दीप्ति खरे
मंडला (मध्यप्रदेश)
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जन मन का भाव हिन्दी (हिन्दी दिवस विशेष)…
हिंद देश के हम हैं वासी,
है शान हमारी हिंदी
संस्कृत से है जन्म हुआ,
राजभाषा हमारी हिंदी।
बड़े-बड़े रचनाकारों की,
सबसे प्रिय भाषा है हिंदी
कथा, कहानी, गीत, ग़ज़ल को,
स्वर, सुर, ताल है देती हिंदी।
दूजी भाषाओं को अपनाकर,
तदभव रूप में रंगती हिंदी
बोलियों को बहन समझती,
संग हिल-मिलकर रहती हिंदी।
आन हमारी, शान हमारी,
वाणी का वरदान है हिंदी।
सारे देश की है जो लाड़ली,
भारत माँ का श्रृंगार है हिंदी॥