बुद्ध की खोज ही विश्व शान्ति का एकमात्र समाधान

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** आपको लगता है कि बुद्ध को राजनीति की समझ नहीं थी ? पिता शुद्धोधन के इतने प्रयास के बाद भी उनका मोह सत्ता और राजपाट से ऐसे ही छूट गया ? आपको लगता है कि बुद्ध को इतनी समझ नहीं थी जितनी मार्क्स,लेनिन,मोदी और ट्रम्प को है इस दुनिया की … Read more

भारत को दबने की जरुरत नहीं

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* इस बार ग्लासगो में होने वाला जलवायु-परिवर्तन सम्मेलन शायद क्योतो और पेरिस सम्मेलनों से ज्यादा सार्थक होगा। उन सम्मेलनों में उन राष्ट्रों ने सबसे ज्यादा डींगें हांकी थीं,जो दुनिया में सबसे ज्यादा गर्मी और प्रदूषण फैलाते हैं। उन्होंने न तो अपना प्रदूषण दूर करने में कोई मिसाल स्थापित की और न ही … Read more

१४ साल बाद बढ़े मुई ‘माचिस’ के भाव..!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** हैरानी की बात है कि जो माचिस अंधेरे में उजाला करने के लिए जरूरी है और जो आग भी जलाती है,दुनिया में उसके ‘भाव’ मुश्किल से बढ़ते हैं। यूँ इंसान ने चकमक पत्थर से लेकर चुटकी में सुलगने वाली दियासलाई तक का सफर हजारों बरसों में तय किया है,लेकिन ऐसी बहुमूल्य माचिस … Read more

आतंकवाद के पनाहगार ना ‘पाक’ को बड़ा झटका

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** तो आखिर आतंक के शिविर चलाने वाले यानी विद्यालयों की भाँति आतंकवाद को पनाह देने और उसका पालन-पोषण करनेवाले ‘नापाक’ देश पाकिस्तान को फिर मुँह की खानी पड़ी है। दरअसल,इनके इमरान खान ने ऐसा कोई काम किया ही नहीं कि,फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की राय पाकिस्तान के प्रति बदलती। इसलिए,एफएटीएफ ने … Read more

प्रियंका का महिलाओं पर दांव-कितना जमीनी ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** उत्तर प्रदेश विधानसभा के आसन्न चुनाव में कांग्रेस क्या और कैसा प्रदर्शन करेगी,इसको लेकर देश में बहुत उत्सुकता भले न हो,लेकिन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक अहम ऐलान कर सबका ध्यान जरूर खींचा है। वो ये कि कांग्रेस २०२२ के विधानसभा चुनाव में ४० फीसदी टिकट महिलाओं को ही देगी। प्रियंका … Read more

आत्मा के परमात्मा से मिलन का भक्ति पर्व ‘महारास’

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** शरद पूर्णिमा विशेष… भगवान कृष्ण के महारास को समझने के लिए विवेक पूर्ण विवेचन की अत्यंत आवश्यकता है। ‘रास’ शब्द संस्कृत के ‘रस’ से उत्तपन्न हुआ है, जिसका शाब्दिक अर्थ है-निचोड़,तत्व-अर्क,आनन्द। काव्य में जो आनन्द आता है,वह ही काव्य का रस है। काव्य में आने वाला आनन्द अर्थात् रस सामान्यतः लौकिक ही … Read more

भारत की तरफ से ठोस पहल हो

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर ने अलग-अलग मौकों पर अफगानिस्तान के बारे में जो भी कहा है,वह शत-प्रतिशत सही है लेकिन आश्चर्य है कि भारत की तरफ से कोई ठोस पहल क्यों नहीं है ? २० प्रमुख देशों के जी-२० सम्मेलन में दिया गया नरेंद्र मोदी का भाषण अफगानिस्तान की … Read more

आओ,अमृत पान करें

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ****************************************************** शरद पूर्णिमा विशेष…. ‘चंदा से झरता अमिय,देता जो उल्लास।किरणें सुख को बाँटती,जीने का अहसास॥’शरद पूर्णिमा,जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं;हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को कहते हैं। ज्‍योतिष के अनुसार-पूरे साल में केवल इसी दिन चन्द्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा … Read more

ईश्वर संग हमारी आस्था,यही सत्यता

सतीश ‘बब्बा’चित्रकूट(उत्तरप्रदेश)************************************************* ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. ‘ई’ और ‘स्वर’ से बना यह ईश्वर शब्द, भारतीय जनमानस की आस्था का केंद्र है। बहुत पहले से ईश्वर और हमारी आस्था पर बहस,शोध होते रहे हैं।ईश्वर कहाँ है,ईश्वर क्या है,ईश्वर कैसा है ?,आज तक मात्र कल्पनाओं का पुलिंदा है,किसी ने ईश्वर को देखा नहीं है! ईश्वर … Read more

भौतिकवाद युग में ईश्वर व आस्था का तोल-मोल

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. हे भगवान! हे भगवान! कैसी है तेरी शान,तूने सूरज-चाँद सजाए,धरती और आकाश बनाए।मनुष्य-मनोवृत्ति की गंध में ईश्वर का मानवीय साक्षात् दर्शन करने या ईश्वर की बनाई सृष्टि के रहस्यों को खोजने की प्रथम उत्सुकता व जिज्ञासा सदैव से रही है। ब्रह्मांड व सृष्टि का रचयिता … Read more