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कविता की गूंज से गुंजित हुआ हर द्वार

बेंगलुरु (कर्नाटक)।

रविवार को जैन यूनिवर्सिटी बेंगलुरु में राष्ट्रीय चेतना परिवार का वार्षिकोत्सव उत्साह और साहित्यिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। प्रथम सत्र में विशिष्ट सम्मान, पुस्तक लोकार्पण और हिंदी में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया गया।
       आयोजन के द्वितीय सत्र में अभिव्यक्ति काव्य संध्या ने कविताओं की विविध रस फुहारों से वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती अनीता तोमर और रेणु कुकरैती के आत्मीय स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। माँ शारदे वंदना श्रीमती गीता चौबे गूंज द्वारा की गई। संस्थापक प्रो. अरविंद गुप्ता ने संस्था के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
‘सूत्र से शौर्य तक’ की भावपूर्ण नाट्य प्रस्तुति श्रीमती सुरेश वल्स, गीता चौबे, त्रिशला मिश्रा द्वारा दी गई, जिसने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। मुख्य अतिथि में बाबूलाल गुप्ता, विशिष्ट अतिथि कर्नल प्रभात कुमार, धन्य कुमार बिराजदार, डॉ. पृथ्वीराज वैद्य मेहता, अब्दुल नासिर की उपस्थिति रही।