कुल पृष्ठ दर्शन : 2

समकालीन समय का सहज दस्तावेज है ‘एक बैंक मैनेजर की डायरी’

विमोचन…

इंदौर (मप्र)।

यह कृति समकालीन समय का सहज दस्तावेज है। डायरी की शक्ल में लिखा उपन्यास बैंकिंग व्यवस्था और खामी का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण व्यक्त करता है, जिसमें लेखक दीपक गिरकर ने बैंकिंग राजनीति के आंतरिक परिवेश पर भी अपनी पैनी नजर रखी है।
मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शोभा जैन ने यह बात इंदौर के लेखक दीपक गिरकर के उपन्यास ‘एक बैंक मैनेजर की डायरी’ का लोकार्पण करते हुए कही। संस्था क्षितिज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार सूर्यकांत नागर व डॉ. जैन ने श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति के सभागार में यह लोकार्पण किया। इस अवसर पर श्री नागर ने कहा कि उपन्यास में आतंरिक द्वंद्व होना चाहिए। इस कृति को उसकी भाषा शैली की दृष्टि से डायरी कहना ही उचित होगा।
सारस्वत अतिथि श्रीमती अंतरा करवड़े सहित अतिथियों ने माता सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वन्दना वाणी जोशी द्वारा की गई। अतिथियों का स्वागत डॉ. अखिलेश शर्मा और श्रीमती आशा मुंशी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रश्मि चौधरी ने किया। आभार प्रदर्शन श्रीमती तनुश्री उपगड़े द्वारा किया गया।