अनेक हाइकु,द्विपदियां और दोहे सुनाकर समां बांध दिया।
इस काव्य-संध्या में अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार एवं डॉ. रामनिवास मुख्य अतिथि और स्व. शास्त्री के सुपुत्र सुनील शास्त्री,पूर्व कुलपति डॉ. चन्द्रकला पाडिया अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच के संस्थापक नरेश नाज़ और राष्ट्रीय मार्गदर्शक श्रीमती नियति भारद्वाज के सान्निध्य,श्रीमती नीतू सिंह राय की अध्यक्षता तथा आयोजक डॉ. दुर्गा सिन्हा ‘उदार’ की उपस्थिति में संचालन डॉ. विनीता मेहता और श्रीमती मोनिका ठाकुर द्वारा किया गया। श्री नाज़ ने अतिथियों का स्वागत कर समारोह का आगाज़ किया।
संध्या में ‘मानव’ का दोहा देखिए-‘वही पालकी देश की,जनता वही कहार। लोकतन्त्र के नाम पर,बदले सिर्फ सवार।`डॉ. पाडिया ने कविता से देशभक्ति का रंग भरा,वहीं श्री नाज़ ने देश के नौजवानों से देश को बचा लेने की इल्तज़ा की,तो डॉ. सिन्हा ने भारत के स्वर्णिम भाविष्य के निर्माण की कामना कीl श्रीमती राय और श्रीमती उर्वशी अग्रवाल ‘उर्वी’ ने उत्कृष्ट काव्य-पाठ कर रंग जमा दिया,तो श्रीमती मोनिका ठाकुर ने हिन्दी भाषा का गुणगान किया।
काव्य-संध्या में मेहमान कवियों और कवियित्रियों में मस्कट से श्रीमती हरविंदर बबली,आकलैंड से रोहित कुमार ‘हैप्पी’ और ओस्लो (नॉर्वे) से डॉ. सुरेशचंद्र शुक्ल ने उपस्थिति दी तथा उम्दा काव्य-पाठ कर सभी को मन्त्रमुग्ध कर दिया। अन्तिम चरण में डॉ. दुर्गा सिन्हा ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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