ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस विशेष)…
पेड़-पौधे ही सभी का जीवन है,
जीव-जंतुओं की आक्सीजन है।
इसको बचाना बहुत ही जरुरी है,
क्योंकि जीवन की यही कस्तूरी है।
हरा-भरा पेड़ तो सुहाना मौसम है,
इससे ही तो जिन्दगी का सिस्टम है।
बरगद, नीम, तुलसी, पीपल, ऐलोवेरा,
पेड़-पौधे गुणकारी पक्षियों का बसेरा।
बहुत सारे जीवों का घर होता है पेड़,
आकाश से बादल बना लाते हैं पेड़।
पौधों से मिलते हैं गेहूं, चावल, दाल, फूल,
पेड़-पौधे लगाना मत कभी जाना भूल।
तुलसी जरुर लगाएं सभी अपने घर में,
आए काम तुलसी सर्दी, बुखार, खांसी में।
ऐलोवेरा त्वचा में बड़ा काम आता है,
दाग, धब्बे और झुर्रियां भी मिटाता है।
बालों में चमक, सनबर्न से राहत दिलाता है,
हमारा पाचनतंत्र भी तो मजबूत बनाता है।
पेड़ से लकड़ी, जड़, फूल, पत्ते और छाल,
बने मकान सदियों से आते रहे हैं हमारे काम।
पेड़-पौधे हमारे पर्यावरण को बनाएं शुद्ध,
पीपल के नीचे मिला ज्ञान, वे थे गौतम बुद्ध।
स्वच्छ धरा, स्वस्थ शरीर और हो स्वच्छ वायु,
जीवन सफल हो जाए और बढ़े हमारी आयु।
कूड़ा-कचरा, अपशिष्ट जल दूषित होने से बचाना है,
पर्यावरण स्वच्छ रहे हमारा, सबको ही बताना है॥