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कबीर और रहीम की तरह साधक हैं डॉ. सोमनाथ

प्रयागराज (उप्र)।

डॉ. सोमनाथ शुक्ल के दोहे पढ़कर सहज ही कहा जा सकता है, कि इन्होंने कबीर और रहीम की तरह साधना करके काव्य रचा है। इतनी आसानी से पुस्तक ‘श्रम साधक’ में उन्होंने जिस तरह से मजदूरों के हालात को रेखांकित किया है, वह आज के दौर में बेहद उल्लेखनीय है।
     यह बातें मशहूर अभिनेता अतुल तिवारी ने रविवार की शाम सिविल लाइंस स्थित होटल में पुस्तक विमोचन समारोह में कहीं। संस्था ‘गुफ़्तगू’ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. सोमनाथ शुक्ल की पुस्तक ‘श्रम साधक’ का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर संस्था द्वारा अतुल तिवारी का नागरिक अभिनंदन किया गया। श्री तिवारी ने कहा कि यह पहली बार है कि किसी शहर ने मेरा इस तरह नागरिक अभिनंदन किया है। सम्मान के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया।
   कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट वक्ताओं ने भी पुस्तक और लेखक की जमकर सराहना की। डॉ. सरोज सिंह ने कहा कि डॉ. सोमनाथ जी ने दोहा लिखने के लिए जिन गंभीर मुद्दों को उठाया है, आज के दौर में उस पर काव्य लेखन लगभग नहीं हो रहा है, अलबत्ता कहानियां जरूर लिखी जा रही हैं।
अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने इस पुस्तक को समाज के लिए बेहद सराहनीय और ख़ास कृति बताया।
   सफल संचालन मनमोहन सिंह तन्हा ने किया। नरेश कुमार महरानी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।