Visitors Views 176

शहादत

बोधन राम निषाद ‘राज’ 
कबीरधाम (छत्तीसगढ़)
********************************************************************
आज शहादत वीर की,भूल न जाना यार।
हरदम गाएँ गीत को,दो इज्जत सौ बार॥

हरी-भरी ये वादियाँ,इनके दम से होय।
करें नमन उस वीर को,आज धरा पर सोय॥

भारत माँ का लाड़ला,लड़ता सीमा पार।
देख शहादत आँख भी,भर आई इस बार॥

रोती आज बहन कहीं,कहीं रोय दिलदार।
सूनी-सूनी मांग है,रोती देख बहार॥

रक्षा करते देश की,होय शहादत वीर।
इनको कुछ भी गम नहीं,बेटे अपने धीर॥

कुर्बानी की राह पर,चलते वीर जवान।
इंकलाब कहते रहे,भारत की वह शान॥

सरहद के रखवार है,मातृभूमि की शान।
देशभक्ति की राह पर,चलते आज जवान॥

हर मौसम तैनात जो,सर्दी हो बरसात।
गर्मी हो या आँधियाँ,पग-पग पर हो घात॥

नहीं आज डर है उसे,रहते सरहद पार।
बमबारी हो या घटा,रहते हैं रखवार॥

रखवारी करते सदा,हरदम सीना तान।
दुश्मन भी हैं काँपते,ताकत देख जवान॥