सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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हम सब बच्चे माता मेर,
तुमको शीश नवाते
श्रद्धा से माँ एक फूल,
नित आकर तुम्हें चढ़ाते।
हे अंबे, जगदंबे मइया,
महिमा तेरी गाऊँ
विद्या का वरदान मिले,
माँ, तेरी भक्ति पाऊँ।
नौ दिन का नवरात्र,
महिमा नौ रूपों की
धूम मचाते सब मिल,
गरबा नवरात्रों की।
घर-घर बजते ढोल,
भजन माता के होते
कलश नारियल और,
जवारें भी हैं बोते।
बच्चे भी मस्त घूमते,
रौनक मंडालों में,
सभी झूमते गाते,
मित्रों संग उसी में।
माँ तुम रखना ध्यान,
हमारा ,बच्चे हम नादान।
माता शरण तुम्हारी,
करूँ सदा सम्मान॥