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क़लम की ताकत

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
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समाज में दमदार उपस्थिति का,
सबसे बड़ा उपहार है
बुद्धिजीवियों के लिए,
सर्वोत्तम संस्कार है।

क़लम नवीनतम भावों को,
स्पष्टता से अभिव्यक्त करती है
मुश्किल क्षणों में खुशहाली का,
रंग लोगों में दिल से भरती है।

क़लम की तासीर ठंडी होती है,
मजबूत इरादों से बंधी होती है
क़लम ओज है, तेज़ और प्रकाश भी,
ज़िन्दगी में एक उत्साह और सम्मान भी।

क़लम उभरती दुनिया में,
जागृति पैदा करने के लिए
एक उत्कृष्ट-सटीक आवाज़ है,
ज़िन्दगी में ज़िन्दगी से
लड़ते हुए आगे बढ़ने का,
उत्कृष्ट व मजबूत आगाज है।

क़लम जीवन में एक परिवर्तन लाने के लिए,
एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
दुःखी परिस्थितियों में खुशहाली लाने का,
सही और सटीक रास्ता दिखाती है।

क़लम है तो ऐश्वर्य और अभिषेक,
है सम्पूर्ण मानवता के लिए यहां
क़लम की मजबूत ताकत में,
सम्पूर्ण जीवन दिखता है यहां।

क़लम व्यवस्था परिवर्तन का,
सर्वश्रेष्ठ व अचूक हथियार है
समाज में व्याप्त कुरितियों को,
खत्म करने का संतुलित व्यवहार है।

क़लम से हमें संस्कार और संस्कृति को,
सुदृढ़ करने पर विचार हो
अनैतिक कार्य और उद्देश्य पर,
मजबूती से खूब प्रहार हों।

आओ हम-सब मिलकर,
एक उन्नत योजना बनाएं।
क़लम की ताकत को मजबूत बनाने में,
सब मिलकर हृदय से लग जाएं॥

परिचय–पटना(बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता,लेख,लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम.,एम.ए.(राजनीति शास्त्र,अर्थशास्त्र, हिंदी,इतिहास,लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी,एलएलएम,सीएआईआईबी, एमबीए व पीएच-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन)पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित अनेक लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं,जिसमें-क्षितिज,गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा संग्रह) आदि है। अमलतास,शेफालीका,गुलमोहर, चंद्रमलिका,नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति,चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा,लेखन क्षेत्र में प्रथम,पांचवां,आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।