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प्रथम विजेता डॉ. शरद नारायण खरे व डॉ. राम कुमार झा ‘निकुंज’

🔹’स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’:आचार्य संजय सिंह ‘चंदन’ और पदमा अग्रवाल को मिला द्वितीय स्थान

इंदौर (मप्र)।


मातृभाषा हिन्दी को और लोकप्रिय बनाने के अभियान में योगदान हेतु हिन्दीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा सतत स्पर्धा कराई जा रही है। इसी निमित्त
‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ विषय (नव वर्ष) पर १०४ वीं प्रतियोगिता में पद्य में प्रथम विजेता बनने का अवसर प्रो.डॉ. शरद नारायण खरे (मंडला, मप्र) व गद्य में डॉ. राम कुमार झा ‘निकुंज’ (दिल्ली) ने पाया है।
यह परिणाम जारी करते हुए मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन और संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’ ने सभी रचना शिल्पियों को बधाई दी है। श्रीमती जैन ने बताया कि, प्राप्त रचनाओं में से श्रेष्ठता अनुरुप निर्णायक मंडल ने पद्य में ‘फिर कर संघर्ष’ के लिए डॉ. खरे को प्रथम चुना तो ‘लें संकल्प होकर निडर’ हेतु आचार्य संजय सिंह ‘चंदन’ (धनबाद, झारखण्ड) दूसरा स्थान प्राप्त करने में सफल हुए हैं। इसी वर्ग में तृतीय विजेता बनने में ममता सिंह (धनबाद, झारखण्ड) की रचना ‘छाया है अति हर्ष’ को सफलता मिली है।
आपने बताया कि मंच संयोजक प्रो. डॉ. सोनाली सिंह, मार्गदर्शक डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’, परामर्शदाता डॉ. पुनीत द्विवेदी (मप्र), विशिष्ट सहयोगी एच.एस. चाहिल व प्रचार प्रमुख श्रीमती ममता तिवारी ‘ममता’ (छग) ने सभी विजेताओं एवं सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। श्रीमती जैन ने बताया कि, हिंदी साहित्य अकादमी (मप्र) से अभा नारद मुनि पुरस्कार-सम्मान व १ राष्ट्रीय कीर्तिमान प्राप्त १.५५ करोड़ ५० हजार दर्शकों-पाठकों के अपार स्नेह और १० सम्मान प्राप्त इस मंच द्वारा आयोजित उक्त स्पर्धा में गद्य वर्ग में पहला स्थान ‘प्रतिदिन हो संकल्प का अभिनंदन’ पर ‘निकुंज’ का है। इसी प्रकार पदमा अग्रवाल (बैंगलोर, कर्नाटक) का आलेख ‘सुख-शांति के लिए लें संकल्प’ दूसरे विजेता तथा हरिहर सिंह चौहान (इंदौर, मप्र) का आलेख ‘नया साल नया उत्साह लाया’ तृतीय विजेता के लिए चयनित हुआ है।