सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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वीर हमारे बड़े साहसी
राणा प्रताप का क्या कहना,
देश के सच्चे थे रखवाले
मेवाड़ शान का क्या कहना।
थी भाले की क्या ग़ज़ब बात
भयभीत मुग़ल थे क्या कहना,
चेतक पर होते वे सवार
उस भुज विशाल का क्या कहना।
अकबर की सेना रही काँप
भाला प्रहार का क्या कहना,
हार कभी नहीं थी स्वीकार
उस धैर्यवान का क्या कहना।
हल्दी घाटी रणभूमि गूँज,
चौड़ी छाती का क्या कहना।
है उस महान का पुण्य दिवस,
योद्धा सपूत का क्या कहना॥