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गुजर गया यह साल

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’
बूंदी (राजस्थान)
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नव वर्ष विशेष…

थोड़ी खुशियाँ, थोड़े गम थे,
यादें रह गई बाकी
जिनको जो मिलना था, मिल गया,
कुछ को आशा जरा-सी।

‘अजस्र’ आशा से जीवन चलता,
दिन-दिन, पल-पल गिन-गिन
आस टूटे तो श्वाँस टूट जाए,
गुजरा साल वो अपना ही।

दिन-दिन, महीनों गुजर गए,
गुजर गया यह साल
साल-साल से गुजरे शताब्दी,
जाने कौन समय की चाल ?

‘अजस्र’ सीख ले गुजरे समय से,
समय आगे, अनुभव अनूप।
जीवन पूंजी क्षरण हो रही,
आनंद धन ही बने सवाल॥

परिचय–आप लेखन क्षेत्र में डी.कुमार’अजस्र’ के नाम से पहचाने जाते हैं। दुर्गेश कुमार मेघवाल की जन्मतिथि-१७ मई १९७७ तथा जन्म स्थान-बूंदी (राजस्थान) है। आप राजस्थान के बूंदी शहर में इंद्रा कॉलोनी में बसे हुए हैं। हिन्दी में स्नातकोत्तर तक शिक्षा लेने के बाद शिक्षा को कार्यक्षेत्र बना रखा है। सामाजिक क्षेत्र में आप शिक्षक के रुप में जागरूकता फैलाते हैं। लेखन विधा-काव्य और आलेख है,और इसके ज़रिए ही सामाजिक मीडिया पर सक्रिय हैं।आपके लेखन का उद्देश्य-नागरी लिपि की सेवा,मन की सन्तुष्टि,यश प्राप्ति और हो सके तो अर्थ प्राप्ति भी है। २०१८ में श्री मेघवाल की रचना का प्रकाशन साझा काव्य संग्रह में हुआ है। आपकी लेखनी को बाबू बालमुकुंद गुप्त साहित्य सेवा सम्मान-२०१७ सहित अन्य से सम्मानित किया गया है|