सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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लकीरें हाथ की अपने
ये मानव खुद सजाता है,
ये दोनों हाथ की ताक़त
सफल जीवन बनाता है।
लिखा है जो लकीरों में
भाग्य में जो समाया है,
उसी के हाथ में सब है
कहानी ख़ुद रचाता है।
अपनी शक्ति के बल से
हिमालय पर पहुँचता है,
बनाता रेत में गुलशन
नहीं फ़रियाद करता है।
छोड़ पढ़ना भाग्य में लिखी,
हाथ की लकीरों का हिसाब।
कर्म की कलम उठा,
और लिख दे एक किताब॥