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कथा रंग कहानी स्पर्धा में ‘केवल शिक्षिका नहीं, गुरु भी’ प्रथम

गाजियाबाद (उप्र)।

‘कथा’ रंग द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता २०२४-२५ के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ रचना अर्चना पैन्यूली की ‘केवल शिक्षिका नहीं, गुरु भी’ चुनी गई है।
     संयोजक आलोक यात्री के अनुसार ‘केवल शिक्षिका नहीं, गुरु भी’ को पुरस्कार स्वरूप ११ हजार ₹ राशि सहित ‘शिवम कपूर स्मृति प्रेमचंद कथा सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा। श्री यात्री ने बताया कि द्वितीय स्थान पर उमंग जौली सरीन की रचना ‘राधिका मैया’ और उजमा कलाम की कहानी ‘वह थी नानी’ का चयन किया गया है। दोनों को पुरस्कार स्वरूप ५१००-५१०० ₹ की राशि दी जाएगी। तृतीय स्थान के लिए विभा रानी की ‘उजाले वाला समय’, रमेश कुमार ‘रिपु’ की ‘आधा आसमान’ और डॉ. रंजना जायसवाल की ‘लौंग’ का चयन हुआ है। प्रत्येक को २१०० ₹ का पुरस्कार दिया जाएगा। श्री यात्री के अनुसार चयनित रचनाकारों को शीघ्र ही सम्मानित किया जाएगा।