सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…
सीप उदर माँ का, मोती बन
मैं उसकी पहचान बनी,
माँ से ही यह जग पाया है
वह मेरा अभिमान बनी।
जीने की वह राह बताती
वह मेरा आधार बनी,
थाप हृदय पर उसके धुन की
वह मेरा अधिकार बनी।
ममता, प्रेम, दया, करुणा की
माँ प्यारी झंकार बनी,
शीतल प्राण-वायु जीवन की
वह मेरा संसार बनी।
रक्त, दूध का रिश्ता अपना,
माँ मेरी मुस्कान बनी।
घड़ी मुसीबत की जब आती,
माँ ही शक्ति महान बनी॥