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जन-जन को राम से जोड़ दिया

दीप्ति खरे
मंडला (मध्यप्रदेश)
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हाथ जोड़कर नमन है आपको,
‘श्री रामचरितमानस’-सा ग्रंथ दिया
राम कथा शब्दों में पिरोकर,
जन-जन को राम से जोड़ दिया। 
हाथ जोड़कर नमन है आपको,
श्री रामचरितमानस-सा ग्रंथ दिया…॥

साधक, कवि भक्त महान,
आपके शब्दों में भगवान
श्री राम की गाथा लिखकर,
मन में भक्ति का दीप जला दिया।
हाथ जोड़कर नमन है आपको,
श्री रामचरितमानस-सा ग्रंथ दिया…॥

पिता आपके आत्माराम,
और माता थी हुलसी बाई
पत्नी रत्नावली की प्रेमासक्ति ने,
मन में आध्यात्म जग दिया।
हाथ जोड़कर नमन है आपको,
श्री रामचरितमानस-सा ग्रंथ दिया…॥

अवधी में लिखी श्री राम की गाथा,
हनुमान चालीसा के आप रचयिता 
संस्कृति की वाहक हैं आपकी कृतियाँ,
आपने सहज भक्ति का मार्ग दिया।
हाथ जोड़कर नमन है आपको,
श्री रामचरितमानस सा ग्रंथ दिया…॥