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दिव्य नर्मदा अलंकरण २०२५-२०२६ घोषित

जबलपुर (मप्र)।

विश्ववाणी हिन्दी संस्थान अभियान (जबलपुर) द्वारा वर्ष २०२५-२०२६ के दिव्य नर्मदा अलंकरणों की घोषणा आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ (सभापति), छाया सक्सेना व डॉ. मुकुल तिवारी (सचिव जबलपुर ईकाई) व सरला वर्मा (संयोजक) व डॉ. नीलिमा रंजन (अध्यक्ष भोपाल ईकाई) द्वारा सर्व सम्मति से की गई। अलंकरणों के साथ लगभग ६० हजार रु. की सम्मान निधि भेंट की जाएगी।
  संस्थान के मार्गदर्शक मंडल सदस्य डॉ. साधना वर्मा, सचिव डॉ. मुकुल तिवारी, उपाध्यक्ष श्रीमती मीना भट्ट व जयप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि अलंकरण के पूर्व ‘हिन्दी में उच्च तकनीकी शिक्षा : समस्याएँ, समाधान एवं संभावनाएँ” विषय पर विमर्श में लीलाधर मंडलोई, मनोहर बाथम, डॉ. संजय सक्सेना व डॉ. वीणा सिन्हा आदि विचार व्यक्त करेंगे। अध्यक्षता हिंदीविद डॉ. अर्जुन चव्हाण तथा विषय प्रवर्तन ‘सलिल’ करेंगे।
     ‘सलिल’ की २ काव्य कृतियों के विमोचन पश्चात ज्योति शंकर पंडा ‘हयात’ को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर अनेक संस्मरण संग्रह का भी विमोचन होगा, साथ ही डॉ. अर्जुन चव्हाण को हिन्दी भाषा, व्याकरण, साहित्य सृजन और शोध के क्षेत्र में असाधारण योगदान हेतु जगदीश किंजल्क अलंकरण व ११ हजार रु. की सम्मान राशि से अलंकृत किया जाएगा। लघुकथा विधा के विकास में विशेष अवदान हेतु कांता राय सहित गीत संग्रह ‘धूप भरकर मुट्ठियों’ हेतु मनोज जैन ‘मधुर’ एवं यात्रा संस्मरण ‘गंध के गलियारे’ हेतु गोविंद ‘अनुज’ आदि को अलंकृत किया जाएगा।