Visitors Views 25

सितारों के आगे जहाँ और भी…

डॉ.सत्यवान सौरभ
हिसार (हरियाणा)
************************************

आज का बॉलीवुड वैसे भी देशभक्ति और सामाजिक मुद्दों को छोड़कर पूरी तरह नंगा हो चुका है। कुछ फिल्मों को छोड़कर बाकी हम परिवार के साथ नहीं देख सकते। बच्चों की मानसिकता पर नंगापन,नशा और हत्या जैसे दृश्य हावी हो रहे हैं,जिनका उनकी असल जिंदगी पर असर हो रहा है। यही कारण है कि आज हमारा समाज पूरी तरह फ़िल्मी हो चुका है। हम जीवन मूल्यों की कदर करना भूल गए है,क्योंकि हमें परोसी ही गंदगी जा रही है।
बॉलीवुड और विवादों का एक मजबूत रिश्ता है। चाहे बात कास्टिंग काउच,पतनशीलता, भाई-भतीजावाद,पूर्वाग्रह या उच्च और पराक्रमी के संबंधों के बारे में हो,बॉलीवुड ने निश्चित रूप से वैश्विक मीडिया में लंबे समय तक केन्द्र के मंच पर कब्जा कर लिया है। अब एक बार फिर मनोरंजन उद्योग खुद को नशीली दवाओं की लत के आरोपों के साथ वैश्विक टकटकी में पाता है। अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा मादक पदार्थ में बॉलीवुड की भागीदारी के बारे में दावे किए जाने के बाद इस बार विवाद बढ़ गया।
अभिनेत्री ने हाल ही में कहा कि बॉलीवुड में नशे की बात होने पर पुलिस और राजनेता भी भागीदार होते हैं। एनसीबी,बॉलीवुड में इसके खरीदारों,मादक पदार्थ पहुंचाने वालों और आपूर्तिकर्ता के साथ उन लोगों का पता लगा रही है,जो इस धंधे को चला रहे हैं। इसकी उभरती हुई तस्वीर यह है कि बॉलीवुड के कई पूर्व और मौजूदा कलाकार निशाने पर आ चुके हैं।
बॉलीवुड और नशे का जोड़ काफी पुराना है। कई सितारे इसके लती होकर बर्बाद हो गए, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने इसके मायाजाल से खुद को मुक्त कर लिया। फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे अभिनेता संजय दत्त को कभी नशे और शराब के सेवन ने खोखला कर दिया था। अमेरिका में इलाज के बाद संजय ने शानदार वापसी की और जबरदस्त शरीर भी बनाया। उन्हें एहसास हो गया कि जिंदगी से बड़ा नशा कोई नहीं है, लेकिन आज वह फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं।
गायक यो यो हनी सिंह संगीत की दुनिया में इतने सफल हुए कि सफलता सर चढ़कर बोलने लगी और मस्ती में वे नशे और शराब के आदी हो गए। लम्बे समय तक अपने चाहने वालों से दूर रहने के बाद हालांकि,हनी सिंह नशे से जंग जीतकर वापसी कर चुके हैं और अपने भविष्य पर ध्यान दे रहे हैं।
मीडिया और मनोरंजन उद्योग के विशेषज्ञों ने कहा है कि बॉलीवुड को कभी भी नैतिक रूप से उच्च भूमि के रूप में नहीं देखा गया है, हाल की घटनाओं ने उद्योग के साथ भारतीय मध्यम वर्ग के मोहभंग को स्वीकार किया है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन ब्रांड्स के एक हालिया सर्वेक्षण में पाया गया कि १८-३० साल की उम्र में ८२ फीसदी युवाओं ने कहा कि एक हस्ती द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग ने उन्हें ‘अविश्वसनीय’ बना दिया है, और वे इस तरह के शख्सियत द्वारा समर्थित नहीं खरीदेंगे। युवा देश की संपत्ति है और नशीले पदार्थों के सेवन के प्रति सबसे संवेदनशील वर्ग यही है। इसलिए,सख्त बहुआयामी रणनीति अपनाकार इस खतरे को रोकने का प्रयास करना चाहिए।
खानदानी रुतबा,काले पैसे,शारीरिक शोषण जैसे कारनामे बॉलीवुड की देन हैं,जिस दुनिया में कदम रखने के लिए आज के युवा सब कुछ करने को तैयार है,उसकी काली सच्चाई सबको दहला रही है।
बॉलीवुड सितारों का युवा पीढ़ी और बच्चों पर सीधा असर पड़ता है। इनकी नशेबाजी भी इन पर असर छोड़ती है। इन सबको जानकर अब युवा पीढ़ी को अपना मन जरूर बदल लेना चाहिए। तलाश करनी चाहिए एक साफ़-सुथरे क्षेत्र में सुनहरे भविष्य की,जहाँ वो समाज के लिए कुछ अच्छा कर सकें, क्योंकि सितारों के आगे जहाँ और भी है।