मातम

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** चारों ओर सिर्फ सन्नाटा नहीं,बल्कि एक ऐसा मातम पसरा हैजो चीखता है, रोता हैअपनों को खो देने के ग़म से बेहाल।जले हुए शरीर,पहचान के इंतज़ार में है उनके अपनेकांपते हाथों और डरे हुए दिलों के साथ,डीएनए सैंपलिंग के लिए आ रहे हैं। हर एक चेहरे पर बस एक ही सवाल-“आख़िर हमारे अपनों … Read more

एक अकेला तारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* तम की भीड़ों झिलमिल करता, सदैव एक अकेला तारा,ज्यों सच्चाई कही, भीड़ में है कोई सज्जन बेचारा। झूठों की महफ़िल में अक्सर, जो सत्य सुपथ ही ठुकराया,फिर भी राह दिखाता जग को, होता दीपक-सा उजियारा। घोर अमावस में भी जिसने दिल आशा का गीत सँवारा,वह अम्बर में टँगा हुआ-सा … Read more

अनुपम अनुराग हो गया

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* बागों की बयार से, अनुपम अनुराग हो गया,इस जगत की उलझनोंं से, अजब विराग हो गया। कभी छाया मिलती है, कभी धूप कड़ी लगती,मधुबन की घनी छाँव से, तो अनुराग हो गया। कभी फूल खिलते हैं, कभी काँटे हैं बेशुमार,फूलों वाली नगरी से, तो मन पराग हो गया। कभी … Read more

धर्म और पर्यावरण संरक्षण

पूनम चतुर्वेदी शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************** पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता जिन २ स्तंभों पर टिकी है, उनमें से एक है – मनुष्य की आस्था और दूसरा है प्रकृति का संतुलन। जब तक ये दोनों एक-दूसरे के पूरक रहे, तब तक मानव सभ्यता फलती-फूलती रही, किंतु जैसे-जैसे आधुनिकता के नाम पर मनुष्य ने प्रकृति को उपभोग की … Read more

तेरी सुनहरी यादों को लिए…

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* कोई दिन नहीं जब मैं रोई नहीं,कितनी रातों से मैं सोई नहीं। थक गई हूँ तुम्हारी राह तकते-तकते,पता है कि तुम फिर कभी आ नहीं सकते. दिन तो निकल जाता है काम के बोझ से,शामें गुज़रती नहीं चाय या कॉफ़ी की दौर से। यूँ तो सब है मेरे आस-पास,तुम्हारे बिना न … Read more

काव्य गोष्ठी में ‘साहित्य में पुरुष विमर्श’ पर हुई परिचर्चा

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करनाल (हरियाणा)। सांझा साहित्य मंच की ओर से सेक्टर १२ स्थित हुडा कार्यालय में मासिक काव्य गोष्ठी रखी गई। प्रारम्भ में दिवंगत साहित्यकार जय भारद्वाज तरावड़ी को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद प्रथम सत्र में ‘साहित्य में पुरुष विमर्श’ विषय पर परिचर्चा हुई। इसमें वक्ताओं ने कहा, कि साहित्य में दलित विमर्श, स्त्री विमर्श और … Read more

कवि सम्मेलन कराया, योगदान हेतु २ कवियित्री सम्मानित

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अयोध्या (उप्र) श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था (अयोध्या धाम) के अंतरराष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर कवि सम्मेलन रखा गया। इस अवसर पर सम्मान समारोह भी हुआ, जिसमें २ कवियित्रियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय संस्थापक वरिष्ठ कवि अशोक गोयल की उपस्थिति में अध्यक्षता कवयित्री बीना गोयल ने की। मुख्य … Read more

३ अप्रैल को सुखमिला अग्रवाल होंगी सम्मानित

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वलसाड़ (गुजरात)। साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती सुखमिला अग्रवाल को ‘राष्ट्रीय गुजरात गौरव सम्मान-२०२६’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान ३ अप्रैल को वलसाड़ में आयोजित कार्यक्रम में दिया जाएगा। कार्यक्रम संयोजक अभिषेक कुमार ने बताया, कि समारोह में देशभर से ५० से अधिक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। यह … Read more

दिल्ली पुस्तकालय संघ के स्थापना दिवस पर बाँटे पुरस्कार

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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन में दिल्ली पुस्तकालय संघ का ८८वां स्थापना दिवस और वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। आरम्भ दीप प्रज्ज्वलन और विवि के कुलगीत के साथ हुआ।दिल्ली पुस्तकालय संघ के अध्यक्ष और गांधी भवन के निदेशक प्रो. के.पी. सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया और स्वागत किया। मुख्य वक्ता महर्षि दयानंद … Read more

सृजन की पहचान हो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नारी तेरे रूप अनेक, करुणा की तू धार हो,ममता की गागर भरे, करती जग उद्धार होसंकोच की चादर तले, है गहन शक्ति अपार,नवधा मातृका रूप में, जग का आधार हो। नारी तेरे रूप अनेक, त्याग तपस्या रूप हो,कभी अन्नपूर्णा बनी, कभी दुर्गा स्वरूप होसंकोच भरे नयनों में, है साहस … Read more