देहरादून (उत्तराखंड)।
राज्य के थानों वैली स्थित लेखक गांव में २६ सितंबर को शाम को सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच का १३वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें देहरादून और कई शहरों से साहित्य प्रेमियों की मौजूदगी ने इसकी रौनक बढ़ा दी।
कार्यक्रम की शुरुआत २६ सितंबर को जन्म लिए लेखक, शिक्षाविद एवं समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती की स्मृति को नमन करते हुए कानपुर वासी गीता द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से की गई। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विद्या सिंह ने की। मुख्य अतिथि उत्तराखंड के भूतपूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ तथा विशिष्ट अतिथि प्रमिला वर्मा (अहमदनगर), सुरेश पटवा (भोपाल) एवं सारस्वत अतिथि जया आनंद (मुंबई) रहीं। ‘निशंक’ का सम्मान करते हुए संस्था की संस्थापक अध्यक्ष व साहित्यकार संतोष श्रीवास्तव ने स्वागत वक्तव्य में कहा कि साहित्य के प्रति समर्पित संस्था अंतरराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच का यह कारवां लेखक गांव में अपने १३वें पायदान पर है। प्रमिला वर्मा ने संस्था का परिचय दिया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रदेशों से आए साहित्यकारों की पुस्तकों का लोकार्पण यथा लता तेजेश्वर ‘रेणुका’:गुल्लक अपनों का, पदमा मोटवानी: मन और मनन, सुरेश पटवा:’गलियारे में एक दीया’ नीलिमा मिश्रा, बेंच पर कविता, प्रमिला वर्मा ‘पत्थर बोल उठे’, आभा दवे-सबसे अमीर (बाल कहानी संग्रह) किया गया। इस अवसर पर ‘निशंक’ द्वारा सभी प्रतिभागियों को सारस्वत सम्मान से सम्मानित करते हुए प्रमिला वर्मा, नीलिमा मिश्रा, आभा दवे, डॉ. प्रज्ञा शुक्ला एवं डॉ. नैना डेलीवाला आदि को प्रशस्ति-पत्र दिए गए।
कार्यक्रम में संतोष श्रीवास्तव पर आधारित विषय ‘मेरी सृजन यात्रा’ पर साहित्यकारों ने अपने अनुभव सुनाए तथा कविताएं प्रस्तुत की।
संचालन रीता दास राम ने किया। आभार आभा दवे ने माना।