कुल पृष्ठ दर्शन : 755

You are currently viewing सम्मेलन में बही गीत-ग़ज़लों की गंगा

सम्मेलन में बही गीत-ग़ज़लों की गंगा

मुजफ्फरपुर (उप्र)।

शहीद भगवान स्मारक भवन श्री नवयुवक समिति के सभागार में नटवर साहित्य परिषद की ओर से मासिक कवि सम्मेलन सह मुशायरा आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि शुभनारायण शुभंकर ने की। इस सम्मेलन में गीत-ग़ज़लों की गंगा बहती रही, जिसका सबने खूब आनंद लिया।
इस सम्मेलन में मंच संचालन संपादक व वरिष्ठ कवि-गीतकार डॉ. विजय शंकर मिश्र ने किया तो स्वागत भाषण परिषद के आयुक्त डॉ. नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी ने दिया। शुरुआत आचार्य श्री जानकी वल्लभ शास्त्री के गीत ‘मैं गाऊं तेरा मंत्र समझ, जग मेरी वाणी कहें, कहें’ से किया गया। डॉ. मिश्र ने कविता- ‘दुश्मनी ने क्या दिया कह दे जरा कोई मुझे, आदमियत गर नहीं तो क्या शिवालय बंदगी’ सुनाकर भरपूर तालियां बटोरी।परिषद के संयोजक डॉ. चौधरी ने ग़ज़ल- ‘करीब मौत खड़ी है जरा ठहर जाओ, है कज़ा से आँख लड़ी है जरा ठहर जाओ।’ सुनाकर भरपूर दाद बटोरी। वरिष्ठ कवि शुभनारायण शुभंकर ने ‘बेटियाँ अनमोल हैं’ रचना प्रस्तुत की। डॉ. लोकनाथ मिश्र, युवा कवि सदैव सौरभ, सत्येन्द्र कुमार ‘सत्येन’, शायर महपूज आरिफ व कवयित्री सविता राज आदि ने भी रचनाएँ सुनाकर भरपूर तालियां बटोरी। धन्यवाद डॉ. लोकनाथ मिश्र ने व्यक्त किया।

Leave a Reply