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मन का कवि शांत-सा

सविता सिंह दास सवि
तेजपुर(असम)

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पता है,
इन दिनों
कुछ लिख
नहीं पा रहीl

रूठ गए हैं शायद,
ये फूल,पौधे
पहाड़,नदियाँ,
धरा,अम्बर
सबl

कोई संवाद,
नहीं कर रहा
सब मौन हैंl

और मेरी संवेदनाएँ,
उन्हें क्या हुआ
क्यों किसी
पीड़ित या,
निरीह के लिए द्रवित
नहीं हो रहीl

क्यों भावनाएँ,
चूक रही है
उभरते-उभरते,
दम घुट रहा है
मेरी कलम काl

शब्दों की प्रवाहमान
नदी,किसी तटबन्ध
पर थमी-सी है,
मन कवि है
इसे ये सन्नाटा
स्वीकार नहींl

शायद कोई,
अंदेशा है किसी
प्रचण्ड प्रकाश्य का,
ये शांति उसके
पहले की है,
ज्यूँ अवनी भी शांत
रहती है,
लावा के फूटने से पहलेll

परिचय-सवितासिंह दास का साहित्यिक उपनाम `सवि` हैl जन्म ६ अगस्त १९७७ को असम स्थित तेज़पुर में हुआ हैl वर्तमान में तेजपुर(जिला-शोणितपुर,असम)में ही बसी हुई हैंl असम प्रदेश की सवि ने स्नातक(दर्शनशास्त्र),बी. एड., स्नातकोत्तर(हिंदी) और डी.एल.एड. की शिक्षा प्राप्त की हैl आपका कार्यक्षेत्र सरकारी विद्यालय में शिक्षिका का है। लेखन विधा-काव्य है,जबकि हिंदी,अंग्रेज़ी,असमिया और बंगाली भाषा का ज्ञान हैl रचनाओं का प्रकाशन पत्र-पत्रिकाओं में जारी हैl इनको प्राप्त सम्मान में काव्य रंगोली साहित्य भूषण-२०१८ प्रमुख हैl श्रीमती दास की लेखनी का उद्देश्य-हिंदी भाषा का प्रचार करना है। आपकी रुचि-पढ़ाने, समाजसेवा एवं साहित्य में हैl

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