अजय जैन ‘विकल्प’
इंदौर (मध्यप्रदेश)
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जीवन निर्माता… (गुरु पूर्णिमा विशेष)…
‘गुरु’,
भारतीय संस्कृति
देते जीवन दिशा,
अद्भुत चेतना
व्यक्तित्व।
‘गुरु’,
देते संस्कार
केवल ज्ञान नहीं,
द्वार सम्भावना
दिशा।
‘गुरु’,
गुरु ब्रह्मा
ईश्वर से श्रेष्ठ,
करते मार्गदर्शन
बुद्धि।
‘गुरु’,
प्रकाश स्तम्भ
हटाए हर अंधकार,
जगाए उजियारा
प्रेरणा।
‘गुरु’,
सत्य धूप
करुणा का दीप।
व्यवसाय नहीं,
निर्माता॥