हरिहर सिंह चौहान
इन्दौर (मध्यप्रदेश )
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पधारिए ना विघ्नहर्ता… (गणेश चतुर्थी विशेष)…
प्रथम पूज्य ‘देवो’ के दुलारे,
माता-पिता के प्यारे
कोई ‘संकट’ नहीं आता,
जब हम सुमरे ‘विघ्नहर्ता’ श्री गणेश।
देवताओं को दर्शन दुर्लभ,
भक्तों को ‘सरलता’ से देते दर्शन
मोदक प्रिय, मूषक संवारी,
वही तो है ‘विघ्नहर्ता’ श्री गणेश।
रिद्धि-सिद्धि के दाता,
शुभ और स्वस्तिक की उर्जा मिलती जहां।
मेरे भगवान, आपके होते कोई नहीं संकट,
जब हम सुमरे ‘विध्नहर्ता’ श्री गणेश॥